बीएनएस → आईपीसी

47 प्रविष्टियाँ

  • BNS §2IPC §33बदलाव हुआ

    परिभाषाएँ।

    धारा 33 - “कार्य”

  • BNS §2(1)IPC §33

    परिभाषाएँ।

    धारा 33 - “कार्य”

  • BNS §2(25)IPC §33

    परिभाषाएँ।

    धारा 33 - “कार्य”

  • BNS §33IPC §95

    मामूली नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य।

  • BNS §120IPC §330बदलाव हुआ

    जबरन बयान दिलवाने या संपत्ति की बहाली के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 330 - संस्वीकृति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना

  • BNS §120(1)IPC §330

    जबरन बयान दिलवाने या संपत्ति की बहाली के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 330 - संस्वीकृति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना

  • BNS §120(2)IPC §331

    जबरन बयान दिलवाने या संपत्ति की बहाली के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 331 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना

  • BNS §121IPC §332बदलाव हुआ

    लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विचलित करने के उद्देश्य से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 332 - लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना

  • BNS §121(1)IPC §332

    लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विचलित करने के उद्देश्य से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 332 - लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना

  • BNS §121(2)IPC §333

    लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विचलित करने के उद्देश्य से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 333 - लोक सेवक को अपने कर्तव्यों से भयोपरत स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना

  • BNS §122IPC §334बदलाव हुआ

    उकसावे पर जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 334 - प्रकोपन पर स्वेच्छया उपहति करना

  • BNS §122(1)IPC §334

    उकसावे पर जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 334 - प्रकोपन पर स्वेच्छया उपहति करना

  • BNS §122(2)IPC §335

    उकसावे पर जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

    धारा 335 - प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना

  • BNS §125IPC §336बदलाव हुआ

    ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।

    धारा 336 - कार्य जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो

  • BNS §125(a)IPC §337

    ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।

    धारा 337 - ऐसे कार्य द्वारा उपहति कारित करना, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए

  • BNS §125(b)IPC §338

    ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।

    धारा 338 - ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए

  • BNS §126IPC §339बदलाव हुआ

    गलत तरीके से रोकना।

  • BNS §126(1)IPC §339

    गलत तरीके से रोकना।

  • BNS §330IPC §443बदलाव हुआ

    घर में जबरन घुसना और घर तोड़ना।

    धारा 443 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार

  • BNS §330(1)IPC §443

    घर में जबरन घुसना और घर तोड़ना।

    धारा 443 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार

  • BNS §330(2)IPC §445

    घर में जबरन घुसना और घर तोड़ना।

    धारा 445 - गॄह-भेदन

  • BNS §331IPC §453बदलाव हुआ

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 453 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दंड

  • BNS §331 (1)IPC §453

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 453 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दंड

  • BNS §331(2)IPC §456

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 456 - रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन के लिए दंड

  • BNS §331 (3)IPC §454

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 454 - कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन

  • BNS §331 (4)IPC §457

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 457 - कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन

  • BNS §331 (5)IPC §455

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 455 - उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन

  • BNS §331 (6)IPC §458

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 458 - उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार

  • BNS §331 (7)IPC §459

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 459 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करते समय घोर उपहति कारित हो

  • BNS §331 (8)IPC §460

    घर में अनाधिकृत प्रवेश या घर तोड़ने पर सजा।

    धारा 460 - रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन में संयुक्ततः सम्पॄक्त समस्त व्यक्ति दंडनीय हैं, जबकि उनमें से एक द्वारा मॄत्यु या घोर उपहति कारित हो

  • BNS §332IPC §449बदलाव हुआ

    अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ करना।

    धारा 449 - मॄत्यु से दंडनीय अपराध को रोकने के लिए गॄह-अतिचार

  • BNS §332 (a)IPC §449

    अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ करना।

    धारा 449 - मॄत्यु से दंडनीय अपराध को रोकने के लिए गॄह-अतिचार

  • BNS §332 (b)IPC §450

    अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ करना।

    धारा 450 - अपजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार

  • BNS §332 (c)IPC §451

    अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ करना।

    धारा 451 - कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार

  • BNS §333IPC §452

    चोट पहुंचाने, हमला करने या गलत तरीके से बंधक बनाने की तैयारी के बाद घर में जबरन घुसना।

    धारा 452 - उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् गॄह-अतिचार

  • BNS §334IPC §461बदलाव हुआ

    बेईमानी से संपत्ति से भरे पात्र को तोड़कर खोलना।

    धारा 461 - ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना

  • BNS §334(1)IPC §461

    बेईमानी से संपत्ति से भरे पात्र को तोड़कर खोलना।

    धारा 461 - ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना

  • BNS §334(2)IPC §462

    बेईमानी से संपत्ति से भरे पात्र को तोड़कर खोलना।

    धारा 462 - उसी अपराध के लिए दंड, जब कि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे अभिरक्षा न्यस्त की गई है

  • BNS §335IPC §464

    जाली दस्तावेज बनाना।

  • BNS §336IPC §463बदलाव हुआ

    जालसाजी।

    धारा 463 - कूटरचना

  • BNS §336 (1)IPC §463

    जालसाजी।

    धारा 463 - कूटरचना

  • BNS §336 (2)IPC §465

    जालसाजी।

    धारा 465 - कूटरचना के लिए दण्ड

  • BNS §336 (3)IPC §468

    जालसाजी।

    धारा 468 - छल के प्रयोजन से कूटरचना

  • BNS §336 (4)IPC §469

    जालसाजी।

    धारा 469 - ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न

  • BNS §337IPC §466

    न्यायालय के अभिलेखों या सार्वजनिक रजिस्टर आदि की जालसाजी।

    धारा 466 - न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना

  • BNS §338IPC §467

    मूल्यवान प्रतिभूतियों, वसीयत आदि की जालसाजी।

    धारा 467 - मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना

  • BNS §339IPC §474

    धारा 337 या धारा 338 में वर्णित दस्तावेज को अपने कब्जे में रखना, यह जानते हुए कि वह जाली है और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करने का इरादा रखना।

    धारा 474 - धारा 466 या 467 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना