MSMED Act 29अध्याय VI · Miscellaneous
धारा 29 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल, रिक्तियों को भरने का तरीका और धारा 3 की उपधारा (4) के अधीन बोर्ड के सदस्यों द्वारा कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया;
(ख) धारा 6 के अधीन सदस्य-सचिव की शक्तियां एवं कार्य;
(ग) धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन निधि का प्रशासन किस प्रकार किया जा सकता है;
(घ) वे मानदंड जिनके आधार पर धारा 14 की उपधारा (3) के अंतर्गत राशियाँ जारी की जा सकती हैं;
(ई) धारा 26 की उपधारा (2) के अधीन प्रस्तुत की जाने वाली सूचना और वह प्रपत्र जिसमें इसे प्रस्तुत किया जाना है; और
(f) कोई अन्य मामला जो इस अधिनियम के अधीन निर्धारित किया जाना है या किया जा सकता है।
(3) धारा 9 के तहत जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना और इस धारा के तहत केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, जारी होने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में शामिल हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन अधिसूचना या नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि अधिसूचना या नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो अधिसूचना या नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस अधिसूचना या नियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल, रिक्तियों को भरने का तरीका और धारा 3 की उपधारा (4) के अधीन बोर्ड के सदस्यों द्वारा कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया;
(ख) धारा 6 के अधीन सदस्य-सचिव की शक्तियां एवं कार्य;
(ग) धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन निधि का प्रशासन किस प्रकार किया जा सकता है;
(घ) वे मानदंड जिनके आधार पर धारा 14 की उपधारा (3) के अंतर्गत राशियाँ जारी की जा सकती हैं;
(ई) धारा 26 की उपधारा (2) के अधीन प्रस्तुत की जाने वाली सूचना और वह प्रपत्र जिसमें इसे प्रस्तुत किया जाना है; और
(f) कोई अन्य मामला जो इस अधिनियम के अधीन निर्धारित किया जाना है या किया जा सकता है।
(3) धारा 9 के तहत जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना और इस धारा के तहत केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, जारी होने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में शामिल हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन अधिसूचना या नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि अधिसूचना या नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो अधिसूचना या नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस अधिसूचना या नियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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