POCSO 4अध्याय II · A.--penetrative Sexual Assault and Punishment Therefor
धारा 4 · यौन उत्पीड़न के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [(1)] जो कोई भी प्रवेशी यौन हमला करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि 2 [दस वर्ष] से कम नहीं होगी, लेकिन जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
3 [(2) जो कोई सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चे पर यौन उत्पीड़न करता है, उसे कम से कम बीस वर्ष की अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(3) उपधारा (1) के तहत लगाया गया जुर्माना उचित और न्यायसंगत होगा और पीड़ित को उसके चिकित्सा व्यय और पुनर्वास के लिए भुगतान किया जाएगा।]
3 [(2) जो कोई सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चे पर यौन उत्पीड़न करता है, उसे कम से कम बीस वर्ष की अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(3) उपधारा (1) के तहत लगाया गया जुर्माना उचित और न्यायसंगत होगा और पीड़ित को उसके चिकित्सा व्यय और पुनर्वास के लिए भुगतान किया जाएगा।]
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 10 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- विशेष न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
