NDC Act 59अध्याय XI · Miscellaneous
धारा 59 · अस्थायी प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयोग, भारतीय दंत चिकित्सा परिषद, उसकी सहायक कंपनियों या स्वामित्व वाले ट्रस्टों सहित, का उत्तराधिकारी होगा और भारतीय दंत चिकित्सा परिषद की सभी संपत्तियां और देनदारियां आयोग को हस्तांतरित मानी जाएंगी।
(2) दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 (16 ऑफ 1948) के निरस्त होने के बावजूद, उक्त अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के शैक्षिक मानक, आवश्यकताएं और अन्य प्रावधान तब तक लागू रहेंगे और प्रभावी रहेंगे जब तक कि इस अधिनियम या उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के तहत नए मानक या आवश्यकताएं निर्दिष्ट नहीं की जातीं:
बशर्ते कि निरस्त किए जा रहे अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन शैक्षिक मानकों और आवश्यकताओं के संबंध में किया गया कोई भी कार्य या की गई कोई भी कार्रवाई इस अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत किया गया माना जाएगा और तदनुसार तब तक लागू रहेगा जब तक कि इस अधिनियम के अंतर्गत किए गए किसी कार्य या की गई किसी कार्रवाई द्वारा उसे निरस्त न कर दिया जाए।
(3) दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 (16 ऑफ 1948) के निरसन के बावजूद, उक्त अधिनियम की धारा 21 और धारा 23 के तहत क्रमशः गठित राज्य परिषद और संयुक्त राज्य परिषद तब तक कार्य करती रहेंगी जब तक कि राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम की धारा 29 के प्रावधानों के अनुसार एक नई राज्य दंत परिषद स्थापित नहीं कर दी जाती।
(2) दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 (16 ऑफ 1948) के निरस्त होने के बावजूद, उक्त अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के शैक्षिक मानक, आवश्यकताएं और अन्य प्रावधान तब तक लागू रहेंगे और प्रभावी रहेंगे जब तक कि इस अधिनियम या उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के तहत नए मानक या आवश्यकताएं निर्दिष्ट नहीं की जातीं:
बशर्ते कि निरस्त किए जा रहे अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन शैक्षिक मानकों और आवश्यकताओं के संबंध में किया गया कोई भी कार्य या की गई कोई भी कार्रवाई इस अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत किया गया माना जाएगा और तदनुसार तब तक लागू रहेगा जब तक कि इस अधिनियम के अंतर्गत किए गए किसी कार्य या की गई किसी कार्रवाई द्वारा उसे निरस्त न कर दिया जाए।
(3) दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 (16 ऑफ 1948) के निरसन के बावजूद, उक्त अधिनियम की धारा 21 और धारा 23 के तहत क्रमशः गठित राज्य परिषद और संयुक्त राज्य परिषद तब तक कार्य करती रहेंगी जब तक कि राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम की धारा 29 के प्रावधानों के अनुसार एक नई राज्य दंत परिषद स्थापित नहीं कर दी जाती।
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