HCJRAC Rules 2
धारा 2 · Section 2
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
कोई भी अधिवक्ता किसी न्यायालय में किसी व्यक्ति के लिए तब तक कार्य नहीं करेगा जब तक कि उसे उस व्यक्ति द्वारा संलग्न प्रपत्र में वकालतनामा द्वारा उस प्रयोजन के लिए नियुक्त न किया गया हो और उस व्यक्ति द्वारा या उसके मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, जिसे इस प्रकार की नियुक्ति करने के लिए विधिवत अधिकृत किया गया हो, हस्ताक्षर न किए गए हों।(2)
कोई भी अधिवक्ता जिसे केवल पैरवी करने के उद्देश्य से नियुक्त किया गया है, किसी पक्ष की ओर से तब तक पैरवी नहीं करेगा जब तक कि वह न्यायालय में स्वयं द्वारा हस्ताक्षरित उपस्थिति ज्ञापन दाखिल न कर दे, जिसमें (क) मुकदमे के पक्षकारों के नाम, (ख) उस पक्षकार का नाम जिसके लिए वह उपस्थित होता है और (ग) उस व्यक्ति का नाम जिसके द्वारा उसे उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया गया है, का उल्लेख हो: बशर्ते कि उप-नियम (2) में कुछ भी ऐसे अधिवक्ता पर लागू नहीं होगा जिसे किसी अन्य अधिवक्ता या अटॉर्नी द्वारा किसी पक्षकार की ओर से पैरवी करने के लिए नियुक्त किया गया हो, जिसे विधिवत रूप से न्यायालय में ऐसे पक्षकार की ओर से कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया हो: बशर्ते कि इस नियम में कुछ भी लोक अभियोजक या अधिवक्ता पर लागू नहीं होगा जिसे न्यायालय द्वारा किसी मामले या कार्यवाही में न्यायालय की सहायता करने के लिए अनुरोध किया गया हो या जिसे राज्य के खर्च पर किसी आपराधिक कार्यवाही में आरोपी व्यक्ति का बचाव करने के लिए नियुक्त किया गया हो: बशर्ते कि जब कोई अधिवक्ता सरकार या किसी लोक सेवक की ओर से अपनी आधिकारिक क्षमता में मुकदमा करता है या जिस पर मुकदमा किया गया है, तो उसके लिए उपस्थिति ज्ञापन दाखिल करना पर्याप्त होगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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