SRFAESI Act 3अध्याय II · Regulation of Securitisation and Reconstruction of Financialassets of Banks and Financialinstitutions
धारा 3 · परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों का पंजीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
3. 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों] का पंजीकरण। --(1) कोई भी 2 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] प्रतिभूतिकरण या संपत्ति पुनर्निर्माण का व्यवसाय बिना पंजीकरण के शुरू या जारी नहीं रखेगी--
(क) इस धारा के अधीन प्रदत्त पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना; और
3 [(ख) कम से कम दो करोड़ रुपये या ऐसी अन्य उच्च राशि की शुद्ध स्वामित्व निधि रखना, जैसा कि रिजर्व बैंक अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकता है;]
बशर्ते कि रिजर्व बैंक अधिसूचना द्वारा 2 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों] के विभिन्न वर्गों के लिए स्वामित्व निधि की अलग-अलग राशि निर्दिष्ट कर सकता है:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर विद्यमान कोई [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी], प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की समाप्ति से पहले भारतीय रिजर्व बैंक को पंजीकरण हेतु आवेदन करेगी और इस उपधारा में किसी भी बात के होते हुए भी, वह प्रतिभूतिकरण या संपत्ति पुनर्निर्माण का व्यवसाय तब तक जारी रख सकती है जब तक उसे पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान नहीं किया जाता है या, जैसा भी मामला हो, पंजीकरण के लिए आवेदन की अस्वीकृति की सूचना उसे नहीं दी जाती है।
(2) प्रत्येक [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] रिजर्व बैंक को पंजीकरण के लिए आवेदन ऐसे प्रपत्र और तरीके से करेगी जैसा वह निर्दिष्ट करे।
(3) प्रतिभूतिकरण या परिसंपत्ति पुनर्निर्माण के व्यवसाय को प्रारंभ करने या चलाने के लिए किसी परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के पंजीकरण हेतु आवेदन पर विचार करने के उद्देश्य से, रिज़र्व बैंक ऐसी परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के अभिलेखों या पुस्तकों के निरीक्षण द्वारा, या अन्यथा, यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा कर सकता है कि निम्नलिखित शर्तें पूरी हों, अर्थात्:--
(क) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से किसी में भी घाटा नहीं उठाया है;
(ख) कि ऐसी 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने प्रतिभूतिकरण या संपत्ति पुनर्निर्माण के उद्देश्य से अधिग्रहित वित्तीय परिसंपत्तियों की वसूली के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है और वह 4 [योग्य खरीदारों] या अन्य व्यक्तियों द्वारा कंपनी में किए गए निवेश पर आवधिक रिटर्न का भुगतान करने और संबंधित नियत तिथियों पर भुनाने में सक्षम होगी;
(ग) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] के निदेशकों को वित्त, प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण से संबंधित मामलों में पर्याप्त पेशेवर अनुभव है;
5 * * * * *
(ई) कि इसके किसी भी निदेशक को नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है;
6 [(f) कि परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी का प्रायोजक, रिजर्व बैंक द्वारा ऐसे व्यक्तियों के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों में निर्दिष्ट मानदंडों के अनुसार एक उपयुक्त और योग्य व्यक्ति है;]
(जी) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट विवेकपूर्ण मानदंडों का अनुपालन किया है या अनुपालन करने की स्थिति में है;
7 [(h) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने उक्त उद्देश्य के लिए रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों में निर्दिष्ट एक या अधिक शर्तों का अनुपालन किया है।]
(4) रिजर्व बैंक, उप-धारा (3) में निर्दिष्ट शर्तों के पूरा होने से संतुष्ट होने पर, प्रतिभूतिकरण या परिसंपत्ति पुनर्निर्माण का व्यवसाय शुरू करने या चलाने के लिए 1 [परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान कर सकता है, ऐसी शर्तों के अधीन, जिन्हें वह लगाना उचित समझे।
(5) यदि रिजर्व बैंक संतुष्ट है कि उपधारा (3) में निर्दिष्ट शर्तें पूरी नहीं हुई हैं, तो वह उपधारा (2) के तहत किए गए आवेदन को अस्वीकार कर सकता है:
बशर्ते कि आवेदन को अस्वीकार करने से पहले, आवेदक को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।
(6) प्रत्येक [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] को अपने प्रबंधन में किसी भी महत्वपूर्ण परिवर्तन [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के निदेशक मंडल में किसी निदेशक की नियुक्ति या प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति सहित] या अपने पंजीकृत कार्यालय के स्थान में परिवर्तन या अपने नाम में परिवर्तन के लिए रिजर्व बैंक की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी होगी:
बशर्ते कि रिजर्व बैंक का यह निर्णय कि किसी [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] के प्रबंधन में परिवर्तन उसके प्रबंधन में पर्याप्त परिवर्तन है या नहीं, अंतिम होगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "प्रबंधन में पर्याप्त परिवर्तन" अभिव्यक्ति का अर्थ शेयरों के हस्तांतरण या [ शेयरों के हस्तांतरण के माध्यम से कंपनी में प्रायोजन को प्रभावित करने वाला परिवर्तन या] कंपनी के व्यवसाय के विलय या हस्तांतरण के माध्यम से प्रबंधन में परिवर्तन है।
(क) इस धारा के अधीन प्रदत्त पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना; और
3 [(ख) कम से कम दो करोड़ रुपये या ऐसी अन्य उच्च राशि की शुद्ध स्वामित्व निधि रखना, जैसा कि रिजर्व बैंक अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकता है;]
बशर्ते कि रिजर्व बैंक अधिसूचना द्वारा 2 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों] के विभिन्न वर्गों के लिए स्वामित्व निधि की अलग-अलग राशि निर्दिष्ट कर सकता है:
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर विद्यमान कोई [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी], प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की समाप्ति से पहले भारतीय रिजर्व बैंक को पंजीकरण हेतु आवेदन करेगी और इस उपधारा में किसी भी बात के होते हुए भी, वह प्रतिभूतिकरण या संपत्ति पुनर्निर्माण का व्यवसाय तब तक जारी रख सकती है जब तक उसे पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान नहीं किया जाता है या, जैसा भी मामला हो, पंजीकरण के लिए आवेदन की अस्वीकृति की सूचना उसे नहीं दी जाती है।
(2) प्रत्येक [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] रिजर्व बैंक को पंजीकरण के लिए आवेदन ऐसे प्रपत्र और तरीके से करेगी जैसा वह निर्दिष्ट करे।
(3) प्रतिभूतिकरण या परिसंपत्ति पुनर्निर्माण के व्यवसाय को प्रारंभ करने या चलाने के लिए किसी परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के पंजीकरण हेतु आवेदन पर विचार करने के उद्देश्य से, रिज़र्व बैंक ऐसी परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के अभिलेखों या पुस्तकों के निरीक्षण द्वारा, या अन्यथा, यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा कर सकता है कि निम्नलिखित शर्तें पूरी हों, अर्थात्:--
(क) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से किसी में भी घाटा नहीं उठाया है;
(ख) कि ऐसी 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने प्रतिभूतिकरण या संपत्ति पुनर्निर्माण के उद्देश्य से अधिग्रहित वित्तीय परिसंपत्तियों की वसूली के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है और वह 4 [योग्य खरीदारों] या अन्य व्यक्तियों द्वारा कंपनी में किए गए निवेश पर आवधिक रिटर्न का भुगतान करने और संबंधित नियत तिथियों पर भुनाने में सक्षम होगी;
(ग) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] के निदेशकों को वित्त, प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण से संबंधित मामलों में पर्याप्त पेशेवर अनुभव है;
5 * * * * *
(ई) कि इसके किसी भी निदेशक को नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है;
6 [(f) कि परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी का प्रायोजक, रिजर्व बैंक द्वारा ऐसे व्यक्तियों के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों में निर्दिष्ट मानदंडों के अनुसार एक उपयुक्त और योग्य व्यक्ति है;]
(जी) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट विवेकपूर्ण मानदंडों का अनुपालन किया है या अनुपालन करने की स्थिति में है;
7 [(h) कि 1 [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] ने उक्त उद्देश्य के लिए रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों में निर्दिष्ट एक या अधिक शर्तों का अनुपालन किया है।]
(4) रिजर्व बैंक, उप-धारा (3) में निर्दिष्ट शर्तों के पूरा होने से संतुष्ट होने पर, प्रतिभूतिकरण या परिसंपत्ति पुनर्निर्माण का व्यवसाय शुरू करने या चलाने के लिए 1 [परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान कर सकता है, ऐसी शर्तों के अधीन, जिन्हें वह लगाना उचित समझे।
(5) यदि रिजर्व बैंक संतुष्ट है कि उपधारा (3) में निर्दिष्ट शर्तें पूरी नहीं हुई हैं, तो वह उपधारा (2) के तहत किए गए आवेदन को अस्वीकार कर सकता है:
बशर्ते कि आवेदन को अस्वीकार करने से पहले, आवेदक को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।
(6) प्रत्येक [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] को अपने प्रबंधन में किसी भी महत्वपूर्ण परिवर्तन [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के निदेशक मंडल में किसी निदेशक की नियुक्ति या प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति सहित] या अपने पंजीकृत कार्यालय के स्थान में परिवर्तन या अपने नाम में परिवर्तन के लिए रिजर्व बैंक की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी होगी:
बशर्ते कि रिजर्व बैंक का यह निर्णय कि किसी [संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी] के प्रबंधन में परिवर्तन उसके प्रबंधन में पर्याप्त परिवर्तन है या नहीं, अंतिम होगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "प्रबंधन में पर्याप्त परिवर्तन" अभिव्यक्ति का अर्थ शेयरों के हस्तांतरण या [ शेयरों के हस्तांतरण के माध्यम से कंपनी में प्रायोजन को प्रभावित करने वाला परिवर्तन या] कंपनी के व्यवसाय के विलय या हस्तांतरण के माध्यम से प्रबंधन में परिवर्तन है।
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