MB Act 21
धारा 21 · नियोजक द्वारा अधिनियम के उल्लंघन के लिए शास्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि कोई नियोजक, इस अधिनियम के अधीन हकदार किसी स्त्री की प्रसूति प्रसुविधा की किसी रकम का संदाय करने में असफल रहेगा या इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार काम से अनुपस्थित रहने के दौरान या उसके कारण ऐसी स्त्री को सेवोन्मुक़्त या पदच्युत करेगा, तो वह कारावास से, जो तीन मास से कम का नहीं होगा किंतु जो एक वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए से कम का नहीं होगा किंतु जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा :
परंतु न्यायालय, पर्याप्त कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएंगे, और कम अवधि के कारावास का या कारावास के बजाय जुर्माने का दंडादेश, अधिरोपित कर सकेगा ।
(2) यदि कोई नियोजक इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों का उल्लंघन करेगा तो वह, यदि ऐसे उल्लंघन के लिए इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन अन्यत्र कोई अन्य शास्ति उपबंधित नहीं की गई हैं, ऐसे कारावास से, जो एक वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डनीय होगा:
परंतु जहां उल्लंघन प्रसूति प्रसुविधा के बारे में या किसी अन्य रकम के संदाय के बारे में किसी उपबंध का हो और ऐसी प्रसूति प्रसुविधा या रकम पहले ही वसूल नहीं कर ली गई हो वहां, न्यायालय, उसके अतिरिक्त, ऐसी प्रसूति प्रसुविधा या रकम ऐसे वसूल करेगा, मानो वह जुर्माना हो और उसे उसके हकदार व्यक्ति को संदत्त करेगा ।
परंतु न्यायालय, पर्याप्त कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएंगे, और कम अवधि के कारावास का या कारावास के बजाय जुर्माने का दंडादेश, अधिरोपित कर सकेगा ।
(2) यदि कोई नियोजक इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों का उल्लंघन करेगा तो वह, यदि ऐसे उल्लंघन के लिए इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन अन्यत्र कोई अन्य शास्ति उपबंधित नहीं की गई हैं, ऐसे कारावास से, जो एक वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डनीय होगा:
परंतु जहां उल्लंघन प्रसूति प्रसुविधा के बारे में या किसी अन्य रकम के संदाय के बारे में किसी उपबंध का हो और ऐसी प्रसूति प्रसुविधा या रकम पहले ही वसूल नहीं कर ली गई हो वहां, न्यायालय, उसके अतिरिक्त, ऐसी प्रसूति प्रसुविधा या रकम ऐसे वसूल करेगा, मानो वह जुर्माना हो और उसे उसके हकदार व्यक्ति को संदत्त करेगा ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 1 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 3 माह
- जुर्माना
- ₹5,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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