TSU Act 5अध्याय II · “Tribhuvan” Sahkari University
धारा 5 · विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रभाव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से,---
(क) सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21) के तहत एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत ग्रामीण प्रबंधन आनंद संस्थान भंग हो गया है;
(ख) किसी भी अनुबंध या अन्य दस्तावेज में आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के किसी भी संदर्भ को विश्वविद्यालय के संदर्भ के रूप में माना जाएगा;
(ग) आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान की सभी चल और अचल संपत्ति या परिसंपत्तियां विश्वविद्यालय में निहित होंगी;
(घ) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के सभी अधिकार और दायित्व विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे और वे विश्वविद्यालय के अधिकार और दायित्व होंगे;
(ई) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान एवं विद्यालय की पहचान और स्वायत्तता तथा उसके अधिकार और विशेषाधिकार जारी रहेंगे:
इस अधिनियम के तहत घोषित ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद विद्यालय में एक कार्यकारी बोर्ड होगा जो इस धारा के तहत प्रदान की गई विद्यालय की पहचान और स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा, आनंद स्कूल के ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में एक निदेशक होगा जो विश्वविद्यालय की अन्य नियमित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त कार्यकारी बोर्ड के निर्णयों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा।
(2) आनंद विद्यालय ग्रामीण प्रबंधन संस्थान को ग्रामीण प्रबंधन के लिए "उत्कृष्टता केंद्र" घोषित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "उत्कृष्टता केंद्र" अभिव्यक्ति से तात्पर्य ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद स्कूल से है, जिसे विश्वविद्यालय के समग्र संस्थागत ढांचे के भीतर अधिक स्वायत्तता प्राप्त है ताकि वह अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सके और विश्वविद्यालय के भीतर शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करने में सर्वोत्तम प्रथाओं को विकसित करने और फैलाने के लिए भी जिम्मेदार है।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति विश्वविद्यालय में उसी अवधि और उसी शर्तों और नियमों के साथ तथा पेंशन और ग्रेच्युटी के संबंध में उसी अधिकार और विशेषाधिकारों के साथ कार्यरत रहेगा, जैसा कि वह आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के अधीन इस अधिनियम के लागू न होने की स्थिति में होता, और ऐसे नियम और शर्तें, अधिकार और विशेषाधिकार उसके नुकसान के लिए परिवर्तित नहीं किए जाएंगे।
बशर्ते कि विश्वविद्यालय को इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में स्थायी रूप से कार्यरत व्यक्तियों की सेवाओं को भारत भर में किसी भी क्षेत्र, विभाग आदि में और किसी भी स्थान पर, जैसा विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त समझे, लगाने की स्वतंत्रता होगी।
(4) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद स्कूल के किसी भी चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रम और पाठ्यक्रम की पहचान और स्वायत्तता विश्वविद्यालय द्वारा संरक्षित की जाएगी और यदि आवश्यक हो तो कोई भी संशोधन ऐसे स्कूल के कार्यकारी बोर्ड की सहमति से होगा।
(5) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद विद्यालय को प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता प्राप्त होगी जैसा कि विधानों द्वारा प्रदान किया जा सकता है।
(6) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद में प्रत्येक शैक्षणिक कर्मचारी, शिक्षक और अन्य कर्मचारी, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ, जिनमें चिकित्सा लाभ भी शामिल हैं, यदि कोई हो, विश्वविद्यालय द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके और स्वरूप में वहन किए जाएंगे, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए प्रतिकूल नहीं होंगे।
(7) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के समय आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में किसी भी स्थायी कर्मचारी के विरुद्ध चल रही कोई भी अनुशासनात्मक कार्यवाही आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान सोसायटी नियम, 2004 द्वारा शासित होती रहेगी।
(8) शिक्षक, शैक्षणिक स्टाफ और अन्य सभी कर्मचारियों से संबंधित सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाला कोई भी मामला, जिसके लिए इस अधिनियम में कोई प्रावधान नहीं किया गया है, कार्यपालिका परिषद द्वारा किए जाने वाले प्रावधानों द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
(क) सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21) के तहत एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत ग्रामीण प्रबंधन आनंद संस्थान भंग हो गया है;
(ख) किसी भी अनुबंध या अन्य दस्तावेज में आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के किसी भी संदर्भ को विश्वविद्यालय के संदर्भ के रूप में माना जाएगा;
(ग) आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान की सभी चल और अचल संपत्ति या परिसंपत्तियां विश्वविद्यालय में निहित होंगी;
(घ) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के सभी अधिकार और दायित्व विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे और वे विश्वविद्यालय के अधिकार और दायित्व होंगे;
(ई) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान एवं विद्यालय की पहचान और स्वायत्तता तथा उसके अधिकार और विशेषाधिकार जारी रहेंगे:
इस अधिनियम के तहत घोषित ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद विद्यालय में एक कार्यकारी बोर्ड होगा जो इस धारा के तहत प्रदान की गई विद्यालय की पहचान और स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा, आनंद स्कूल के ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में एक निदेशक होगा जो विश्वविद्यालय की अन्य नियमित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त कार्यकारी बोर्ड के निर्णयों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा।
(2) आनंद विद्यालय ग्रामीण प्रबंधन संस्थान को ग्रामीण प्रबंधन के लिए "उत्कृष्टता केंद्र" घोषित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "उत्कृष्टता केंद्र" अभिव्यक्ति से तात्पर्य ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद स्कूल से है, जिसे विश्वविद्यालय के समग्र संस्थागत ढांचे के भीतर अधिक स्वायत्तता प्राप्त है ताकि वह अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सके और विश्वविद्यालय के भीतर शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करने में सर्वोत्तम प्रथाओं को विकसित करने और फैलाने के लिए भी जिम्मेदार है।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति विश्वविद्यालय में उसी अवधि और उसी शर्तों और नियमों के साथ तथा पेंशन और ग्रेच्युटी के संबंध में उसी अधिकार और विशेषाधिकारों के साथ कार्यरत रहेगा, जैसा कि वह आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के अधीन इस अधिनियम के लागू न होने की स्थिति में होता, और ऐसे नियम और शर्तें, अधिकार और विशेषाधिकार उसके नुकसान के लिए परिवर्तित नहीं किए जाएंगे।
बशर्ते कि विश्वविद्यालय को इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में स्थायी रूप से कार्यरत व्यक्तियों की सेवाओं को भारत भर में किसी भी क्षेत्र, विभाग आदि में और किसी भी स्थान पर, जैसा विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त समझे, लगाने की स्वतंत्रता होगी।
(4) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद स्कूल के किसी भी चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रम और पाठ्यक्रम की पहचान और स्वायत्तता विश्वविद्यालय द्वारा संरक्षित की जाएगी और यदि आवश्यक हो तो कोई भी संशोधन ऐसे स्कूल के कार्यकारी बोर्ड की सहमति से होगा।
(5) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद विद्यालय को प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता प्राप्त होगी जैसा कि विधानों द्वारा प्रदान किया जा सकता है।
(6) ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद में प्रत्येक शैक्षणिक कर्मचारी, शिक्षक और अन्य कर्मचारी, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ, जिनमें चिकित्सा लाभ भी शामिल हैं, यदि कोई हो, विश्वविद्यालय द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके और स्वरूप में वहन किए जाएंगे, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए प्रतिकूल नहीं होंगे।
(7) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के समय आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान में किसी भी स्थायी कर्मचारी के विरुद्ध चल रही कोई भी अनुशासनात्मक कार्यवाही आनंद ग्रामीण प्रबंधन संस्थान सोसायटी नियम, 2004 द्वारा शासित होती रहेगी।
(8) शिक्षक, शैक्षणिक स्टाफ और अन्य सभी कर्मचारियों से संबंधित सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाला कोई भी मामला, जिसके लिए इस अधिनियम में कोई प्रावधान नहीं किया गया है, कार्यपालिका परिषद द्वारा किए जाने वाले प्रावधानों द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
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