MSMED Act 18अध्याय V · Delayed Payments to Micro and Small Enterprises
धारा 18 · सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद का संदर्भ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, विवाद का कोई पक्षकार धारा 17 के तहत देय किसी राशि के संबंध में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद को संदर्भ दे सकता है।
(2) उपधारा (1) के तहत संदर्भ प्राप्त होने पर, परिषद या तो स्वयं मामले में सुलह कराएगी या सुलह कराने के लिए किसी संस्था या केंद्र को संदर्भ भेजकर वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करने वाली किसी संस्था या केंद्र की सहायता लेगी और मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 (26 ऑफ 1996) की धारा 65 से 81 के प्रावधान ऐसे विवाद पर लागू होंगे मानो सुलह उस अधिनियम के भाग III के तहत शुरू की गई हो।
(3) जहां उपधारा (2) के तहत शुरू की गई सुलह सफल नहीं होती है और पक्षों के बीच किसी समझौते के बिना समाप्त हो जाती है, तो परिषद या तो स्वयं विवाद को मध्यस्थता के लिए लेगी या उसे किसी ऐसे संस्थान या केंद्र को संदर्भित करेगी जो ऐसी मध्यस्थता के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करता हो और मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (26 ऑफ 1996) के प्रावधान विवाद पर इस प्रकार लागू होंगे मानो मध्यस्थता उस अधिनियम की धारा 7 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट मध्यस्थता समझौते के अनुसरण में की गई हो।
(4) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद या वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करने वाले केंद्र को इस धारा के अंतर्गत मध्यस्थ या सुलहकर्ता के रूप में कार्य करने का अधिकार होगा, यदि विवाद उसके अधिकार क्षेत्र में स्थित आपूर्तिकर्ता और भारत में कहीं भी स्थित खरीदार के बीच हो।
(5) इस धारा के अंतर्गत किए गए प्रत्येक संदर्भ का निर्णय ऐसे संदर्भ किए जाने की तिथि से नब्बे दिनों की अवधि के भीतर किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) के तहत संदर्भ प्राप्त होने पर, परिषद या तो स्वयं मामले में सुलह कराएगी या सुलह कराने के लिए किसी संस्था या केंद्र को संदर्भ भेजकर वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करने वाली किसी संस्था या केंद्र की सहायता लेगी और मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 (26 ऑफ 1996) की धारा 65 से 81 के प्रावधान ऐसे विवाद पर लागू होंगे मानो सुलह उस अधिनियम के भाग III के तहत शुरू की गई हो।
(3) जहां उपधारा (2) के तहत शुरू की गई सुलह सफल नहीं होती है और पक्षों के बीच किसी समझौते के बिना समाप्त हो जाती है, तो परिषद या तो स्वयं विवाद को मध्यस्थता के लिए लेगी या उसे किसी ऐसे संस्थान या केंद्र को संदर्भित करेगी जो ऐसी मध्यस्थता के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करता हो और मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (26 ऑफ 1996) के प्रावधान विवाद पर इस प्रकार लागू होंगे मानो मध्यस्थता उस अधिनियम की धारा 7 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट मध्यस्थता समझौते के अनुसरण में की गई हो।
(4) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद या वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करने वाले केंद्र को इस धारा के अंतर्गत मध्यस्थ या सुलहकर्ता के रूप में कार्य करने का अधिकार होगा, यदि विवाद उसके अधिकार क्षेत्र में स्थित आपूर्तिकर्ता और भारत में कहीं भी स्थित खरीदार के बीच हो।
(5) इस धारा के अंतर्गत किए गए प्रत्येक संदर्भ का निर्णय ऐसे संदर्भ किए जाने की तिथि से नब्बे दिनों की अवधि के भीतर किया जाएगा।
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