DPDP Act 32अध्याय VII · Appeal and Alternate Dispute Resolution
धारा 32 · स्वैच्छिक उपक्रम।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) बोर्ड धारा 28 के तहत कार्यवाही के किसी भी चरण में किसी भी व्यक्ति से इस अधिनियम के प्रावधानों के पालन से संबंधित किसी भी मामले के संबंध में स्वैच्छिक वचन स्वीकार कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट स्वैच्छिक वचन में बोर्ड द्वारा निर्धारित समय के भीतर ऐसी कार्रवाई करने, या ऐसी कार्रवाई करने से परहेज करने, और/या ऐसे वचन का प्रचार करने का वचन शामिल हो सकता है।
(3) बोर्ड स्वैच्छिक वचन स्वीकार करने के बाद और स्वैच्छिक वचन देने वाले व्यक्ति की सहमति से स्वैच्छिक वचन में शामिल शर्तों को बदल सकता है।
(4) बोर्ड द्वारा स्वैच्छिक उपक्रम की स्वीकृति, स्वैच्छिक उपक्रम की विषयवस्तु के संबंध में इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही पर रोक लगाएगी, सिवाय उपधारा (5) के अंतर्गत आने वाले मामलों के।
(5) यदि कोई व्यक्ति बोर्ड द्वारा स्वीकृत स्वैच्छिक वचनबद्धता की किसी शर्त का पालन करने में विफल रहता है, तो ऐसा उल्लंघन इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा और बोर्ड, ऐसे व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद, धारा 33 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट स्वैच्छिक वचन में बोर्ड द्वारा निर्धारित समय के भीतर ऐसी कार्रवाई करने, या ऐसी कार्रवाई करने से परहेज करने, और/या ऐसे वचन का प्रचार करने का वचन शामिल हो सकता है।
(3) बोर्ड स्वैच्छिक वचन स्वीकार करने के बाद और स्वैच्छिक वचन देने वाले व्यक्ति की सहमति से स्वैच्छिक वचन में शामिल शर्तों को बदल सकता है।
(4) बोर्ड द्वारा स्वैच्छिक उपक्रम की स्वीकृति, स्वैच्छिक उपक्रम की विषयवस्तु के संबंध में इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही पर रोक लगाएगी, सिवाय उपधारा (5) के अंतर्गत आने वाले मामलों के।
(5) यदि कोई व्यक्ति बोर्ड द्वारा स्वीकृत स्वैच्छिक वचनबद्धता की किसी शर्त का पालन करने में विफल रहता है, तो ऐसा उल्लंघन इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा और बोर्ड, ऐसे व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद, धारा 33 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही कर सकता है।
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