OEO 153
धारा 153 · विशेष न्यायालयों का गठन। - (1) राज्य सरकार, धारा 135 से 139 में निर्दिष्ट अपराधों के शीघ्र निपटारे के प्रयोजन से, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जाए, उतने विशेष न्यायालयों का गठन कर सकती है जितने आवश्यक हों।
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विशेष न्यायालयों का गठन। - (1) राज्य सरकार, धारा 135 से 139 में निर्दिष्ट अपराधों के शीघ्र निपटारे के प्रयोजन से, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जाए, उतने विशेष न्यायालयों का गठन कर सकती है।
(2)
विशेष न्यायालय में एक एकल न्यायाधीश होगा, जिसकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय की सहमति से की जाएगी।(3)
कोई व्यक्ति विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह ऐसी नियुक्ति से ठीक पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न रहा हो।(4)
यदि किसी विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का पद रिक्त हो, या ऐसा न्यायाधीश उस विशेष न्यायालय के सामान्य बैठक स्थल से अनुपस्थित हो, या वह बीमारी या किसी अन्य कारण से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असमर्थ हो, तो विशेष न्यायालय में किसी भी अत्यावश्यक कार्य का निपटारा किया जाएगा-(क)
विशेष न्यायालय में अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले किसी न्यायाधीश द्वारा;(ख)
जहां ऐसा कोई अन्य न्यायाधीश उपलब्ध न हो, उपधारा (1) के तहत अधिसूचित विशेष न्यायालय के सामान्य बैठक स्थल पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशानुसार।इस धारा पर आपका निजी नोट
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