CC Act 21Aअध्याय VII · Miscellaneous
धारा 21A · नियम बनाने की केंद्र सरकार की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [21ए. नियम बनाने की केंद्र सरकार की शक्ति. --- (1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित में से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:---
(क) धारा 12ए की उपधारा (1) के अधीन पूर्व-संस्थागत मध्यस्थता का तरीका और प्रक्रिया;
(ख) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित करना आवश्यक है, या निर्धारित किया जा सकता है, या जिसके संबंध में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।
(3) इस अधिनियम के अधीन केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अधीन पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।]
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित में से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:---
(क) धारा 12ए की उपधारा (1) के अधीन पूर्व-संस्थागत मध्यस्थता का तरीका और प्रक्रिया;
(ख) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित करना आवश्यक है, या निर्धारित किया जा सकता है, या जिसके संबंध में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।
(3) इस अधिनियम के अधीन केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अधीन पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।]
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