RFEIFEB Act 6अध्याय III · Investment in Foreign Exchange Bonds
धारा 6 · प्रतिरक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धन-कर अधिनियम, 1957 (27 ऑफ 1957), उपहार-कर अधिनियम, 1958 (18 ऑफ 1958), आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961), विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (46 ऑफ 1973) और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 1976 (46 ऑफ 1976) में निहित किसी बात के बावजूद,--
(क) कोई भी अनिवासी भारतीय या विदेशी निगम निकाय, जो विदेशी मुद्रा बांड का स्वामी है, या भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति जिसे ऐसे अनिवासी भारतीय या विदेशी निगम निकाय द्वारा ऐसे बांड उपहार स्वरूप दिए गए हैं, किसी भी उद्देश्य के लिए ऐसे बांड में निवेश की प्रकृति और स्रोत का खुलासा करने के लिए बाध्य नहीं होगा;
(ख) उक्त अधिनियमों में से किसी के तहत खंड (क) में निर्दिष्ट किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध इस आधार पर कोई पूछताछ या जांच शुरू नहीं की जाएगी कि ऐसा व्यक्ति ऐसे बांडों का स्वामी है;
(ग) खंड (क) में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से किसी के पास ऐसे बांड होने का तथ्य किसी अपराध या उक्त अधिनियमों के तहत किसी दंड के अधिरोपण से संबंधित किसी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में ध्यान में नहीं रखा जाएगा और अस्वीकार्य होगा।
(2) उपधारा (1) की कोई बात उस विदेशी मुद्रा पर लागू नहीं होगी जिसे निम्नलिखित प्रावधानों के तहत भारत में लाना आवश्यक है--
(i) विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46); या
(ii) आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43), विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) के साथ पढ़ा जाए,
यदि वह अवधि जिसके भीतर ऐसी विदेशी मुद्रा को भारत में लाया जाना है, समाप्त नहीं हुई है या जहां ऐसी अवधि को केंद्र सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा किसी भी तरह से बढ़ाया गया है, तो ऐसी विस्तारित अवधि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को समाप्त नहीं हुई है।
(क) कोई भी अनिवासी भारतीय या विदेशी निगम निकाय, जो विदेशी मुद्रा बांड का स्वामी है, या भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति जिसे ऐसे अनिवासी भारतीय या विदेशी निगम निकाय द्वारा ऐसे बांड उपहार स्वरूप दिए गए हैं, किसी भी उद्देश्य के लिए ऐसे बांड में निवेश की प्रकृति और स्रोत का खुलासा करने के लिए बाध्य नहीं होगा;
(ख) उक्त अधिनियमों में से किसी के तहत खंड (क) में निर्दिष्ट किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध इस आधार पर कोई पूछताछ या जांच शुरू नहीं की जाएगी कि ऐसा व्यक्ति ऐसे बांडों का स्वामी है;
(ग) खंड (क) में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से किसी के पास ऐसे बांड होने का तथ्य किसी अपराध या उक्त अधिनियमों के तहत किसी दंड के अधिरोपण से संबंधित किसी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में ध्यान में नहीं रखा जाएगा और अस्वीकार्य होगा।
(2) उपधारा (1) की कोई बात उस विदेशी मुद्रा पर लागू नहीं होगी जिसे निम्नलिखित प्रावधानों के तहत भारत में लाना आवश्यक है--
(i) विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46); या
(ii) आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43), विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) के साथ पढ़ा जाए,
यदि वह अवधि जिसके भीतर ऐसी विदेशी मुद्रा को भारत में लाया जाना है, समाप्त नहीं हुई है या जहां ऐसी अवधि को केंद्र सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा किसी भी तरह से बढ़ाया गया है, तो ऐसी विस्तारित अवधि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को समाप्त नहीं हुई है।
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