NHB Act 36Gअध्याय VA · Other Provisions Relating to Housing Finance Institutions
धारा 36G · वसूली अधिकारी के आदेश का प्रवर्तन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [ 36जी. वसूली अधिकारी के आदेश का प्रवर्तन। --(1) जहां उधारकर्ता आदेश का पालन करने से इनकार करता है या उसमें निर्दिष्ट समय के भीतर पालन करने में विफल रहता है, तो वसूली अधिकारी किसी भी ऐसी संपत्ति पर कब्जा कर सकता है जो अनुमोदित संस्था को किसी सहायता के लिए सुरक्षा के रूप में गिरवी रखी गई हो, बंधक रखी गई हो, बंधक रखी गई हो या सौंपी गई हो, जिसके संबंध में चूक की गई हो, और ऐसी संपत्ति को बिक्री, पट्टे या अन्यथा के माध्यम से हस्तांतरित कर सकता है।
(2) इस धारा के अधीन विक्रय, पट्टा या किसी अन्य माध्यम से कोई भी हस्तांतरण ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) उपधारा (1) के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए वसूली अधिकारी द्वारा किया गया कोई भी संपत्ति हस्तांतरण, हस्तांतरित संपत्ति में या उसके संबंध में सभी अधिकार हस्तांतरिती को प्राप्त हो जाएंगे, मानो हस्तांतरण संपत्ति के स्वामी द्वारा किया गया हो।
(4) जहां उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत उधारकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है, वहां वसूली अधिकारी की राय में उसके द्वारा उचित रूप से किए गए सभी खर्च, प्रभार और व्यय उधारकर्ता से वसूल किए जाएंगे और उसके द्वारा प्राप्त धन, विपरीत अनुबंध के अभाव में, उसके द्वारा न्यास के रूप में रखा जाएगा, जिसका उपयोग प्रथम तो ऐसे खर्च, प्रभार और व्यय के भुगतान में और द्वितीय, अनुमोदित संस्था को देय ऋण के निर्वहन में किया जाएगा, और इस प्रकार प्राप्त धन का शेष भाग उसके हकदार व्यक्ति को दिया जाएगा।
(5) यदि अनुमोदित संस्था के बकाया, वसूली अधिकारी द्वारा किए गए सभी खर्चों, प्रभारों और व्ययों सहित, बिक्री या हस्तांतरण के लिए निर्धारित तिथि से पहले किसी भी समय अनुमोदित संस्था या वसूली अधिकारी को प्रस्तुत किए जाते हैं, तो संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण नहीं किया जाएगा, और उस संपत्ति के हस्तांतरण या बिक्री के लिए कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।]
(2) इस धारा के अधीन विक्रय, पट्टा या किसी अन्य माध्यम से कोई भी हस्तांतरण ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) उपधारा (1) के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए वसूली अधिकारी द्वारा किया गया कोई भी संपत्ति हस्तांतरण, हस्तांतरित संपत्ति में या उसके संबंध में सभी अधिकार हस्तांतरिती को प्राप्त हो जाएंगे, मानो हस्तांतरण संपत्ति के स्वामी द्वारा किया गया हो।
(4) जहां उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत उधारकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है, वहां वसूली अधिकारी की राय में उसके द्वारा उचित रूप से किए गए सभी खर्च, प्रभार और व्यय उधारकर्ता से वसूल किए जाएंगे और उसके द्वारा प्राप्त धन, विपरीत अनुबंध के अभाव में, उसके द्वारा न्यास के रूप में रखा जाएगा, जिसका उपयोग प्रथम तो ऐसे खर्च, प्रभार और व्यय के भुगतान में और द्वितीय, अनुमोदित संस्था को देय ऋण के निर्वहन में किया जाएगा, और इस प्रकार प्राप्त धन का शेष भाग उसके हकदार व्यक्ति को दिया जाएगा।
(5) यदि अनुमोदित संस्था के बकाया, वसूली अधिकारी द्वारा किए गए सभी खर्चों, प्रभारों और व्ययों सहित, बिक्री या हस्तांतरण के लिए निर्धारित तिथि से पहले किसी भी समय अनुमोदित संस्था या वसूली अधिकारी को प्रस्तुत किए जाते हैं, तो संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण नहीं किया जाएगा, और उस संपत्ति के हस्तांतरण या बिक्री के लिए कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।]
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