बीएनएस → आईपीसी
42 प्रविष्टियाँ
परिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंसरकार''।
1 [17 “सरकार”। --“सरकार” शब्द केंद्र सरकार या किसी राज्य की सरकार को दर्शाता है।]
पूरा पढ़ेंकिसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य जो कानून द्वारा न्यायसंगत ठहराया गया हो, या जिसने तथ्य की गलती से स्वयं को कानून द्वारा न्यायसंगत मान लिया हो।
कोई भी कार्य अपराध नहीं है यदि वह किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जिसे कानून द्वारा न्यायोचित ठहराया गया हो, या जो किसी तथ्य की गलती के कारण और कानून की गलती के कारण नहीं, सद्भावना से यह मानता हो कि वह कार्य करने में कानून द्वारा न्यायोचित है। चित्रण A, Z को हत्या करते हुए देखता है। A, अपने विवेक और सद्भावना के…
पूरा पढ़ेंधारा 79 - विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य
विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य कोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए, जो उसे करने के लिए विधि द्वारा न्यायानुमत हो, या तथ्य की भूल के कारण, न कि विधि की भूल के कारण सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि वह उसे करने…
पूरा पढ़ेंउम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए— (क) “उम्मीदवार” से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया हो; (ख) “चुनावी अधिकार” से तात्पर्य किसी व्यक्ति के उम्मीदवार के रूप में खड़े होने, या न खड़े होने, या उम्मीदवार होने से पीछे हटने, या चुनाव में मतदान करने या मतदान से परहेज करने के…
पूरा पढ़ेंधारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
“अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए - (क) “अभ्यर्थी” से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है ; (ख) “निर्वाचन अधिकार” से किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में खड़े होने या खड़े न होने या अभ्यर्थना से अपना नाम वापल लेने या मत देने या मत…
पूरा पढ़ेंरिश्वतखोरी।
(1) जो कोई भी— (i) किसी व्यक्ति को किसी चुनावी अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से या किसी व्यक्ति को ऐसे किसी अधिकार का प्रयोग करने के लिए पुरस्कृत करने के उद्देश्य से कोई रिश्वत देता है; या (ii) यदि कोई व्यक्ति स्वयं के लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए किसी ऐसे अधिकार का प्रयोग करने के पुरस्कार…
पूरा पढ़ेंधारा 171B - रिश्वत
रिश्वत (1) जो कोई - (A) किसी व्यक्ति को इस उद्देश्य से परितोषण देता है कि वह उस व्यक्ति को या किसी अन्य व्यक्ति को किसी निर्वाचन अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करे या किसी व्यक्ति को इसलिए इनाम दे कि उसने ऐसे अधिकार का प्रयोग किया है, अथवा (B) सवयं अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई परितोषण ऐसे किसी…
पूरा पढ़ेंचुनावों में अनुचित प्रभाव।
(1) जो कोई भी स्वेच्छा से किसी चुनावी अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप करता है या हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है, वह चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने का अपराध करता है। (2) उपधारा (1) के प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जो कोई भी— (क) किसी उम्मीदवार या मतदाता को, या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसमें…
पूरा पढ़ेंधारा 171C - निर्वाचनों में असम्यक असर डालना
निर्वाचनों में असम्यक असर डालना (1) जो कोई किसी निर्वाचन अधिकार के निर्बांध प्रयोग में स्वेच्छया हस्तक्षेप कर्ता है या हस्तक्षेप करने का प्रयत्न कर्ता है, वह निर्वाचन में असम्यक असर डालने का अपराध कर्ता है । (2) उपधारा (1) के उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जो कोई - (क) किसी अभ्यर्थी या मतदाता को, या…
पूरा पढ़ेंचुनाव में प्रतिरूपण।
जो कोई भी चुनाव में किसी अन्य व्यक्ति, चाहे वह जीवित हो या मृत, के नाम पर या किसी काल्पनिक नाम पर मतदान पत्र के लिए आवेदन करता है, या जो ऐसे चुनाव में एक बार मतदान कर चुका है और उसी चुनाव में अपने नाम पर मतदान पत्र के लिए आवेदन करता है, और जो कोई भी किसी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार से मतदान करने में सहायता करता है, उसे…
पूरा पढ़ेंधारा 171D - निर्वाचनों में प्रतिरूपण
निर्वाचनों में प्रतिरूपण जो कोई किसी निर्वाचन में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, चाहे वह जीवित हो या मॄत, या किसी कल्पित नाम से, मतपत्र के लिए आवेदन कर्ता या मत देता है, या ऐसे निर्वाचन में एक बार मत दे चुकने के पश्यात उसी निर्वाचन में अपने नाम से मत-पत्र के लिए आवेदन कर्ता है, और जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे…
पूरा पढ़ेंरिश्वतखोरी के लिए सजा।
रिश्वतखोरी का अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को एक वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा। इस प्रकार कि रिश्वतखोरी करने पर केवल जुर्माना ही लगाया जाएगा। स्पष्टीकरण.—“उपहार देना” से तात्पर्य रिश्वतखोरी के उस रूप से है जिसमें संतुष्टि भोजन, पेय पदार्थ, मनोरंजन या…
पूरा पढ़ेंधारा 171E - रिश्वत के लिए दण्ड
रिश्वत के लिए दण्ड जो कोई रिश्वत का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भांत के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा : परंतु सत्कार के रूप में रिश्वत केवल जुर्माने से ही दण्डित की जाएगी । स्पष्टीकरण - “सत्कार” से रिश्वत का वह रूप अभिप्रेत है जो परितोषण, खाद्य,…
पूरा पढ़ेंचुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण करने पर दंड।
जो कोई भी चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण का अपराध करता है, उसे एक वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 171F - निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड
निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड जो कोई किसी निर्वाचन में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंचुनाव के संबंध में झूठा बयान।
जो कोई भी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र या आचरण के संबंध में कोई ऐसा बयान देता है या प्रकाशित करता है जो तथ्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है लेकिन वह झूठा है और जिसे वह या तो झूठा मानता है या सच नहीं मानता है, उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 171G - निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन
निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन जो कोई निर्वाचन के परिणाम पर प्रभाव डालने के आशय से किसी अभ्यर्थी के वैयक्तिक शील या आचरण के संबंध में तथ्य का कथन तात्पर्यित होने वाला कोई ऐसा कथन करेगा या प्रकाशित करेगा, जो मिथ्या है, और जिसका मिथ्या होना वह जानता या विश्वास कर्ता है अथवा जिसके सत्य होने का वह विश्वास नहीं कर्ता…
पूरा पढ़ेंचुनाव के संबंध में अवैध भुगतान।
जो कोई भी उम्मीदवार के लिखित सामान्य या विशेष प्राधिकरण के बिना किसी सार्वजनिक सभा के आयोजन, किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन, या किसी अन्य तरीके से ऐसे उम्मीदवार के चुनाव को बढ़ावा देने या सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यय करता है या अधिकृत करता है, उसे दस हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा। बशर्ते कि…
पूरा पढ़ेंधारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय जो कोई किसी अभ्यर्थी के साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करेगा या करना प्राधिकॄत करेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ…
पूरा पढ़ेंचुनाव खातों को बनाए रखने में विफलता।
जो कोई भी, किसी भी लागू कानून या कानून के समान बल रखने वाले किसी नियम द्वारा चुनाव के दौरान या उससे संबंधित व्यय का हिसाब रखने के लिए बाध्य होने पर, ऐसा हिसाब रखने में विफल रहता है, तो उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
पूरा पढ़ेंधारा 171I - निर्वाचन लेखा रखने में असफलता
निर्वाचन लेखा रखने में असफलता जो कोई किसी तत्समय प्रवृत्त विधि द्वारा या विधि का बल रखने वाले किसी नियम द्वारा इसके लिए अपेक्षित होते हुए कि वह निर्वाचन में या निर्वाचन के संबंध में किए गए व्ययों का लेखा रखे, ऐसा लेखा रखने में असफल रहेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 231 - सिक्के का कूटकरण
सिक्के का कूटकरण जो कोई सिक्के का कूटकरण करेगा या जानते हुए सिक्के के कूटकरण की प्रक्रिया के किसी भाग को करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा । स्पष्टीकरण - जो व्यक्ति असली सिक्के को किसी भिन्न सिक्के के जैसा दिखलाई देने…
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 255 - सरकारी स्टाम्प का कूटकरण
सरकारी स्टाम्प का कूटकरण जो कोई सरकार द्वारा राजस्व के प्रयोजन के लिए प्रचालित किसी स्टाम्प का कूटकरण करेगा या जानते हुए उसके कूटकरण की प्रक्रिया के किसी भाग को करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।…
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 489A - करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण
करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण जो कोई किसी करेन्सी नोट या बैंक नोट का कूटकरण करेगा, या जानते हुए करेन्सी नोट या बैंक नोट के कूटकरण की प्रक्रिया के किसी भाग को सम्पादित करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी…
पूरा पढ़ेंधारा 178 (स्पष्टीकरण (1))
(1) "बैंक-नोट” पद से वचन-पत्र या मांग पर धारक को धन के संदाय हैतु व्यवस्था अभिप्रेत है जो विश्व के किसी भी भाग में बैंककारी कारबार करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जारी या किसी राज्य या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न शक्ति के प्राधिकार द्वारा जारी और प्राधिकार के अधीन प्रचालित धन के स्थान पर या उसके समतुल्य प्रयोग किए जाने…
पूरा पढ़ेंधारा 489क का स्पष्टीकरण
स्पष्टीकरण - इस धारा के और धारा 489ख, 489ग, 489घ और 489ङ के प्रयोजनों के लिए “बैंक नोट” पद से उसके वाहक को मांग पर धन देने के लिए ऐसा वचनपत्र या वचनबंध अभिप्रेत है, जो संसार के किसी भी भाग में बैंककारी करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा प्रचालित किया गया हो, या किसी राज्य या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न शक्ति द्वारा या उसके…
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 230 - “सिक्का” की परिभाषा
“सिक्का” की परिभाषा सिक्का, तत्समय धन के रूप में उपयोग में लाई जा रही और इस प्रकार उपयोग में लाए जाने के लिए किसी राज्य या संपूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न शक्ति के प्राधिकार द्वारा, स्टाम्पित और प्रचालित धातु है । भारतीय सिक्का - भारतीय सिक्का धन के रूप में उपयोग में लाए जाने के लिए भारत सरकार के प्राधिकार द्वारा स्टाम्पित…
पूरा पढ़ेंधारा 178 (स्पष्टीकरण (3))
(3) कोई व्यक्ति “सरकारी स्टाम्प कूटकरण” का अपराध करेगा, जो एक अंकित मूल्य के असली स्टाम्प को किसी भिन्न अंकित मूल्य के असली स्टाम्प जैसा दिखाई देने का कूटकरण करता है ;
पूरा पढ़ेंधारा 255 का स्पष्टीकरण
स्पष्टीकरण - वह व्यक्ति इस अपराध को करता है, जो एक अभिधान के किसी असली स्टाम्प को भिन्न अभिधान के असली स्टाम्प के समान दिखाई देने वाला बना कर कूटकरण करता है ।
धारा 178 (स्पष्टीकरण (4))
(4) जो व्यक्ति असली सिक्के को किसी भिन्न सिक्के के जैसा दिखाई देने वाला इस आशय से बनाता है कि प्रवंचना की जाए या यह संभाव्य जानते हुए बनाता है कि 'तद्द॒वारा प्रवंचना की जाएगी, वह यह सिक्के के कूटकरण का अपराध करता है ; और
पूरा पढ़ेंधारा 231 का स्पष्टीकरण
स्पष्टीकरण - जो व्यक्ति असली सिक्के को किसी भिन्न सिक्के के जैसा दिखलाई देने वाला इस आशय से बनाता है कि प्रवंचना की जाए या यह संभाव्य जानते हुए बनाता है कि तद्द्वारा प्रवंचना की जाएगी, वह यह अपराध करता है ।
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 246 - कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी सिक्के पर कोई ऐसी क्रिया करेगा, जिससे उस सिक्के का वजन कम हो जाए या उसका मिश्रण परिवर्तित हो जाए वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने से भी…
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 248 - इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए जो कोई किसी सिक्के पर इस आशय से कि वह सिक्का भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए, कोई ऐसी क्रिया करेगा, जिससे उस सिक्के का रूप परिवर्तित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी,…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के का यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकॄत है, भारत में आयात करेगा या भारत से निर्यात करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 238 - भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात
भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह भारतीय सिक्के की कूटकॄति है, भारत में आयात करेगा या भारत से निर्यात करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 239 - सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था जो कोई अपने पास कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का होते हुए जिसे वह उस समय, जब वह उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह कूटकॄत है, कपटपूर्वक, या इस आशय से कि कपट किया जाए, उसे किसी व्यक्ति को परिदत्त करेगा या किसी व्यक्ति को उसे लेने के लिए उत्प्रेरित करने का प्रयत्न…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 240 - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था जो कोई अपने पास कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का होते हुए, जो भारतीय सिक्के की कूटकॄति हो और जिसे वह उस समय, जब वह उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह भारतीय सिक्के की कूटकॄति है, कपटपूर्वक, या इस आशय से कि कपट किया जाए, उसे किसी व्यक्ति को परिदत्त…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 241 - किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था
किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था जो कोई किसी दूसरे व्यक्ति को कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का, जिसका कूटकॄत होना वह जानता हो, किन्तु जिसका वह उस समय, जब उसने उसे अपने कब्जे में लिया, कूटकॄत होना नहीं जानता था, असली सिक्के…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 250 - ऐसे सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
ऐसे सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है जो कोई किसी ऐसे सिक्के को कब्जे में रखते हुए, जिसके बारे में धारा 246 या 248 में परिभाषित अपराध किया गया हो, और जिसके बारे में उस समय, जब वह सिक्का उसके कब्जे में आया था, वह यह जानता था कि ऐसा अपराध उसके बारे में किया गया है,…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 251 - भारतीय सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
भारतीय सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है जो कोई किसी ऐसे सिक्के को कब्जे में रखते हुए, जिसके बारे में धारा 247 या 249 में परिभाषित अपराध किया गया हो, और जिसके बारे में उस समय, जब वह सिक्का उसके कब्जे में आया था, वह यह जानता था कि ऐसा अपराध उसके बारे में किया गया है,…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 254 - सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, परिवर्तित होना नहीं जानता था
सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, परिवर्तित होना नहीं जानता था जो कोई किसी दूसरे व्यक्ति को कोई सिक्का, जिसके बारे में वह जानता हो कि कोई ऐसी क्रिया , जैसी धारा 246, 247, 248 या 249 में वर्णित है, की जा चुकी है, किन्तु जिसके बारे में वह उस समय,…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 258 - कूटकृत सरकारी स्टाम्प का विक्रय
कूटकृत सरकारी स्टाम्प का विक्रय जो कोई किसी ऐसे स्टाम्प को, जिसके बारे में वह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह राजस्व के प्रयोजन के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए किसी स्टाम्प का कूटकृत है, बेचेगा या विक्रय के लिए प्रस्थापित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 260 - किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना
किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना जो कोई किसी ऐसे स्टाम्प को, जिसे वह जानता है कि वह सरकार द्वारा राजस्व के प्रयोजन के लिए प्रचालित स्टाम्प की कूटकॄति है, असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 489B - कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना
कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना जो कोई किसी कूटरचित या कूटकॄत करेन्सी नोट या बैंक नोट को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटरचित या कूटकॄत है, किसी अन्य व्यक्ति को बेचेगा या उससे खरीदेगा या प्राप्त करेगा या अन्यथा उसका दुर्व्यापार करेगा या असली के रूप…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक होने का नाटक करना।
जो कोई भी लोक सेवक के रूप में किसी विशेष पद का आशय जताता है, यह जानते हुए कि वह वास्तव में ऐसा पद धारण नहीं करता है, या ऐसे पद पर आसीन किसी अन्य व्यक्ति का झूठा प्रतिरूपण करता है, और ऐसे कल्पित चरित्र में उस पद की आड़ में कोई कार्य करता है या करने का प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा…
पूरा पढ़ेंधारा 170 - लोक सेवक का प्रतिरूपण
लोक सेवक का प्रतिरूपण जो कोई किसी विशिष्ट पद को लोक सेवक के नाते धारण करने का अपदेश यह जानते हुए करेगा कि वह ऐसा पद धारण नहीं करता है या ऐसा पद धारण करने वाले किसी अन्य व्यक्ति का छ्द्म प्रतिरूपण करेगा और ऐसे बनावटी रूप में ऐसे पदाभास से कोई कार्य करेगा या करने का प्रयत्न करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास…
पूरा पढ़ेंधोखाधड़ी के इरादे से लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त वस्त्र पहनना या टोकन ले जाना।
जो कोई भी, लोक सेवकों के एक निश्चित वर्ग से संबंधित न होते हुए, उस वर्ग के लोक सेवकों द्वारा प्रयुक्त किसी भी वस्त्र या वस्त्र से मिलते-जुलते किसी वस्त्र या चिह्न को धारण करता है, इस इरादे से कि यह विश्वास किया जाए, या इस ज्ञान के साथ कि ऐसा विश्वास किए जाने की संभावना है, कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग से संबंधित है,…
पूरा पढ़ेंधारा 171 - कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना
कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना जो कोई लोक सेवकों के किसी खास वर्ग का न होते हुए, इस आशय से कि यह विश्वास किया जाए, या इस ज्ञान से कि संभाव्य है कि यह विश्वास किया जाए, कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग का है, लोक सेवकों के उस वर्ग द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक के सद्रश पोशाक…
पूरा पढ़ेंसमन या अन्य कार्यवाही की तामील से बचने के लिए फरार हो जाना।
जो कोई भी किसी लोक सेवक द्वारा जारी किए गए समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार हो जाता है, जो कि लोक सेवक के रूप में ऐसे समन, नोटिस या आदेश जारी करने के लिए विधिवत रूप से सक्षम है,— (ए) उसे एक महीने तक की साधारण कारावास की सजा, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा; (ख) जहां ऐसा…
पूरा पढ़ेंधारा 172 - समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना जो कोई किसी ऐसे लोक सेवक द्वारा निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार हो जाएगा, जो ऐसे लोक सेवक के नाते ऐसे समन, सूचना या आदेश को निकालने के लिए वैध रूप से सक्षम हो, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो…
पूरा पढ़ेंसमन या अन्य कार्यवाही की तामील को रोकना, या उसके प्रकाशन को रोकना।
जो कोई भी जानबूझकर किसी भी तरह से स्वयं पर या किसी अन्य व्यक्ति पर किसी ऐसे लोक सेवक द्वारा जारी किए गए समन, नोटिस या आदेश की तामील होने से रोकता है, जो लोक सेवक के रूप में ऐसा समन, नोटिस या आदेश जारी करने के लिए विधिवत रूप से सक्षम है, या जानबूझकर किसी स्थान पर ऐसे समन, नोटिस या आदेश को विधिवत रूप से चिपकाने से रोकता…
पूरा पढ़ेंधारा 173 - समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना
समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा जो लोक सेवक उस नाते कोई समन, सूचना या आदेश निकालने के लिए वैध रूप से सक्षम हो निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील अपने पर या किसी अन्य व्यक्ति पर होना किसी प्रकार साशय निवारित करेगा, अथवा किसी ऐसे समन, सूचना या आदेश का…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक के आदेश का पालन न करना।
जो कोई भी, किसी लोक सेवक द्वारा जारी किए गए समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा के अनुपालन में किसी निश्चित स्थान और समय पर स्वयं या किसी प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए विधिवत बाध्य हो, और वह जानबूझकर उस स्थान या समय पर उपस्थित होने में चूक करता है या उस स्थान से प्रस्थान करने के वैध समय से पहले प्रस्थान करता है,…
पूरा पढ़ेंधारा 174 - लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना
लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा निकाले गए उस समन, सूचना, आदेश या उद्घोषणा के पालन में, जिसे ऐसे लोक सेवक के नाते निकालने के लिए वह वैध रूप से सक्षम हो, किसी निश्चित स्थान और समय पर स्वयं या अभिकर्ता द्वारा हाजिर होने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, उस स्थान या समय पर हाजिर होने का…
पूरा पढ़ेंभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के तहत एक उद्घोषणा के जवाब में गैर-उपस्थिति।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 की उपधारा (1) के तहत प्रकाशित उद्घोषणा के अनुसार निर्दिष्ट स्थान और निर्दिष्ट समय पर उपस्थित होने में जो भी विफल रहता है, उसे तीन वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों, या सामुदायिक सेवा से दंडित किया जाएगा, और जहां उस धारा की उपधारा (4) के तहत उसे घोषित अपराधी घोषित…
पूरा पढ़ेंधारा 174A - 1974 के अधिनियम 2 की धारा 82 के अधीन उद्घोषणा के उत्तर में गैर-हाजिरी
1974 के अधिनियम 2 की धारा 82 के अधीन उद्घोषणा के उत्तर में गैर-हाजिरी जो कोई दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 82 की उपधारा (1) के अधीन प्रकाशित किसी उद्घोषणा की अपेक्षानुसार विनिर्दिष्ट स्थान और विनिर्दिष्ट समय पर हाजिर होने में असफल रहेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों…
पूरा पढ़ेंकिसी लोक सेवक को दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में कानूनी रूप से बाध्य व्यक्ति द्वारा चूक करना।
जो कोई भी, किसी लोक सेवक को कोई दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख प्रस्तुत करने या सौंपने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए, जानबूझकर उसे प्रस्तुत करने या सौंपने में चूक करता है,— (क) उसे एक महीने तक की साधारण कारावास की सजा, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की सजा, या दोनों से दंडित किया जाएगा; (ख) और जहां दस्तावेज या…
पूरा पढ़ेंधारा 175 - दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने का लोप
दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने का लोप जो कोई किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को पेश करने या परिदत्त करने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, उसको इस प्रकार पेश करने या परिदत्त…
पूरा पढ़ेंकिसी लोक सेवक को सूचना या सूचना देने में कानूनी रूप से बाध्य व्यक्ति द्वारा चूक करना।
जो कोई भी, किसी लोक सेवक को किसी विषय पर कोई सूचना देने या जानकारी प्रदान करने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए, जानबूझकर कानून द्वारा अपेक्षित तरीके से और समय पर ऐसी सूचना देने या ऐसी जानकारी प्रदान करने में चूक करता है,—। (क) उसे एक महीने तक के साधारण कारावास या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया…
पूरा पढ़ेंधारा 176 - सूचना या इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप
सूचना या इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप जो कोई किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते किसी विषय पर कोई सूचना देने या इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, विधि द्वारा अपेक्षित प्रकार से और समय पर ऐसी सूचना या इत्तिला देने का साशय लोप करेगा, वह सादा…
पूरा पढ़ेंगलत जानकारी देना।
जो कोई भी, किसी लोक सेवक को किसी विषय पर सूचना प्रदान करने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए, उस विषय पर ऐसी सूचना को सत्य बताकर प्रस्तुत करता है जिसे वह जानता है या जिसके असत्य होने का उसे विश्वास करने का कारण है,— (क) उसे छह महीने तक की साधारण कारावास की सजा, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की सजा, या दोनों से दंडित…
पूरा पढ़ेंधारा 177 - मिथ्या इत्तिला देना
मिथ्या इत्तिला देना जो कोई किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते, किसी विषय पर इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, उस विषय पर ऐसी इत्तिला सच्ची के रूप में देगा, जिसका मिथ्या होना वह जानता है या जिसके मिथ्या होने का विश्वास करने का कारण रखता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से शपथ या प्रतिज्ञा लेने के लिए कहे जाने पर शपथ या प्रतिज्ञा लेने से इनकार करना।
जो कोई भी किसी लोक सेवक द्वारा सत्य कथन के लिए शपथ या प्रतिज्ञा लेने से इनकार करता है, जब लोक सेवक उसे ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से सक्षम हो, तो उसे छह महीने तक की साधारण कारावास या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 178 - शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए
शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए जो कोई सत्य कथन करने के लिए शपथ या प्रतिज्ञान द्वारा अपने आप को आबद्ध करने से इंकार करेगा, जबकि उससे अपने को इस प्रकार आबद्ध करने की अपेक्षा ऐसे लोक सेवक द्वारा की जाए जो यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हो…
पूरा पढ़ेंप्रश्न पूछने के लिए अधिकृत लोक सेवक के प्रश्नों का उत्तर देने से इनकार करना।
जो कोई भी लोक सेवक को किसी विषय पर सत्य बताने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए भी, उस लोक सेवक द्वारा अपनी विधिवत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उस विषय से संबंधित पूछे गए किसी प्रश्न का उत्तर देने से इनकार करता है, उसे छह महीने तक के साधारण कारावास या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 179 - प्रश्न करने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक का उत्तर देने से इंकार करना
प्रश्न करने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक का उत्तर देने से इंकार करना जो कोई किसी लोक सेवक से किसी विषय पर सत्य कथन करने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, ऐसे लोक सेवक की वैध शक्तियों के प्रयोग में उस लोक सेवक द्वारा उस विषय के बारे में उससे पूछे गए किसी प्रश्न का उत्तर देने से इंकार करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि…
पूरा पढ़ें- BNS §2(12)IPC §17
परिभाषाएँ।
सरकार''।
- BNS §17IPC §79
किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य जो कानून द्वारा न्यायसंगत ठहराया गया हो, या जिसने तथ्य की गलती से स्वयं को कानून द्वारा न्यायसंगत मान लिया हो।
धारा 79 - विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य
- BNS §169IPC §171A
उम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
धारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
- BNS §170IPC §171B
रिश्वतखोरी।
धारा 171B - रिश्वत
- BNS §171IPC §171C
चुनावों में अनुचित प्रभाव।
धारा 171C - निर्वाचनों में असम्यक असर डालना
- BNS §172IPC §171D
चुनाव में प्रतिरूपण।
धारा 171D - निर्वाचनों में प्रतिरूपण
- BNS §173IPC §171E
रिश्वतखोरी के लिए सजा।
धारा 171E - रिश्वत के लिए दण्ड
- BNS §174IPC §171F
चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण करने पर दंड।
धारा 171F - निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड
- BNS §175IPC §171G
चुनाव के संबंध में झूठा बयान।
धारा 171G - निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन
- BNS §176IPC §171Hबदलाव हुआ
चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान।
धारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
- BNS §177IPC §171Iबदलाव हुआ
चुनाव खातों को बनाए रखने में विफलता।
धारा 171I - निर्वाचन लेखा रखने में असफलता
- BNS §178IPC §231
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 231 - सिक्के का कूटकरण
- BNS §178IPC §255
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 255 - सरकारी स्टाम्प का कूटकरण
- BNS §178IPC §489A
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 489A - करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण
- BNS §178(1)IPC §Explanation to 489A
धारा 178 (स्पष्टीकरण (1))
धारा 489क का स्पष्टीकरण
BNS §178(1)IPC §Explanation to 489A - BNS §178(2)IPC §230
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 230 - “सिक्का” की परिभाषा
- BNS §178(3)IPC §Explanation to 255
धारा 178 (स्पष्टीकरण (3))
धारा 255 का स्पष्टीकरण
BNS §178(3)IPC §Explanation to 255 - BNS §178(4)IPC §Explanation to 231
धारा 178 (स्पष्टीकरण (4))
धारा 231 का स्पष्टीकरण
BNS §178(4)IPC §Explanation to 231 - BNS §178(5)IPC §246
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 246 - कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
- BNS §178(6)IPC §248
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 248 - इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
- BNS §179IPC §237
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
- BNS §179IPC §238
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 238 - भारतीय सिक्के की कूटकॄतियों का आयात या निर्यात
- BNS §179IPC §239
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 239 - सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
- BNS §179IPC §240
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 240 - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
- BNS §179IPC §241
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 241 - किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था
- BNS §179IPC §250
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 250 - ऐसे सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
- BNS §179IPC §251
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 251 - भारतीय सिक्के का परिदान जो इस ज्ञान के साथ कब्जे में आया हो कि उसे परिवर्तित किया गया है
- BNS §179IPC §254
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 254 - सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, परिवर्तित होना नहीं जानता था
- BNS §179IPC §258
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 258 - कूटकृत सरकारी स्टाम्प का विक्रय
- BNS §179IPC §260
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 260 - किसी सरकारी स्टाम्प को, कूटकॄत जानते हुए उसे असली स्टाम्प के रूप में उपयोग में लाना
- BNS §179IPC §489B
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 489B - कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना
- BNS §204IPC §170बदलाव हुआ
लोक सेवक होने का नाटक करना।
धारा 170 - लोक सेवक का प्रतिरूपण
- BNS §205IPC §171बदलाव हुआ
धोखाधड़ी के इरादे से लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त वस्त्र पहनना या टोकन ले जाना।
धारा 171 - कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना
- BNS §206IPC §172बदलाव हुआ
समन या अन्य कार्यवाही की तामील से बचने के लिए फरार हो जाना।
धारा 172 - समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
- BNS §207IPC §173बदलाव हुआ
समन या अन्य कार्यवाही की तामील को रोकना, या उसके प्रकाशन को रोकना।
धारा 173 - समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना
- BNS §208IPC §174बदलाव हुआ
लोक सेवक के आदेश का पालन न करना।
धारा 174 - लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना
- BNS §209IPC §174Aबदलाव हुआ
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के तहत एक उद्घोषणा के जवाब में गैर-उपस्थिति।
धारा 174A - 1974 के अधिनियम 2 की धारा 82 के अधीन उद्घोषणा के उत्तर में गैर-हाजिरी
- BNS §210IPC §175बदलाव हुआ
किसी लोक सेवक को दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में कानूनी रूप से बाध्य व्यक्ति द्वारा चूक करना।
धारा 175 - दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने का लोप
- BNS §211IPC §176बदलाव हुआ
किसी लोक सेवक को सूचना या सूचना देने में कानूनी रूप से बाध्य व्यक्ति द्वारा चूक करना।
धारा 176 - सूचना या इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप
- BNS §212IPC §177बदलाव हुआ
गलत जानकारी देना।
धारा 177 - मिथ्या इत्तिला देना
- BNS §213IPC §178बदलाव हुआ
लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से शपथ या प्रतिज्ञा लेने के लिए कहे जाने पर शपथ या प्रतिज्ञा लेने से इनकार करना।
धारा 178 - शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए
- BNS §214IPC §179बदलाव हुआ
प्रश्न पूछने के लिए अधिकृत लोक सेवक के प्रश्नों का उत्तर देने से इनकार करना।
धारा 179 - प्रश्न करने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक का उत्तर देने से इंकार करना
