OGP Act 10
धारा 10 · ग्राम पंचायत का गठन
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
प्रत्येक ग्राम पंचायत में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:(क)
धारा 4 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा अपने बीच से चुना जाने वाला एक सदस्य, जो सरपंच होगा; और(ख)
प्रत्येक वार्ड से उस वार्ड की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों द्वारा अपने बीच से एक सदस्य का चुनाव किया जाएगा;(ग)
[ * * *] [उड़ीसा राजपत्र असाधारण संख्या 426/18.4.1994-अधिसूचना संख्या 6139/विधायी/18.4.1994 द्वारा हटा दिया गया।](2)
प्रत्येक ग्राम पंचायत के संबंध में एक नायब-सरपंच होगा, जिसका चुनाव धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।(3)
[(क) प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित होंगी और इस प्रकार आरक्षित सीटों की संख्या, जहाँ तक संभव हो, उस ग्राम पंचायत में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों के अनुपात में होगी, जिस अनुपात में संबंधित ग्राम में अनुसूचित जाति की जनसंख्या या उस ग्राम में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या उस ग्राम की कुल जनसंख्या के अनुपात में है और ऐसी सीटें ग्राम पंचायत के विभिन्न वार्डों में बारी-बारी से आवंटित की जाएंगी:] [उड़ीसा राजपत्र असाधारण संख्या 426/18.4.1994-अधिसूचना संख्या 6139/विधायी/18.4.1994 द्वारा प्रतिस्थापित।] बशर्ते कि जहाँ किसी ग्राम में अनुसूचित जाति या, जैसा भी मामला हो, अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या किसी सीट के आरक्षण के लिए पर्याप्त नहीं है, वहाँ अनुसूचित जाति के लिए एक सीट या, जैसा भी मामला हो, अनुसूचित जनजाति के लिए एक सीट आरक्षित की जाएगी। उस ग्राम में आरक्षित की जाए: [इसके अलावा, अनुसूचित क्षेत्रों में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से कम से कम आधी सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित होंगी;] [ओए 15 ऑफ 1997, उड़ीसा राजपत्र असाधारण संख्या 1567, अधिसूचना संख्या 22433 दिनांक 22.12.1997 द्वारा सम्मिलित।](ख)
खंड (क) के अधीन आरक्षित कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई सीटें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।(ग)
प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई (अनुसूचित जाति [अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के नागरिकों] से संबंधित महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या सहित) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीटें ग्राम के विभिन्न वार्डों में बारी-बारी से आवंटित की जाएंगी।(4)
[उपधारा (3) के प्रयोजनों के लिए सीटों के आरक्षण के संबंध में प्रक्रिया निम्नानुसार होगी:(क)
ग्राम में जिन वार्डों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या घनत्व अधिक है, उन्हें कलेक्टर द्वारा क्रमशः अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाएगा और प्रत्येक आम चुनाव में अवरोही क्रम में आरक्षित किया जाएगा [और पिछड़े वर्ग के नागरिकों के मामले में ऐसा आरक्षण और परावर्तन निर्धारित तरीके से होगा।](ख)
वार्डों को निर्धारित तरीके से सूची में क्रम संख्या दी जाएगी और कलेक्टर ग्राम में महिलाओं के लिए आवश्यक संख्या में वार्ड निम्नलिखित तरीके से आरक्षित करेगा, अर्थात्:(ग)
कलेक्टर, निर्धारित समयावधि के भीतर सभी इच्छुक व्यक्तियों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करते हुए, निर्धारित तरीके से पूर्व प्रकाशन के बाद, आदेश द्वारा, ग्राम को वार्डों में विभाजित करने और उनमें आरक्षित की जाने वाली सीटों को दर्शाने वाला एक विवरण अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करेगा, जो अंतिम होगा।](5)
इस धारा में किसी विपरीत बात के होते हुए भी-(क)
ग्राम पंचायतों में सरपंचों के पद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगे और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों की संख्या, जहां तक संभव हो, ऐसे पदों की कुल संख्या के अनुपात में होगी, जिस अनुपात में राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या राज्य की कुल जनसंख्या के अनुपात में है; और(ख)
[धारा (क) के अंतर्गत आरक्षित सरपंचों के कुल पदों में से लगभग एक तिहाई पद अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे; [ओडिशा राजपत्र असाधारण संख्या 1649 दिनांक 7.9.2001 द्वारा प्रतिस्थापित।](ग)
ग्राम पंचायतों में सरपंचों के पदों में से लगभग सत्ताईस प्रतिशत पद संविधान के अनुच्छेद 243-डी के खंड (6) में निर्दिष्ट पिछड़े वर्ग के नागरिकों के पक्ष में आरक्षित होंगे और इन्हें विभिन्न ग्रामों को बारी-बारी से आवंटित किया जाएगा;(घ)
खंड (ग) के अधीन आरक्षित सरपंचों के कुल पदों में से लगभग एक तिहाई पद पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे; और(ई)
ग्राम पंचायतों में सरपंचों के कुल पदों में से लगभग एक तिहाई (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित पदों की संख्या सहित) पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, लेकिन इससे कम नहीं होंगे।(6)
[ग्राम पंचायतों में सरपंचों के पदों के आरक्षण के प्रयोजन के लिए और उपधारा (5) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए-(क)
ब्लॉक में जिन ग्रामों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या घनत्व अधिक है, उनके संबंध में ग्राम पंचायतों को कलेक्टर द्वारा क्रमशः अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाएगा और प्रत्येक आम चुनाव में अवरोही क्रम में आरक्षित किया जाएगा; और(ख)
किसी ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामों के नामों को उड़िया वर्णानुक्रम में व्यवस्थित करने के बाद, प्रत्येक ब्लॉक में सरपंचों के कुल पदों में से यथासंभव एक तिहाई पद, लेकिन कम से कम एक तिहाई पद कलेक्टर द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे और ऐसे आरक्षण के लिए, उपधारा (4) के खंड (ख) में दी गई प्रक्रिया यथासंभव लागू होगी।](7)
उपधारा (3) के खंड (क) और (ख) के अधीन सीटों का आरक्षण तथा उपधारा (5) के अधीन सरपंचों के पदों का आरक्षण (महिलाओं के लिए आरक्षण को छोड़कर) [और पिछड़े वर्ग के नागरिकों] [ओजी असाधारण संख्या 1649 दिनांक 7.9.2001 द्वारा सम्मिलित] संविधान के अनुच्छेद 334 में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर प्रभावी नहीं रहेगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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