OEO 2
धारा 2 · परिभाषाएं
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परिभाषाएँ।
(1)
इस क्रम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:-(क)
"अधिनियम" से तात्पर्य भारतीय विद्युत अधिनियम, 1910 से है।(ख)
"केबल" से तात्पर्य विद्युत ऊर्जा के संचरण, वितरण और उपयोग के लिए सभी भूमिगत, ओवरहेड और खाई में बिछाई गई केबलों से है, और इसमें नियंत्रण उपकरण और दूरसंचार, वीडियो/ऑडियो नेटवर्क आदि के लिए केबल शामिल हैं।(ग)
"क्षमता" से तात्पर्य व्यक्तिगत उपकरणों, मोटरों, जनरेटरों, डीजल जनरेटर/टर्बो जनरेटर इकाइयों की रेटेड क्षमता से है, जैसा भी मामला हो, किलोवाट में और जब भी आवश्यक हो, इसे 0.8 के पावर फैक्टर के साथ केवीए में परिवर्तित किया जाएगा;(घ)
स्थापना का "संयोजित भार" स्थापित उपकरण की कुल रेटिंग होगी।(ई)
"विद्युत निरीक्षक" से तात्पर्य धारा 36 के अधीन नियुक्त मुख्य विद्युत निरीक्षक या विद्युत निरीक्षक या उप विद्युत निरीक्षक या सहायक विद्युत निरीक्षक से है;(f)
"उत्पादन स्टेशन" से तात्पर्य विद्युत उत्पादन के लिए अभिप्रेत/उपयोग किए जाने वाले स्टेशन से है, जिसमें उस उद्देश्य के लिए उपयोग की जाने वाली कोई भी इमारत और संयंत्र (सेट-अप ट्रांसफार्मर, स्विच गियर, केबल या अन्य सहायक उपकरण, यदि कोई हो) और उसका स्थल, उत्पादन स्टेशन के लिए उपयोग किया जाने वाला स्थल और उत्पादन स्टेशन के परिचालन कर्मचारियों के आवास के लिए उपयोग की जाने वाली कोई भी इमारत और जहां बिजली उत्पन्न होती है, शामिल है।(जी)
"प्रारंभिक निरीक्षण" का अर्थ है किसी नए विद्युत उपकरण या यंत्र को चालू करने से पहले निरीक्षण, जांच या परीक्षण करना, जिसमें उन उपकरणों का प्रतिस्थापन भी शामिल है जिन्हें ऊर्जा की आपूर्ति की जानी है।(h)
"लाइनें" में विद्युत ऊर्जा के संचरण, वितरण और उपयोग के लिए उपयोग की जाने वाली सभी संचरण वितरण और सेवा लाइनें शामिल हैं।(i)
"मालिक" में किसी भवन, स्थान, वाहन या पोत के विद्युत प्रतिष्ठान का अधिभोगी शामिल होगा जिसमें ऊर्जा उत्पन्न, प्राप्त या उपयोग की जाती है या की जाने वाली है;(j)
"आवधिक निरीक्षण" का अर्थ है, उपयुक्त पैमानों के तहत आंतरिक रूप से निर्दिष्ट समय पर, उस प्रतिष्ठान या उपकरण का निरीक्षण, परीक्षण या जांच जिसमें ऊर्जा का निरंतर उपयोग किया जाता है।(k)
"पुनः निरीक्षण" का अर्थ है, प्रारंभिक निरीक्षण के अनुपालन या अवलोकन के बाद, जब ऊर्जाकरण की अनुमति नहीं थी, तो प्रारंभिक निरीक्षण के बाद स्थापना या उपकरण का निरीक्षण, परीक्षण या जांच।(एल)
"नियम" से तात्पर्य भारतीय विद्युत नियम, 1956 से है;(m)
"पैमाना" से तात्पर्य इस आदेश के साथ संलग्न शुल्क के पैमाने से है;(n)
"उप-स्टेशन" से तात्पर्य विद्युत संचरण या वितरण हेतु विद्युत को रूपांतरित या परिवर्तित करने वाले स्टेशन से है तथा इसमें ट्रांसफार्मर, कन्वर्टर, स्विच गियर, कैपेसिटर, सिंक्रोनस कंडेंसर, संरचनाएं, केबल और अन्य सहायक उपकरण तथा उस प्रयोजन के लिए प्रयुक्त कोई भी भवन तथा उसका स्थल, ऐसे किसी प्रयोजन के लिए प्रयुक्त स्थल तथा उप-स्टेशन के कर्मचारियों के आवास हेतु प्रयुक्त कोई भी भवन शामिल हैं।(ओ)
"परीक्षण" का अर्थ है निर्दिष्ट/मानकीकृत परीक्षण प्रक्रियाओं के माध्यम से उपकरण/उपकरण/सामग्री या सहायक इकाइयों के संचालन मापदंडों का निर्धारण करना तथा इसमें अंशांकन शामिल हो सकता है।इस धारा पर आपका निजी नोट
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