LM Act 44अध्याय V · Offences and Penalties
धारा 44 · मुहरों आदि की जालसाजी करने पर दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी--
(i) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर की नकल करता है, या
(ii) किसी जाली मुहर को बेचता है या अन्यथा उसका निपटान करता है, या
(iii) किसी भी प्रकार की जाली मुहर रखता है, या
(iv) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी भी स्टाम्प की जालसाजी करता है, उसे हटाता है या उसमें छेड़छाड़ करता है, या
(v) इस प्रकार हटाए गए स्टाम्प को किसी अन्य बाट या माप पर चिपकाता है, या उसमें डालता है,
इस अपराध के लिए कम से कम छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की कारावास की सजा दी जाएगी, और दूसरे या उसके बाद के अपराध के लिए कम से कम छह महीने से लेकर पांच वर्ष तक की कारावास की सजा दी जाएगी।
स्पष्टीकरण - इस उपधारा में, "नकली" का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 28 में दिया गया है।
(2) जो कोई भी इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर को गैरकानूनी साधनों से प्राप्त करता है और किसी बाट या माप पर कोई मुहर लगाने के लिए ऐसी मुहर का उपयोग करता है, या करवाता है, इस उद्देश्य से कि ऐसी मुहर द्वारा लगाई गई मुहर इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा अधिकृत है, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
(3) जो कोई भी, इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर के वैध कब्जे में रहते हुए, ऐसी मुहर का उपयोग, या उपयोग करवाने का कारण बनता है, बिना किसी वैध अधिकार के, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कारावास की सजा दी जाएगी, जो कम से कम छह महीने की कारावास की होगी, जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
(4) जो कोई भी किसी बाट या माप को बेचता है, या बेचने की पेशकश करता है, या बिक्री के लिए प्रदर्शित करता है, या अन्यथा उसका निपटान करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि उस पर जाली मुहर लगी है, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
(i) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर की नकल करता है, या
(ii) किसी जाली मुहर को बेचता है या अन्यथा उसका निपटान करता है, या
(iii) किसी भी प्रकार की जाली मुहर रखता है, या
(iv) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी भी स्टाम्प की जालसाजी करता है, उसे हटाता है या उसमें छेड़छाड़ करता है, या
(v) इस प्रकार हटाए गए स्टाम्प को किसी अन्य बाट या माप पर चिपकाता है, या उसमें डालता है,
इस अपराध के लिए कम से कम छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की कारावास की सजा दी जाएगी, और दूसरे या उसके बाद के अपराध के लिए कम से कम छह महीने से लेकर पांच वर्ष तक की कारावास की सजा दी जाएगी।
स्पष्टीकरण - इस उपधारा में, "नकली" का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 28 में दिया गया है।
(2) जो कोई भी इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर को गैरकानूनी साधनों से प्राप्त करता है और किसी बाट या माप पर कोई मुहर लगाने के लिए ऐसी मुहर का उपयोग करता है, या करवाता है, इस उद्देश्य से कि ऐसी मुहर द्वारा लगाई गई मुहर इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा अधिकृत है, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
(3) जो कोई भी, इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्दिष्ट किसी मुहर के वैध कब्जे में रहते हुए, ऐसी मुहर का उपयोग, या उपयोग करवाने का कारण बनता है, बिना किसी वैध अधिकार के, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कारावास की सजा दी जाएगी, जो कम से कम छह महीने की कारावास की होगी, जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
(4) जो कोई भी किसी बाट या माप को बेचता है, या बेचने की पेशकश करता है, या बिक्री के लिए प्रदर्शित करता है, या अन्यथा उसका निपटान करता है, जिसके बारे में वह जानता है या उसे विश्वास करने का कारण है कि उस पर जाली मुहर लगी है, उसे कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जो एक वर्ष तक बढ़ सकती है, और दूसरे या बाद के अपराध के लिए, कम से कम छह महीने की कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन जो पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 5 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 6 माह
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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