MSMED Act 4अध्याय II · National Board for Micro, Small and Medium Enterprises
धारा 4 · बोर्ड से सदस्य को हटाना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार बोर्ड के किसी सदस्य को उससे हटा सकती है, यदि वह—
(क) दिवालिया घोषित किया गया है, या किसी भी समय दिवालिया घोषित किया गया है; या
(ख) मानसिक रूप से अस्वस्थ है, या हो जाता है, और सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया गया है; या
(ग) बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करने से इनकार करता है या कार्य करने में असमर्थ हो जाता है; या
(घ) ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, जो केंद्र सरकार की राय में नैतिक पतन से संबंधित हो; या
(ई) केंद्र सरकार की राय में, उसने बोर्ड के सदस्य के रूप में अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग किया है कि बोर्ड में उसका बने रहना आम जनता के हितों के लिए हानिकारक है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, किसी सदस्य को उस उपधारा के खंड (ग) से (ई) में निर्दिष्ट आधारों पर उसके पद से नहीं हटाया जाएगा, जब तक कि उसे मामले में सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
(क) दिवालिया घोषित किया गया है, या किसी भी समय दिवालिया घोषित किया गया है; या
(ख) मानसिक रूप से अस्वस्थ है, या हो जाता है, और सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया गया है; या
(ग) बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करने से इनकार करता है या कार्य करने में असमर्थ हो जाता है; या
(घ) ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, जो केंद्र सरकार की राय में नैतिक पतन से संबंधित हो; या
(ई) केंद्र सरकार की राय में, उसने बोर्ड के सदस्य के रूप में अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग किया है कि बोर्ड में उसका बने रहना आम जनता के हितों के लिए हानिकारक है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, किसी सदस्य को उस उपधारा के खंड (ग) से (ई) में निर्दिष्ट आधारों पर उसके पद से नहीं हटाया जाएगा, जब तक कि उसे मामले में सुनवाई का उचित अवसर न दिया गया हो।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
