TSU Act 4अध्याय II · “Tribhuvan” Sahkari University
धारा 4 · "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं निगमन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा नियुक्त तिथि से, ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद को "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय के नाम से एक विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया जाएगा, जो एक निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और अनुबंध करने का अधिकार होगा, और उक्त नाम से मुकदमा कर सकता है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है।
(2) विश्वविद्यालय का मुख्यालय गुजरात राज्य के आनंद में होगा और विश्वविद्यालय भारत में ऐसे अन्य स्थानों पर विद्यालय या बाहरी परिसर या संबद्ध संस्थान स्थापित कर सकता है जिन्हें वह उचित समझे:
बशर्ते कि विश्वविद्यालय केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत के बाहर भी बाहरी परिसर या संबद्ध संस्थान स्थापित या संचालित कर सकता है।
(3) कुलाधिपति, कुलपति, शासी मंडल के सदस्य, कार्यकारी परिषद, अकादमिक एवं अनुसंधान परिषद, क्षमता निर्माण परिषद, मूल्यांकन एवं सुधार परिषद, अनुसंधान एवं विकास परिषद और अन्य प्राधिकारी विश्वविद्यालय का गठन करेंगे।
(2) विश्वविद्यालय का मुख्यालय गुजरात राज्य के आनंद में होगा और विश्वविद्यालय भारत में ऐसे अन्य स्थानों पर विद्यालय या बाहरी परिसर या संबद्ध संस्थान स्थापित कर सकता है जिन्हें वह उचित समझे:
बशर्ते कि विश्वविद्यालय केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत के बाहर भी बाहरी परिसर या संबद्ध संस्थान स्थापित या संचालित कर सकता है।
(3) कुलाधिपति, कुलपति, शासी मंडल के सदस्य, कार्यकारी परिषद, अकादमिक एवं अनुसंधान परिषद, क्षमता निर्माण परिषद, मूल्यांकन एवं सुधार परिषद, अनुसंधान एवं विकास परिषद और अन्य प्राधिकारी विश्वविद्यालय का गठन करेंगे।
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