RDB Act 20अध्याय IV · Procedure of Tribunals
धारा 20 · अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपधारा (2) में दिए गए प्रावधान के अनुसार, इस अधिनियम के अंतर्गत किसी न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए या दिए गए समझे जाने वाले किसी आदेश से पीड़ित कोई व्यक्ति मामले में अधिकार क्षेत्र रखने वाले अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है।
(2) पक्षकारों की सहमति से न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए आदेश के विरुद्ध अपीलीय न्यायाधिकरण में कोई अपील नहीं होगी।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक अपील न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 1 [तीस] दिनों की अवधि के भीतर दाखिल की जाएगी तथा यह ऐसे प्रपत्र में होगी तथा इसके साथ ऐसा शुल्क संलग्न होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अपीलीय न्यायाधिकरण उक्त 1 [तीस दिन] की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट है कि उस अवधि के भीतर अपील दाखिल न करने का पर्याप्त कारण था।
(4) उपधारा (1), 2 [या दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) की धारा 181 की उपधारा (1) के तहत] अपील प्राप्त होने पर, अपीलीय न्यायाधिकरण अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकता है, जैसा वह उचित समझे, अपील के विरुद्ध आदेश की पुष्टि, संशोधन या निरस्त कर सकता है।
(5) अपीलीय न्यायाधिकरण अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति अपील के पक्षकारों और संबंधित न्यायाधिकरण को भेजेगा।
(6) उपधारा (1) के अधीन अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष दायर अपील पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी तथा अपील प्राप्त होने की तिथि से छह महीने के भीतर अपील का अंतिम निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
(2) पक्षकारों की सहमति से न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए आदेश के विरुद्ध अपीलीय न्यायाधिकरण में कोई अपील नहीं होगी।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक अपील न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 1 [तीस] दिनों की अवधि के भीतर दाखिल की जाएगी तथा यह ऐसे प्रपत्र में होगी तथा इसके साथ ऐसा शुल्क संलग्न होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अपीलीय न्यायाधिकरण उक्त 1 [तीस दिन] की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट है कि उस अवधि के भीतर अपील दाखिल न करने का पर्याप्त कारण था।
(4) उपधारा (1), 2 [या दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 (31 ऑफ 2016) की धारा 181 की उपधारा (1) के तहत] अपील प्राप्त होने पर, अपीलीय न्यायाधिकरण अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकता है, जैसा वह उचित समझे, अपील के विरुद्ध आदेश की पुष्टि, संशोधन या निरस्त कर सकता है।
(5) अपीलीय न्यायाधिकरण अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति अपील के पक्षकारों और संबंधित न्यायाधिकरण को भेजेगा।
(6) उपधारा (1) के अधीन अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष दायर अपील पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी तथा अपील प्राप्त होने की तिथि से छह महीने के भीतर अपील का अंतिम निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
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