CCP 7अध्याय 0 · Preliminary
धारा 7 · प्रांतीय लघु वाद न्यायालय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
निम्नलिखित प्रावधान प्रांतीय लघु वाद न्यायालय अधिनियम, 1887 (1887 का 9) 1 [या बरार लघु वाद न्यायालय विधि, 1905 के तहत गठित न्यायालयों] या लघु वाद न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले न्यायालयों 2 [उक्त अधिनियम या विधि के तहत] 3 [या भारत के किसी भी भाग में जहां उक्त अधिनियम लागू नहीं होता] में संगत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले न्यायालयों पर लागू नहीं होंगे, अर्थात्:--
(क) संहिता के उस भाग से संबंधित भाग]--
(i) लघु वाद न्यायालय के संज्ञान से अपवादित मुकदमे;
(ii) ऐसे मुकदमों में डिक्री का निष्पादन;
(iii) अचल संपत्ति के विरुद्ध डिक्री का निष्पादन; और
(ख) निम्नलिखित खंड, अर्थात्,--
धारा 9,
धारा 91 और 92,
धारा 94 और 95 5 [जहां तक वे अधिकृत करते हैं या संबंधित हैं]--
(i) अचल संपत्ति की कुर्की के आदेश,
(ii) निषेधाज्ञाएँ,
(iii) अचल संपत्ति के रिसीवर की नियुक्ति, या
(iv) धारा 94 के खंड (ई) में दिए गए अंतरिम आदेश,] और धारा 96 से 112 और 115।
(क) संहिता के उस भाग से संबंधित भाग]--
(i) लघु वाद न्यायालय के संज्ञान से अपवादित मुकदमे;
(ii) ऐसे मुकदमों में डिक्री का निष्पादन;
(iii) अचल संपत्ति के विरुद्ध डिक्री का निष्पादन; और
(ख) निम्नलिखित खंड, अर्थात्,--
धारा 9,
धारा 91 और 92,
धारा 94 और 95 5 [जहां तक वे अधिकृत करते हैं या संबंधित हैं]--
(i) अचल संपत्ति की कुर्की के आदेश,
(ii) निषेधाज्ञाएँ,
(iii) अचल संपत्ति के रिसीवर की नियुक्ति, या
(iv) धारा 94 के खंड (ई) में दिए गए अंतरिम आदेश,] और धारा 96 से 112 और 115।
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