NDC Act 11अध्याय III · Dental Advisory Council
धारा 11 · दंत चिकित्सा सलाहकार परिषद का संविधान एवं संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार दंत सलाहकार परिषद के नाम से जानी जाने वाली एक सलाहकार निकाय का गठन करेगी।
(2) परिषद में एक अध्यक्ष और निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) आयोग का अध्यक्ष परिषद का पदेन अध्यक्ष होगा;
(ख) धारा 4 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त आयोग का प्रत्येक पदेन सदस्य तथा उस धारा की उपधारा (4) के खंड (क) और (घ) के अधीन नियुक्त अंशकालिक सदस्य परिषद के पदेन सदस्य होंगे;
(ग) प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सदस्य, जो उस राज्य में स्थित सरकारी दंत चिकित्सालय का डीन या प्रिंसिपल होगा, जिसे उस राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा:
बशर्ते कि सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके आधार पर उसे मनोनीत किया गया है, अधिकतम चार वर्ष की सीमा के अधीन;
(घ) प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सदस्य, जो उस केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी सरकारी दंत चिकित्सालय का डीन या प्रिंसिपल हो, जिसे भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा मनोनीत किया जाएगा:
बशर्ते कि सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके आधार पर उसे मनोनीत किया गया है, अधिकतम चार वर्ष की सीमा के अधीन:
इसके अलावा, यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कोई सरकारी दंत चिकित्सालय नहीं है, तो राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के मामले में, गृह मंत्रालय ऐसे सदस्य को मनोनीत करेगा जिसके पास दंत चिकित्सा संबंधी ऐसी योग्यताएं और अनुभव हों, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(ई) प्रत्येक राज्य और प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य दंत चिकित्सा परिषद के सदस्यों में से एक सदस्य को उस राज्य दंत चिकित्सा परिषद द्वारा चार वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया जाएगा और वह किसी भी विस्तार या पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा:
बशर्ते कि यदि ऐसा सदस्य अपने चार वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता से पहले राज्य दंत परिषद का सदस्य नहीं रहता है, तो वह दंत सलाहकार परिषद का सदस्य भी नहीं रहेगा, और ऐसी स्थिति में, राज्य दंत परिषद उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए, जैसा भी मामला हो, उस सदस्य के शेष कार्यकाल के लिए किसी अन्य सदस्य को मनोनीत करेगी, जिसके स्थान पर उसे मनोनीत किया गया है;
(f) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष;
(जी) निदेशक, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद;
(h) राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में निदेशक या विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर आसीन व्यक्तियों में से केंद्र सरकार द्वारा तीन सदस्यों को मनोनीत किया जाएगा;
(i) भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक या उनके द्वारा नामित व्यक्ति जो वैज्ञानिक एच के पद से नीचे के न हों;
(जे) सेना दंत कोर के दंत सेवा महानिदेशक या नामित व्यक्ति।
(2) परिषद में एक अध्यक्ष और निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) आयोग का अध्यक्ष परिषद का पदेन अध्यक्ष होगा;
(ख) धारा 4 की उपधारा (3) के अधीन नियुक्त आयोग का प्रत्येक पदेन सदस्य तथा उस धारा की उपधारा (4) के खंड (क) और (घ) के अधीन नियुक्त अंशकालिक सदस्य परिषद के पदेन सदस्य होंगे;
(ग) प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सदस्य, जो उस राज्य में स्थित सरकारी दंत चिकित्सालय का डीन या प्रिंसिपल होगा, जिसे उस राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा:
बशर्ते कि सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके आधार पर उसे मनोनीत किया गया है, अधिकतम चार वर्ष की सीमा के अधीन;
(घ) प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सदस्य, जो उस केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी सरकारी दंत चिकित्सालय का डीन या प्रिंसिपल हो, जिसे भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा मनोनीत किया जाएगा:
बशर्ते कि सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके आधार पर उसे मनोनीत किया गया है, अधिकतम चार वर्ष की सीमा के अधीन:
इसके अलावा, यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कोई सरकारी दंत चिकित्सालय नहीं है, तो राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के मामले में, गृह मंत्रालय ऐसे सदस्य को मनोनीत करेगा जिसके पास दंत चिकित्सा संबंधी ऐसी योग्यताएं और अनुभव हों, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(ई) प्रत्येक राज्य और प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य दंत चिकित्सा परिषद के सदस्यों में से एक सदस्य को उस राज्य दंत चिकित्सा परिषद द्वारा चार वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया जाएगा और वह किसी भी विस्तार या पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा:
बशर्ते कि यदि ऐसा सदस्य अपने चार वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता से पहले राज्य दंत परिषद का सदस्य नहीं रहता है, तो वह दंत सलाहकार परिषद का सदस्य भी नहीं रहेगा, और ऐसी स्थिति में, राज्य दंत परिषद उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए, जैसा भी मामला हो, उस सदस्य के शेष कार्यकाल के लिए किसी अन्य सदस्य को मनोनीत करेगी, जिसके स्थान पर उसे मनोनीत किया गया है;
(f) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष;
(जी) निदेशक, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद;
(h) राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में निदेशक या विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर आसीन व्यक्तियों में से केंद्र सरकार द्वारा तीन सदस्यों को मनोनीत किया जाएगा;
(i) भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक या उनके द्वारा नामित व्यक्ति जो वैज्ञानिक एच के पद से नीचे के न हों;
(जे) सेना दंत कोर के दंत सेवा महानिदेशक या नामित व्यक्ति।
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