MSMED Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "सलाहकार समिति" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (2) के अधीन केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति से है;
(ख) "नियुक्त दिन" से तात्पर्य किसी आपूर्तिकर्ता से क्रेता द्वारा किसी वस्तु या सेवा की स्वीकृति के दिन या स्वीकृति माने जाने के दिन से पंद्रह दिनों की अवधि की समाप्ति के तुरंत बाद आने वाले दिन से है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए,--
(i) “स्वीकृति दिवस” से तात्पर्य है,--
(क) माल की वास्तविक डिलीवरी या सेवाओं के प्रदान किए जाने का दिन; या
(ख) यदि माल की डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान के दिन से पंद्रह दिनों के भीतर खरीदार द्वारा माल या सेवाओं की स्वीकृति के संबंध में लिखित में कोई आपत्ति की जाती है, तो वह दिन जब आपूर्तिकर्ता द्वारा ऐसी आपत्ति दूर की जाती है;
(ii) "मानित स्वीकृति का दिन" का अर्थ है, यदि माल की डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान के दिन से पंद्रह दिनों के भीतर खरीदार द्वारा माल या सेवाओं की स्वीकृति के संबंध में लिखित में कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो माल की वास्तविक डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान का दिन;
(ग) "बोर्ड" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए राष्ट्रीय बोर्ड से है;
(घ) "खरीददार" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी आपूर्तिकर्ता से प्रतिफल के बदले कोई सामान खरीदता है या कोई सेवा प्राप्त करता है;
(ई) "उद्यम" से तात्पर्य किसी औद्योगिक उपक्रम या व्यावसायिक प्रतिष्ठान या किसी अन्य प्रतिष्ठान से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो उद्योग (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1951 (55 ऑफ 1951) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट किसी उद्योग से संबंधित वस्तुओं के निर्माण या उत्पादन में किसी भी प्रकार से संलग्न हो या किसी सेवा या सेवाओं के प्रावधान या प्रदान करने में संलग्न हो;
(f) "माल" से तात्पर्य कार्रवाई योग्य दावों और धन के अलावा हर प्रकार की चल संपत्ति से है;
(g) "मध्यम उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (iii) या खंड ( ख) के उपखंड (iii) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(h) "सूक्ष्म उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (i ) या खंड (ख) के उपखंड (i) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(i) "राष्ट्रीय बैंक" से तात्पर्य कृषि एवं ग्रामीण विकास राष्ट्रीय बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 51) की धारा 3 के अंतर्गत स्थापित कृषि एवं ग्रामीण विकास राष्ट्रीय बैंक से है;
(j) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है;
(k) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(एल) "रिजर्व बैंक" से तात्पर्य भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 3 के तहत गठित भारतीय रिजर्व बैंक से है;
(m) "लघु उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (ii) या खंड (ख) के उपखंड (ii) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(n) "आपूर्तिकर्ता" से तात्पर्य सूक्ष्म या लघु उद्यम से है, जिसने धारा 8 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्राधिकारी के पास ज्ञापन प्रस्तुत किया है, और इसमें निम्नलिखित शामिल हैं,--
(i) राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत पंजीकृत एक कंपनी है;
(ii) किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का लघु उद्योग विकास निगम, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत पंजीकृत कंपनी हो;
(iii) कोई कंपनी, सहकारी समिति, ट्रस्ट या निकाय, चाहे किसी भी नाम से जाना जाए, जो उस समय लागू किसी भी कानून के तहत पंजीकृत या गठित हो और सूक्ष्म या लघु उद्यमों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की बिक्री और ऐसे उद्यमों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के प्रावधान में संलग्न हो;
(ओ) "लघु उद्योग बैंक" से तात्पर्य लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1989 (39 ऑफ 1989) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत स्थापित लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया से है;
(पी) किसी केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में "राज्य सरकार" का अर्थ संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त उसका प्रशासक है।
(क) "सलाहकार समिति" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (2) के अधीन केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति से है;
(ख) "नियुक्त दिन" से तात्पर्य किसी आपूर्तिकर्ता से क्रेता द्वारा किसी वस्तु या सेवा की स्वीकृति के दिन या स्वीकृति माने जाने के दिन से पंद्रह दिनों की अवधि की समाप्ति के तुरंत बाद आने वाले दिन से है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए,--
(i) “स्वीकृति दिवस” से तात्पर्य है,--
(क) माल की वास्तविक डिलीवरी या सेवाओं के प्रदान किए जाने का दिन; या
(ख) यदि माल की डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान के दिन से पंद्रह दिनों के भीतर खरीदार द्वारा माल या सेवाओं की स्वीकृति के संबंध में लिखित में कोई आपत्ति की जाती है, तो वह दिन जब आपूर्तिकर्ता द्वारा ऐसी आपत्ति दूर की जाती है;
(ii) "मानित स्वीकृति का दिन" का अर्थ है, यदि माल की डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान के दिन से पंद्रह दिनों के भीतर खरीदार द्वारा माल या सेवाओं की स्वीकृति के संबंध में लिखित में कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो माल की वास्तविक डिलीवरी या सेवाओं के प्रावधान का दिन;
(ग) "बोर्ड" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए राष्ट्रीय बोर्ड से है;
(घ) "खरीददार" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है जो किसी आपूर्तिकर्ता से प्रतिफल के बदले कोई सामान खरीदता है या कोई सेवा प्राप्त करता है;
(ई) "उद्यम" से तात्पर्य किसी औद्योगिक उपक्रम या व्यावसायिक प्रतिष्ठान या किसी अन्य प्रतिष्ठान से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो उद्योग (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1951 (55 ऑफ 1951) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट किसी उद्योग से संबंधित वस्तुओं के निर्माण या उत्पादन में किसी भी प्रकार से संलग्न हो या किसी सेवा या सेवाओं के प्रावधान या प्रदान करने में संलग्न हो;
(f) "माल" से तात्पर्य कार्रवाई योग्य दावों और धन के अलावा हर प्रकार की चल संपत्ति से है;
(g) "मध्यम उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (iii) या खंड ( ख) के उपखंड (iii) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(h) "सूक्ष्म उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (i ) या खंड (ख) के उपखंड (i) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(i) "राष्ट्रीय बैंक" से तात्पर्य कृषि एवं ग्रामीण विकास राष्ट्रीय बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 51) की धारा 3 के अंतर्गत स्थापित कृषि एवं ग्रामीण विकास राष्ट्रीय बैंक से है;
(j) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है;
(k) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(एल) "रिजर्व बैंक" से तात्पर्य भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 3 के तहत गठित भारतीय रिजर्व बैंक से है;
(m) "लघु उद्यम" से तात्पर्य धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क) के उपखंड (ii) या खंड (ख) के उपखंड (ii) के अंतर्गत इस प्रकार वर्गीकृत उद्यम से है;
(n) "आपूर्तिकर्ता" से तात्पर्य सूक्ष्म या लघु उद्यम से है, जिसने धारा 8 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्राधिकारी के पास ज्ञापन प्रस्तुत किया है, और इसमें निम्नलिखित शामिल हैं,--
(i) राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत पंजीकृत एक कंपनी है;
(ii) किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का लघु उद्योग विकास निगम, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत पंजीकृत कंपनी हो;
(iii) कोई कंपनी, सहकारी समिति, ट्रस्ट या निकाय, चाहे किसी भी नाम से जाना जाए, जो उस समय लागू किसी भी कानून के तहत पंजीकृत या गठित हो और सूक्ष्म या लघु उद्यमों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की बिक्री और ऐसे उद्यमों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के प्रावधान में संलग्न हो;
(ओ) "लघु उद्योग बैंक" से तात्पर्य लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1989 (39 ऑफ 1989) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत स्थापित लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया से है;
(पी) किसी केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में "राज्य सरकार" का अर्थ संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन नियुक्त उसका प्रशासक है।
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