RDB Act 27अध्याय V · Recovery of Debt Determined by Tribunal
धारा 27 · प्रमाण पत्र के तहत कार्यवाही पर रोक और उसमें संशोधन या उसे वापस लेना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [(1) किसी राशि की वसूली के लिए वसूली अधिकारी को प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बावजूद, पीठासीन अधिकारी, आदेश द्वारा, राशि के भुगतान के लिए समय दे सकता है, बशर्ते कि प्रतिवादी वसूली प्रमाण पत्र में निर्दिष्ट राशि के पच्चीस प्रतिशत से कम का अग्रिम भुगतान करे और उचित समय के भीतर शेष राशि का भुगतान करने का बिना शर्त वचन दे, जो वसूली प्रमाण पत्र रखने वाले आवेदक बैंक या वित्तीय संस्था को स्वीकार्य हो।
(1ए) वसूली अधिकारी उपधारा (1) के तहत पारित आदेश प्राप्त होने के बाद, दी गई समयावधि की समाप्ति तक कार्यवाही स्थगित रखेगा।
(1बी) जहां प्रतिवादी वसूली प्रमाण पत्र में निर्दिष्ट राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होता है और वसूली अधिकारी द्वारा कार्यवाही रोक दी जाती है, तो प्रतिवादी न्यायाधिकरण के आदेशों के विरुद्ध अपील दायर करने का अधिकार खो देगा।
(1सी) यदि प्रतिवादी उपधारा (1) के अधीन राशि के भुगतान में कोई चूक करता है, तो वसूली कार्यवाही पर लगी रोक हट जाएगी और वसूली अधिकारी देय ऋण की शेष राशि की वसूली के लिए कदम उठाएगा।]
(2) जहां राशि की वसूली के लिए प्रमाण पत्र जारी किया गया है, वहां पीठासीन अधिकारी वसूली अधिकारी को ऐसे प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भुगतान की गई किसी भी राशि या भुगतान के लिए दी गई समयावधि के बारे में सूचित रखेगा।
(3) जहां ऋण वसूली हेतु राशि की मांग करने वाले आदेश को अपील में संशोधित किया गया है, और परिणामस्वरूप मांग कम कर दी गई है, तो पीठासीन अधिकारी प्रमाण पत्र की राशि के उस भाग की वसूली को रोक देगा जो उक्त कमी से संबंधित है, उस अवधि के लिए जिसके लिए अपील लंबित रहती है।
(4) जहां वसूली अधिकारी को ऋण वसूली का प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है और बाद में अपील के परिणामस्वरूप बकाया मांग की राशि कम हो जाती है [या बढ़ जाती है], तो पीठासीन अधिकारी, जब ऐसा आदेश जो ऐसी अपील का विषय था, अंतिम और निर्णायक हो जाता है, तो प्रमाण पत्र में संशोधन करेगा या उसे वापस ले लेगा, जैसा भी मामला हो।
(1ए) वसूली अधिकारी उपधारा (1) के तहत पारित आदेश प्राप्त होने के बाद, दी गई समयावधि की समाप्ति तक कार्यवाही स्थगित रखेगा।
(1बी) जहां प्रतिवादी वसूली प्रमाण पत्र में निर्दिष्ट राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होता है और वसूली अधिकारी द्वारा कार्यवाही रोक दी जाती है, तो प्रतिवादी न्यायाधिकरण के आदेशों के विरुद्ध अपील दायर करने का अधिकार खो देगा।
(1सी) यदि प्रतिवादी उपधारा (1) के अधीन राशि के भुगतान में कोई चूक करता है, तो वसूली कार्यवाही पर लगी रोक हट जाएगी और वसूली अधिकारी देय ऋण की शेष राशि की वसूली के लिए कदम उठाएगा।]
(2) जहां राशि की वसूली के लिए प्रमाण पत्र जारी किया गया है, वहां पीठासीन अधिकारी वसूली अधिकारी को ऐसे प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भुगतान की गई किसी भी राशि या भुगतान के लिए दी गई समयावधि के बारे में सूचित रखेगा।
(3) जहां ऋण वसूली हेतु राशि की मांग करने वाले आदेश को अपील में संशोधित किया गया है, और परिणामस्वरूप मांग कम कर दी गई है, तो पीठासीन अधिकारी प्रमाण पत्र की राशि के उस भाग की वसूली को रोक देगा जो उक्त कमी से संबंधित है, उस अवधि के लिए जिसके लिए अपील लंबित रहती है।
(4) जहां वसूली अधिकारी को ऋण वसूली का प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है और बाद में अपील के परिणामस्वरूप बकाया मांग की राशि कम हो जाती है [या बढ़ जाती है], तो पीठासीन अधिकारी, जब ऐसा आदेश जो ऐसी अपील का विषय था, अंतिम और निर्णायक हो जाता है, तो प्रमाण पत्र में संशोधन करेगा या उसे वापस ले लेगा, जैसा भी मामला हो।
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