अपराध जाँचक
कोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।
- प्रकाशित
- 8522
- जमानतीय
- 6196
- अजमानतीय
- 1830
- संज्ञेय
- 2552
- अधिनियम
- 3166
10 परिणाम
यह सूची CSV में डाउनलोड करें- 13लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार।भ्र.नि. अधि. · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 14आदतन अपराधी के लिए दंड।भ्र.नि. अधि. · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 7लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध।भ्र.नि. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 7Aभ्रष्ट या अवैध साधनों से या व्यक्तिगत प्रभाव का प्रयोग करके लोक सेवक को प्रभावित करने के लिए अनुचित लाभ उठाना।भ्र.नि. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 8लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध।भ्र.नि. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 10वाणिज्यिक संगठन के प्रभारी व्यक्ति को अपराध का दोषी माना जाएगा।भ्र.नि. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 12अपराधों में सहायता करने पर दंड।भ्र.नि. अधि. · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 11लोक सेवक द्वारा किसी कार्यवाही या व्यवसाय से संबंधित व्यक्ति से बिना किसी प्रतिफल के अनुचित लाभ प्राप्त करना।भ्र.नि. अधि. · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 15प्रयास करने पर सजा।भ्र.नि. अधि. · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 9किसी व्यावसायिक संगठन द्वारा लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध।भ्र.नि. अधि. · जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगाजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
कौन-सी संहिता लागू होगी?
प्रक्रिया: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद दर्ज हर मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू है; उस दिन पहले से लंबित अन्वेषण, जाँच या विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन चलता रहता है (भा.ना.सु.सं. धारा 531(2)(क))। अपराध: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद किया गया कृत्य भारतीय न्याय संहिता के अधीन, उससे पहले का भारतीय दंड संहिता के अधीन।
