The Delimitation Act, 2002 5
धारा 5 · सहयोगी सदस्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयोग प्रत्येक राज्य के संबंध में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता के लिए अपने साथ दस व्यक्तियों को नियुक्त करेगा, जिनमें से पांच उस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली लोकसभा के सदस्य और पांच उस राज्य की विधान सभा के सदस्य होंगे।
बशर्ते कि यदि किसी राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा के सदस्यों की संख्या पाँच या उससे कम हो, तो ऐसे सभी सदस्य उस राज्य के सह-सदस्य होंगे और बाद वाले मामले में सह-सदस्यों की कुल संख्या दस से उतनी कम होगी जितनी कि उस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या पाँच से कम है।
(2) प्रत्येक राज्य से इस प्रकार संबद्ध किए जाने वाले व्यक्तियों को लोकसभा के सदस्यों के मामले में उस सदन के अध्यक्ष द्वारा और विधान सभा के सदस्यों के मामले में उस विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा सदन या, जैसा भी मामला हो, विधानसभा की संरचना को ध्यान में रखते हुए मनोनीत किया जाएगा।
(3) उपधारा --(2) के अधीन किए जाने वाले प्रथम नामांकन
(क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के एक महीने के भीतर विभिन्न विधान सभाओं के अध्यक्षों द्वारा और लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा दो महीने के भीतर संशोधन किए जाएंगे; और
(ख) इसकी सूचना मुख्य चुनाव आयुक्त को दी जाएगी, और यदि नामांकन किसी विधान सभा के अध्यक्ष द्वारा किए जाते हैं, तो लोक सभा के अध्यक्ष को भी दी जाएगी।
(4) सह-सदस्यों में से किसी को भी आयोग के किसी भी निर्णय पर मतदान करने या हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं होगा।
(5) आयोग को निम्नलिखित को बुलाने का अधिकार होगा--
(क) भारत के रजिस्ट्रार-जनरल और जनगणना आयुक्त या उनके नामित व्यक्ति; या
(ख) भारत के सर्वेयर जनरल या उनके नामित व्यक्ति; या
(ग) केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई अन्य अधिकारी; या
(घ) भौगोलिक सूचना प्रणाली का कोई विशेषज्ञ; या
(ई) कोई अन्य व्यक्ति,
जिनकी विशेषज्ञता और ज्ञान को आयोग द्वारा उप-धारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा प्रदान की गई सहायता के अतिरिक्त उसे सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक समझा जाता है, और इस प्रकार बुलाए गए अधिकारी और व्यक्ति आयोग की सहायता करने के लिए कर्तव्यबद्ध होंगे।
(6) चुनाव आयोग का सचिव आयोग का पदेन सचिव होगा और वह आयोग के अध्यक्ष की देखरेख में चुनाव आयोग के कर्मचारियों की सहायता से अपने कार्यों का निर्वहन करेगा।
बशर्ते कि यदि किसी राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा के सदस्यों की संख्या पाँच या उससे कम हो, तो ऐसे सभी सदस्य उस राज्य के सह-सदस्य होंगे और बाद वाले मामले में सह-सदस्यों की कुल संख्या दस से उतनी कम होगी जितनी कि उस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या पाँच से कम है।
(2) प्रत्येक राज्य से इस प्रकार संबद्ध किए जाने वाले व्यक्तियों को लोकसभा के सदस्यों के मामले में उस सदन के अध्यक्ष द्वारा और विधान सभा के सदस्यों के मामले में उस विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा सदन या, जैसा भी मामला हो, विधानसभा की संरचना को ध्यान में रखते हुए मनोनीत किया जाएगा।
(3) उपधारा --(2) के अधीन किए जाने वाले प्रथम नामांकन
(क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के एक महीने के भीतर विभिन्न विधान सभाओं के अध्यक्षों द्वारा और लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा दो महीने के भीतर संशोधन किए जाएंगे; और
(ख) इसकी सूचना मुख्य चुनाव आयुक्त को दी जाएगी, और यदि नामांकन किसी विधान सभा के अध्यक्ष द्वारा किए जाते हैं, तो लोक सभा के अध्यक्ष को भी दी जाएगी।
(4) सह-सदस्यों में से किसी को भी आयोग के किसी भी निर्णय पर मतदान करने या हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं होगा।
(5) आयोग को निम्नलिखित को बुलाने का अधिकार होगा--
(क) भारत के रजिस्ट्रार-जनरल और जनगणना आयुक्त या उनके नामित व्यक्ति; या
(ख) भारत के सर्वेयर जनरल या उनके नामित व्यक्ति; या
(ग) केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई अन्य अधिकारी; या
(घ) भौगोलिक सूचना प्रणाली का कोई विशेषज्ञ; या
(ई) कोई अन्य व्यक्ति,
जिनकी विशेषज्ञता और ज्ञान को आयोग द्वारा उप-धारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा प्रदान की गई सहायता के अतिरिक्त उसे सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक समझा जाता है, और इस प्रकार बुलाए गए अधिकारी और व्यक्ति आयोग की सहायता करने के लिए कर्तव्यबद्ध होंगे।
(6) चुनाव आयोग का सचिव आयोग का पदेन सचिव होगा और वह आयोग के अध्यक्ष की देखरेख में चुनाव आयोग के कर्मचारियों की सहायता से अपने कार्यों का निर्वहन करेगा।
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