PC Act 7अध्याय III · Offences and Penalties
धारा 7 · लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [ 7. लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध। -- कोई भी लोक सेवक जो,--
(क) किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है, इस इरादे से कि वह सार्वजनिक कर्तव्य का अनुचित या बेईमानी से पालन करे या करवाए, या स्वयं या किसी अन्य लोक सेवक द्वारा ऐसे कर्तव्य के पालन से परहेज करे या परहेज करवाए; या
(ख) किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है, जो कि सार्वजनिक कर्तव्य के अनुचित या बेईमानीपूर्ण निष्पादन के लिए या स्वयं या किसी अन्य लोक सेवक द्वारा ऐसे कर्तव्य के निष्पादन से परहेज करने के लिए पुरस्कार के रूप में हो; या
(ग) किसी लोक सेवक को अनुचित या बेईमानी से लोक कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित करता है या किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करने की प्रत्याशा में या उसके परिणामस्वरूप ऐसे कर्तव्य के पालन से बचने के लिए प्रेरित करता है।
इसके लिए कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष तक के कारावास की सजा दी जाएगी तथा जुर्माना भी लगाया जाएगा।
स्पष्टीकरण 1 .--इस धारा के प्रयोजन के लिए, अनुचित लाभ प्राप्त करना, स्वीकार करना या प्राप्त करने का प्रयास करना स्वयं एक अपराध होगा, भले ही लोक सेवक द्वारा लोक कर्तव्य का पालन अनुचित न हो या अनुचित न रहा हो।
उदाहरण .-- एक लोक सेवक, 'एस', एक व्यक्ति, 'पी' से उसके नियमित राशन कार्ड आवेदन को समय पर संसाधित करने के लिए पाँच हजार रुपये की राशि मांगता है। 'एस' इस धारा के अंतर्गत अपराध का दोषी है।
स्पष्टीकरण 2 .--इस धारा के प्रयोजन के लिए,--
(i) "प्राप्त करता है" या "स्वीकार करता है" या "प्राप्त करने का प्रयास करता है" अभिव्यक्तियाँ उन मामलों को कवर करेंगी जहाँ कोई व्यक्ति, लोक सेवक होते हुए, अपने लोक सेवक के पद का दुरुपयोग करके या किसी अन्य लोक सेवक पर अपने व्यक्तिगत प्रभाव का उपयोग करके; या किसी अन्य भ्रष्ट या अवैध साधन से, अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई अनुचित लाभ प्राप्त करता है या "स्वीकार करता है" या प्राप्त करने का प्रयास करता है;
(ii) यह अप्रासंगिक होगा कि ऐसा व्यक्ति लोक सेवक होते हुए भी अनुचित लाभ प्रत्यक्ष रूप से या किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है।
(क) किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है, इस इरादे से कि वह सार्वजनिक कर्तव्य का अनुचित या बेईमानी से पालन करे या करवाए, या स्वयं या किसी अन्य लोक सेवक द्वारा ऐसे कर्तव्य के पालन से परहेज करे या परहेज करवाए; या
(ख) किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है, जो कि सार्वजनिक कर्तव्य के अनुचित या बेईमानीपूर्ण निष्पादन के लिए या स्वयं या किसी अन्य लोक सेवक द्वारा ऐसे कर्तव्य के निष्पादन से परहेज करने के लिए पुरस्कार के रूप में हो; या
(ग) किसी लोक सेवक को अनुचित या बेईमानी से लोक कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित करता है या किसी व्यक्ति से अनुचित लाभ प्राप्त करने की प्रत्याशा में या उसके परिणामस्वरूप ऐसे कर्तव्य के पालन से बचने के लिए प्रेरित करता है।
इसके लिए कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष तक के कारावास की सजा दी जाएगी तथा जुर्माना भी लगाया जाएगा।
स्पष्टीकरण 1 .--इस धारा के प्रयोजन के लिए, अनुचित लाभ प्राप्त करना, स्वीकार करना या प्राप्त करने का प्रयास करना स्वयं एक अपराध होगा, भले ही लोक सेवक द्वारा लोक कर्तव्य का पालन अनुचित न हो या अनुचित न रहा हो।
उदाहरण .-- एक लोक सेवक, 'एस', एक व्यक्ति, 'पी' से उसके नियमित राशन कार्ड आवेदन को समय पर संसाधित करने के लिए पाँच हजार रुपये की राशि मांगता है। 'एस' इस धारा के अंतर्गत अपराध का दोषी है।
स्पष्टीकरण 2 .--इस धारा के प्रयोजन के लिए,--
(i) "प्राप्त करता है" या "स्वीकार करता है" या "प्राप्त करने का प्रयास करता है" अभिव्यक्तियाँ उन मामलों को कवर करेंगी जहाँ कोई व्यक्ति, लोक सेवक होते हुए, अपने लोक सेवक के पद का दुरुपयोग करके या किसी अन्य लोक सेवक पर अपने व्यक्तिगत प्रभाव का उपयोग करके; या किसी अन्य भ्रष्ट या अवैध साधन से, अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई अनुचित लाभ प्राप्त करता है या "स्वीकार करता है" या प्राप्त करने का प्रयास करता है;
(ii) यह अप्रासंगिक होगा कि ऐसा व्यक्ति लोक सेवक होते हुए भी अनुचित लाभ प्रत्यक्ष रूप से या किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से प्राप्त करता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 7 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- विशेष न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
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