PEMSTR Act 26अध्याय VII · Vigilance Committees
धारा 26 · राज्य निगरानी समिति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा एक राज्य निगरानी समिति का गठन करेगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(क) राज्य का मुख्यमंत्री या उसके द्वारा मनोनीत मंत्री— पदेन अध्यक्ष;
(ख) अनुसूचित जाति कल्याण के प्रभारी मंत्री, और ऐसे अन्य विभाग, जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(ग) सफाई कर्मचारी एवं अनुसूचित जाति के लिए गठित राज्य आयोगों के अध्यक्ष, यदि कोई हों, तो पदेन सदस्य होंगे;
(घ) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और सफाई कर्मचारी आयोग के प्रतिनिधि - पदेन सदस्य;
(ई) राज्य सरकार द्वारा मनोनीत अनुसूचित जाति के राज्य विधानमंडल के कम से कम दो सदस्य:
बशर्ते कि यदि किसी राज्य विधानमंडल में अनुसूचित जाति का कोई सदस्य न हो, तो राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को मनोनीत कर सकती है;
(f) पुलिस महानिदेशक— पदेन सदस्य;
(जी) गृह विभाग, पंचायती राज विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और ऐसे अन्य विभागों में राज्य सरकार के सचिव, जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(h) कम से कम एक नगर निगम, जिला स्तरीय पंचायत, छावनी बोर्ड और रेलवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जैसा कि राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(i) हाथ से मैला ढोने पर रोक लगाने और हाथ से मैला ढोने वालों के पुनर्वास के लिए काम करने वाले संगठन से संबंधित या राज्य में रहने वाले मैला ढोने वाले समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले चार से अधिक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं होंगे, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाएगा, जिनमें से दो महिलाएं होंगी;
(j) राज्य स्तरीय बैंकर समिति के संयोजक बैंक के राज्य स्तरीय प्रमुख - पदेन सदस्य;
(k) अनुसूचित जातियों के विकास से संबंधित राज्य सरकार के विभाग के सचिव— पदेन सदस्य-सचिव;
(l) राज्य सरकार के विभागों के ऐसे अन्य प्रतिनिधि और ऐसी अन्य एजेंसियां जो राज्य सरकार की राय में इस अधिनियम के कार्यान्वयन से संबंधित हैं।
(2) राज्य निगरानी समिति प्रत्येक छह माह में कम से कम एक बार बैठक करेगी और अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(क) राज्य का मुख्यमंत्री या उसके द्वारा मनोनीत मंत्री— पदेन अध्यक्ष;
(ख) अनुसूचित जाति कल्याण के प्रभारी मंत्री, और ऐसे अन्य विभाग, जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(ग) सफाई कर्मचारी एवं अनुसूचित जाति के लिए गठित राज्य आयोगों के अध्यक्ष, यदि कोई हों, तो पदेन सदस्य होंगे;
(घ) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और सफाई कर्मचारी आयोग के प्रतिनिधि - पदेन सदस्य;
(ई) राज्य सरकार द्वारा मनोनीत अनुसूचित जाति के राज्य विधानमंडल के कम से कम दो सदस्य:
बशर्ते कि यदि किसी राज्य विधानमंडल में अनुसूचित जाति का कोई सदस्य न हो, तो राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को मनोनीत कर सकती है;
(f) पुलिस महानिदेशक— पदेन सदस्य;
(जी) गृह विभाग, पंचायती राज विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और ऐसे अन्य विभागों में राज्य सरकार के सचिव, जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(h) कम से कम एक नगर निगम, जिला स्तरीय पंचायत, छावनी बोर्ड और रेलवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जैसा कि राज्य सरकार अधिसूचित कर सकती है;
(i) हाथ से मैला ढोने पर रोक लगाने और हाथ से मैला ढोने वालों के पुनर्वास के लिए काम करने वाले संगठन से संबंधित या राज्य में रहने वाले मैला ढोने वाले समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले चार से अधिक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं होंगे, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाएगा, जिनमें से दो महिलाएं होंगी;
(j) राज्य स्तरीय बैंकर समिति के संयोजक बैंक के राज्य स्तरीय प्रमुख - पदेन सदस्य;
(k) अनुसूचित जातियों के विकास से संबंधित राज्य सरकार के विभाग के सचिव— पदेन सदस्य-सचिव;
(l) राज्य सरकार के विभागों के ऐसे अन्य प्रतिनिधि और ऐसी अन्य एजेंसियां जो राज्य सरकार की राय में इस अधिनियम के कार्यान्वयन से संबंधित हैं।
(2) राज्य निगरानी समिति प्रत्येक छह माह में कम से कम एक बार बैठक करेगी और अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
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