NDC Act 15अध्याय V · National Exit Test (Dental)
धारा 15 · राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा)।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दंत चिकित्सकों के रूप में दंत चिकित्सा का अभ्यास करने का लाइसेंस प्रदान करने और राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकन के लिए, जैसा भी मामला हो, एक सामान्य अंतिम वर्ष स्नातक दंत परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसे 'राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा)' के नाम से जाना जाएगा।
(2) आयोग राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) का संचालन ऐसे नामित प्राधिकारी के माध्यम से और ऐसे तरीके से करेगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन वर्ष के भीतर ऐसी तिथि से लागू होगी, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
(4) विदेशी दंत चिकित्सा योग्यता रखने वाले किसी भी व्यक्ति को दंत चिकित्सक के रूप में दंत चिकित्सा का अभ्यास करने का लाइसेंस प्राप्त करने और राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकन के लिए, जैसा भी मामला हो, राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) उत्तीर्ण करनी होगी, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(5) राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) इस अधिनियम के प्रावधानों या किसी अन्य कानून के तहत संचालित दंत चिकित्सा संस्थानों में स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश का आधार होगी और इसे विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से किया जाएगा।
(6) आयोग उपधारा (5) में निर्दिष्ट दंत चिकित्सा संस्थानों में स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश के लिए नामित प्राधिकारी द्वारा सामान्य परामर्श आयोजित करने का तरीका विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करेगा।
(7) केंद्र सरकार का नामित प्राधिकारी अखिल भारतीय सीटों के लिए सामान्य परामर्श आयोजित करेगा तथा राज्य सरकार का नामित प्राधिकारी राज्य स्तर पर सीटों के लिए सामान्य परामर्श आयोजित करेगा।
(2) आयोग राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) का संचालन ऐसे नामित प्राधिकारी के माध्यम से और ऐसे तरीके से करेगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन वर्ष के भीतर ऐसी तिथि से लागू होगी, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
(4) विदेशी दंत चिकित्सा योग्यता रखने वाले किसी भी व्यक्ति को दंत चिकित्सक के रूप में दंत चिकित्सा का अभ्यास करने का लाइसेंस प्राप्त करने और राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकन के लिए, जैसा भी मामला हो, राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) उत्तीर्ण करनी होगी, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(5) राष्ट्रीय निकास परीक्षा (दंत चिकित्सा) इस अधिनियम के प्रावधानों या किसी अन्य कानून के तहत संचालित दंत चिकित्सा संस्थानों में स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश का आधार होगी और इसे विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से किया जाएगा।
(6) आयोग उपधारा (5) में निर्दिष्ट दंत चिकित्सा संस्थानों में स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश के लिए नामित प्राधिकारी द्वारा सामान्य परामर्श आयोजित करने का तरीका विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करेगा।
(7) केंद्र सरकार का नामित प्राधिकारी अखिल भारतीय सीटों के लिए सामान्य परामर्श आयोजित करेगा तथा राज्य सरकार का नामित प्राधिकारी राज्य स्तर पर सीटों के लिए सामान्य परामर्श आयोजित करेगा।
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