PSERC Regulations 60अध्याय XI · Chapter XI
धारा 60 · जुर्माना और शुल्क लगाना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
आयोग किसी शिकायत प्राप्त होने पर या स्वयं ही जुर्माना और शुल्क लगाने तथा मुआवजे के प्रावधान हेतु कार्यवाही प्रारंभ कर सकता है, यदि आयोग का यह मत हो कि ज्ञात तथ्य प्रथम दृष्टया किसी उत्पादन कंपनी, लाइसेंसधारी या अन्य व्यक्ति द्वारा अधिनियम के किसी प्रावधान या आवश्यकता तथा उसके अंतर्गत निर्मित किसी नियम या विनियम तथा आयोग के निर्देशों या आदेशों का अनुपालन न करने या उल्लंघन करने का गठन करते हैं।(2)
यदि आयोग प्राप्त सूचना के आधार पर या अन्यथा यह निर्णय लेता है कि मामले में आगे बढ़ने का प्रथम दृष्टया कारण है, तो मामला दर्ज किया जाएगा और उप-खंड (1) के तहत अनुपालन न करने या उल्लंघन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उचित समय के भीतर कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा कि आयोग उस पर जुर्माना या शुल्क क्यों न लगाए। नोटिस में उक्त व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोप का सार, विशेष रूप से कथित अनुपालन न करने या उल्लंघन के संदर्भ में बताया जाएगा।(3)
उपस्थिति के लिए नोटिस में निर्धारित तिथि पर, आयोग अनुपालन न करने या उल्लंघन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या उसके अधिकृत प्रतिनिधि को, ऐसे व्यक्ति द्वारा किए गए अनुपालन न करने या उल्लंघन की प्रकृति समझाएगा।(4)
जहां अनुपालन न करने या उल्लंघन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति नोटिस के जवाब में उपस्थित होता है और लिखित ज्ञापन द्वारा आरोप की सत्यता स्वीकार करता है, तो आयोग जवाब दर्ज करेगा और अधिनियम तथा आयोग द्वारा इस उद्देश्य के लिए बनाए गए विनियमों के प्रावधानों के अनुसार आयोग द्वारा उचित समझे जाने वाले ऐसे जुर्माने या शुल्क लगा सकता है और प्रभावित व्यक्ति को मुआवजा भी दे सकता है।(5)
जहां गैर-अनुपालन या उल्लंघन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति उपस्थिति में कथित उल्लंघन या गैर-अनुपालन को स्वीकार नहीं करता है और सुनवाई की मांग करता है, तो आयोग अधिनियम और इन विनियमों के प्रावधानों के अनुसार मामले की सुनवाई करेगा।(6)
यदि कोई व्यक्ति जिसे नोटिस जारी किया गया है, सुनवाई के लिए निर्धारित तिथि या किसी बाद की तिथि पर, जिस पर कार्यवाही स्थगित की गई हो, आयोग के समक्ष उचित कारण के बिना उपस्थित होने में विफल रहता है, तो आयोग अपने विवेक पर ऐसे व्यक्ति की अनुपस्थिति में मामले की कार्यवाही एकतरफा रूप से कर सकता है।(7)
आयोग शिकायतकर्ता की बात सुनेगा और मामले के समर्थन में प्रस्तुत किए गए मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य, या हलफनामे के रूप में साक्ष्य लेगा तथा शिकायतकर्ता और अनुपालन न करने या उल्लंघन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा अपने बचाव में प्रस्तुत किए गए सभी साक्ष्य लेगा। यदि आयोग को सूचना प्राप्त होने पर कार्यवाही शुरू की गई है, तो वह अपने किसी अधिकारी को मामले में शिकायतकर्ता के रूप में कार्य करने और मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है।(8)
आयोग को कार्यवाही के किसी भी चरण में, किसी भी ऐसे व्यक्ति को बुलाने और उसकी उपस्थिति को लागू करने का अधिकार होगा जो मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित प्रतीत होता हो, ताकि वह साक्ष्य दे सके या कोई ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत कर सके जो आयोग की राय में कार्यवाही के विषय से संबंधित या प्रासंगिक प्रतीत होता हो।इस धारा पर आपका निजी नोट
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