IF Act 38अध्याय V · Of the Control Over Forestsand Landsnotbeingthe Property of Government
धारा 38 · स्वामियों की प्रार्थना पर वनों का संरक्षण
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी भूमि का स्वामी, या यदि उसके एक से अधिक स्वामी हैं, तो उन अंशों में से कुल मिलाकर कम से कम दो तिहाई अंशों के स्वामी इस दृष्टि से कि उस भूमि पर वनों का रोपण या संरक्षण किया जाए, कलक्टर को अपनी इस इच्छा का लिखित अभ्यावेदन कर सकेगा या कर सकेंगेः-
(क) कि हमारी ओर से ऐसी भूमि का आरक्षित या संरक्षित वन के रूप में प्रबन्ध वन अधिकारी द्वारा ऐसे निबन्धनों पर किया जाए जो परस्पर कराए पाए जाएं, या
(ख) इस अधिनियम के सब उपबन्ध या उनमें से कोई उपबन्ध ऐसी भूमि को लागू कर दिए जाएं।
(2) दोनों में से हर अवस्था में, राज्य सरकार, ऐसी भूमि को इस अधिनियम के ऐसे उपबन्ध राजपत्र में अधिसूचना द्वारा लागू कर सकेगी, जिन्हें वह ऐसी भूमि पर परिस्थितियों में उचित समझती हो और जो आवेदकों द्वारा वांछित हो।
(क) कि हमारी ओर से ऐसी भूमि का आरक्षित या संरक्षित वन के रूप में प्रबन्ध वन अधिकारी द्वारा ऐसे निबन्धनों पर किया जाए जो परस्पर कराए पाए जाएं, या
(ख) इस अधिनियम के सब उपबन्ध या उनमें से कोई उपबन्ध ऐसी भूमि को लागू कर दिए जाएं।
(2) दोनों में से हर अवस्था में, राज्य सरकार, ऐसी भूमि को इस अधिनियम के ऐसे उपबन्ध राजपत्र में अधिसूचना द्वारा लागू कर सकेगी, जिन्हें वह ऐसी भूमि पर परिस्थितियों में उचित समझती हो और जो आवेदकों द्वारा वांछित हो।
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