SC/ST Act 17अध्याय IVA · Rights of Victims and Witnesses
धारा 17 · कानून और व्यवस्था तंत्र द्वारा निवारक कार्रवाई की जानी चाहिए।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जिला मजिस्ट्रेट या उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या कोई अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस उप अधीक्षक से कम रैंक का कोई पुलिस अधिकारी, सूचना प्राप्त होने पर और ऐसी जांच के बाद, जैसा वह आवश्यक समझे, यह विश्वास करने का कारण हो कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित न होने वाला कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह, जो उसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमाओं के भीतर किसी स्थान पर रहता है या आता-जाता है, इस अधिनियम के तहत कोई अपराध करने की संभावना रखता है या उसने कोई अपराध करने की धमकी दी है और यदि उसकी राय में कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार है, तो वह ऐसे क्षेत्र को अत्याचारों से ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर सकता है और शांति और सुव्यवहार बनाए रखने तथा सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर सकता है और निवारक कार्रवाई कर सकता है।
(2) संहिता के अध्याय VIII, X और XI के प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए लागू होंगे।
(3) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक या एक से अधिक योजनाएँ बना सकती है जिनमें यह निर्दिष्ट किया गया हो कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के बीच अत्याचारों को रोकने और सुरक्षा की भावना को बहाल करने के लिए ऐसी योजना या योजनाओं में निर्दिष्ट उचित कार्रवाई किस प्रकार करेंगे।
(2) संहिता के अध्याय VIII, X और XI के प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए लागू होंगे।
(3) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक या एक से अधिक योजनाएँ बना सकती है जिनमें यह निर्दिष्ट किया गया हो कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के बीच अत्याचारों को रोकने और सुरक्षा की भावना को बहाल करने के लिए ऐसी योजना या योजनाओं में निर्दिष्ट उचित कार्रवाई किस प्रकार करेंगे।
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