RFEIFEB Act 5अध्याय III · Investment in Foreign Exchange Bonds
धारा 5 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,
(क) "विदेशी मुद्रा बांड" से तात्पर्य भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 (28 ऑफ 1955) के तहत गठित भारतीय स्टेट बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट योजना के अनुसार जारी किए गए बांडों से है, जिनमें निवेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को या उसके बाद लेकिन निर्दिष्ट तिथि से पहले किया गया हो।
स्पष्टीकरण.-- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "निर्दिष्ट तिथि" का अर्थ 1 दिसंबर, 1991 या ऐसी कोई अन्य बाद की तिथि है जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ख) "अनिवासी भारतीय" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो भारत का नागरिक हो या भारतीय मूल का व्यक्ति हो और भारत से बाहर रहता हो।
स्पष्टीकरण 1.-- किसी व्यक्ति को भारतीय मूल का माना जाएगा यदि--
(i) वह, या उसके माता-पिता में से कोई एक या उसके दादा-दादी में से कोई एक, संविधान या नागरिकता अधिनियम, 1955 (57 ऑफ 1955) के आधार पर भारत का नागरिक था; या
(ii) उसने किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट धारण किया हो:
बशर्ते कि पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिकों को भारतीय मूल का नहीं माना जाएगा।
स्पष्टीकरण 2.-- भारतीय मूल के व्यक्ति का जीवनसाथी (जो पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक न हो) भी भारतीय मूल का माना जाएगा;
(ग) "विदेशी निगमित निकाय" से तात्पर्य किसी भी संस्था, संघ या निकाय से है, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जो भारत के बाहर किसी देश के कानूनों के तहत स्थापित हो, जिसमें किसी अनिवासी भारतीय का कोई हित हो;
(घ) इस अध्याय में प्रयुक्त अन्य सभी शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (46 ऑफ 1973) में परिभाषित नहीं हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
(2) केंद्र सरकार उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन अधिसूचित योजना को अधिसूचित होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखेगी।
(क) "विदेशी मुद्रा बांड" से तात्पर्य भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 (28 ऑफ 1955) के तहत गठित भारतीय स्टेट बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट योजना के अनुसार जारी किए गए बांडों से है, जिनमें निवेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को या उसके बाद लेकिन निर्दिष्ट तिथि से पहले किया गया हो।
स्पष्टीकरण.-- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "निर्दिष्ट तिथि" का अर्थ 1 दिसंबर, 1991 या ऐसी कोई अन्य बाद की तिथि है जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ख) "अनिवासी भारतीय" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो भारत का नागरिक हो या भारतीय मूल का व्यक्ति हो और भारत से बाहर रहता हो।
स्पष्टीकरण 1.-- किसी व्यक्ति को भारतीय मूल का माना जाएगा यदि--
(i) वह, या उसके माता-पिता में से कोई एक या उसके दादा-दादी में से कोई एक, संविधान या नागरिकता अधिनियम, 1955 (57 ऑफ 1955) के आधार पर भारत का नागरिक था; या
(ii) उसने किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट धारण किया हो:
बशर्ते कि पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिकों को भारतीय मूल का नहीं माना जाएगा।
स्पष्टीकरण 2.-- भारतीय मूल के व्यक्ति का जीवनसाथी (जो पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक न हो) भी भारतीय मूल का माना जाएगा;
(ग) "विदेशी निगमित निकाय" से तात्पर्य किसी भी संस्था, संघ या निकाय से है, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जो भारत के बाहर किसी देश के कानूनों के तहत स्थापित हो, जिसमें किसी अनिवासी भारतीय का कोई हित हो;
(घ) इस अध्याय में प्रयुक्त अन्य सभी शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (46 ऑफ 1973) में परिभाषित नहीं हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
(2) केंद्र सरकार उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन अधिसूचित योजना को अधिसूचित होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखेगी।
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