OHBEPF Rules 18
धारा 18 · जीवन बीमा पॉलिसियों का वित्तपोषण
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
जहां कोई ग्राहक यह चाहता है कि उसके द्वारा अपने जीवन पर ली गई जीवन बीमा पॉलिसी पर देय प्रीमियम उसके भविष्य निधि खाते से वित्तपोषित किया जाए, तो वह अध्यक्ष द्वारा निर्दिष्ट प्रपत्र और तरीके से आवेदन कर सकता है।(2)
ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर, अध्यक्ष या अध्यक्ष द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी ग्राहक की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम को उसकी पॉलिसी पर देय प्रीमियम का भुगतान कर सकता है: बशर्ते कि ऐसा कोई भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि प्रीमियम वार्षिक रूप से देय न हो।(3)
उप-नियम (2) के अधीन किया गया कोई भी भुगतान निधि में ग्राहक के स्वयं के अंशदान से किया जाएगा और उस पर ब्याज सहित उसके खाते में जमा किया जाएगा।(4)
उप-नियम (2) के तहत कोई भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि ग्राहक के भविष्य निधि खाते में ब्याज सहित उसका स्वयं का अंशदान प्रीमियम का भुगतान करने के लिए पर्याप्त न हो, और जहां भुगतान किया जाना है वह पहला प्रीमियम हो, जो दो वर्षों के प्रीमियम का भुगतान करने के लिए पर्याप्त हो।(5)
जीवन बीमा पॉलिसी के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाएगा, जब तक कि यह ग्राहक द्वारा बोर्ड को कानूनी रूप से हस्तांतरित करने योग्य न हो।(6)
अध्यक्ष मौजूदा पॉलिसियों के संबंध में भुगतान करने से पहले, जीवन बीमा निगम से परामर्श करके यह सुनिश्चित करेगा कि पॉलिसी का कोई पूर्व असाइनमेंट मौजूद नहीं है और पॉलिसी सभी भारों से मुक्त है।(7)
इस निधि से कोई शैक्षिक बंदोबस्ती पॉलिसी या विवाह बंदोबस्ती पॉलिसी वित्तपोषित नहीं की जाएगी। यदि ऐसी पॉलिसी का पूरा या आंशिक भुगतान ग्राहक के सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने से पहले देय हो।इस धारा पर आपका निजी नोट
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