OAM Act 17अध्याय II · General Provisions for Acquisition of Operating Rights in the Offshore Areas
धारा 17 · निश्चित किराया।
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(1) पट्टेदार उत्पादन पट्टे के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के संबंध में केंद्र सरकार को प्रति वर्ष, द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट दर पर निश्चित किराया अदा करेगा:
बशर्ते कि जहां पट्टेदार धारा 16 के तहत किसी खनिज के लिए रॉयल्टी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हो जाता है जो ऐसे पट्टे के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र से निकाला या उपभोग किया जाता है, तो वह या तो ऐसी रॉयल्टी या उस क्षेत्र के संबंध में निर्धारित किराया, जो भी अधिक हो, का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, द्वितीय अनुसूची में इस प्रकार संशोधन कर सकती है जिससे उत्पादन पट्टे के अंतर्गत आने वाले किसी क्षेत्र के संबंध में देय निश्चित किराए की दर को बढ़ाया या घटाया जा सके और ऐसा संवर्धन या कमी अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी होगी।
बशर्ते कि केंद्र सरकार किसी भी तीन वर्ष की अवधि के दौरान निश्चित किराए की दर में एक से अधिक बार वृद्धि नहीं करेगी।
बशर्ते कि जहां पट्टेदार धारा 16 के तहत किसी खनिज के लिए रॉयल्टी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हो जाता है जो ऐसे पट्टे के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र से निकाला या उपभोग किया जाता है, तो वह या तो ऐसी रॉयल्टी या उस क्षेत्र के संबंध में निर्धारित किराया, जो भी अधिक हो, का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, द्वितीय अनुसूची में इस प्रकार संशोधन कर सकती है जिससे उत्पादन पट्टे के अंतर्गत आने वाले किसी क्षेत्र के संबंध में देय निश्चित किराए की दर को बढ़ाया या घटाया जा सके और ऐसा संवर्धन या कमी अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी होगी।
बशर्ते कि केंद्र सरकार किसी भी तीन वर्ष की अवधि के दौरान निश्चित किराए की दर में एक से अधिक बार वृद्धि नहीं करेगी।
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