PMLA 9अध्याय III · Attachment, Adjudication and Confiscation
धारा 9 · संपत्ति का केंद्र सरकार में निहित होना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जहां किसी व्यक्ति की किसी संपत्ति के संबंध में धारा 8 के उप -धारा (5) या उप-धारा (7) या धारा 58बी या धारा 60 की उप-धारा (2ए) के तहत ज़ब्ती का आदेश दिया गया है, तो ऐसी संपत्ति में सभी अधिकार और स्वामित्व सभी भारों से मुक्त होकर पूर्णतः केंद्र सरकार में निहित हो जाएंगे।
बशर्ते कि जहां 2 [विशेष न्यायालय या न्यायनिर्णय प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो,] इस अध्याय के तहत कुर्क की गई संपत्ति में या अध्याय V के तहत जब्त की गई संपत्ति में रुचि रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद, इस राय का हो कि संपत्ति पर कोई भार या पट्टा-धारण हित इस अध्याय के प्रावधानों को विफल करने के उद्देश्य से बनाया गया है, तो वह आदेश द्वारा ऐसे भार या पट्टा-धारण हित को शून्य घोषित कर सकता है और इसके बाद उपर्युक्त संपत्ति ऐसे भार या पट्टा-धारण हित से मुक्त होकर केंद्र सरकार में निहित हो जाएगी:
इसके अलावा, इस धारा में कुछ भी किसी व्यक्ति को ऐसे भारों के संबंध में किसी भी दायित्व से मुक्त नहीं करेगा, जिसे क्षतिपूर्ति के मुकदमे द्वारा ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध लागू किया जा सकता है।
बशर्ते कि जहां 2 [विशेष न्यायालय या न्यायनिर्णय प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो,] इस अध्याय के तहत कुर्क की गई संपत्ति में या अध्याय V के तहत जब्त की गई संपत्ति में रुचि रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद, इस राय का हो कि संपत्ति पर कोई भार या पट्टा-धारण हित इस अध्याय के प्रावधानों को विफल करने के उद्देश्य से बनाया गया है, तो वह आदेश द्वारा ऐसे भार या पट्टा-धारण हित को शून्य घोषित कर सकता है और इसके बाद उपर्युक्त संपत्ति ऐसे भार या पट्टा-धारण हित से मुक्त होकर केंद्र सरकार में निहित हो जाएगी:
इसके अलावा, इस धारा में कुछ भी किसी व्यक्ति को ऐसे भारों के संबंध में किसी भी दायित्व से मुक्त नहीं करेगा, जिसे क्षतिपूर्ति के मुकदमे द्वारा ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध लागू किया जा सकता है।
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