FC Act 1A
धारा 1A · कुछ निश्चित भूमि को कवर करने वाला अधिनियम।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [1ए. अधिनियम में कुछ भूमि शामिल होगी.-- (1) निम्नलिखित भूमि इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आएगी, अर्थात्:--
(क) वह भूमि जिसे भारतीय वन अधिनियम, 1927 (16 ऑफ 1927) के प्रावधानों के अनुसार या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत वन घोषित या अधिसूचित किया गया हो;
(ख) वह भूमि जो खंड (क) के अंतर्गत नहीं आती है, परन्तु 25 अक्टूबर, 1980 को या उसके बाद सरकारी अभिलेख में वन के रूप में दर्ज की गई हो:
बशर्ते कि इस खंड के प्रावधान ऐसी भूमि पर लागू नहीं होंगे, जिसका उपयोग किसी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के अनुसरण में 12 दिसंबर, 1996 को या उससे पहले वन उपयोग से गैर-वन प्रयोजन के लिए परिवर्तित किया गया हो।
स्पष्टीकरण.-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "सरकारी अभिलेख" अभिव्यक्ति का अर्थ राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के राजस्व विभाग या वन विभाग, या राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त किसी प्राधिकरण, स्थानीय निकाय, समुदाय या परिषद द्वारा धारित अभिलेख है।
(2) निम्नलिखित प्रकार की भूमि इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आएगी, अर्थात्:--
(क) सरकार द्वारा अनुरक्षित रेल लाइन या सार्वजनिक सड़क के किनारे स्थित ऐसी वन भूमि, जो किसी बस्ती या रेल तथा सड़क किनारे की सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करती हो, प्रत्येक मामले में अधिकतम 0.10 हेक्टेयर तक के आकार की हो;
(ख) ऐसे वृक्ष, वृक्षारोपण या वनीकरण जो उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट भूमि पर नहीं उगाए गए हों; और
(ग) ऐसी वन भूमि,--
(i) जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं या नियंत्रण रेखा या वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सौ किलोमीटर की दूरी के भीतर स्थित है, जैसा भी मामला हो, जिसका उपयोग राष्ट्रीय महत्व की और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित रणनीतिक रैखिक परियोजना के निर्माण के लिए प्रस्तावित है; या
(ii) दस हेक्टेयर तक की भूमि, जिसका उपयोग सुरक्षा संबंधी अवसंरचना के निर्माण के लिए प्रस्तावित है; या
(iii) रक्षा संबंधी परियोजना या अर्धसैनिक बलों के शिविर या सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिसका क्षेत्रफल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में पांच हेक्टेयर से अधिक नहीं है।
(3) उपधारा (2) के अधीन दी गई छूट ऐसी शर्तों और नियमों के अधीन होगी, जिनमें भूमि पर पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए वृक्षारोपण की शर्तें भी शामिल होंगी, जैसा कि केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है।]
(क) वह भूमि जिसे भारतीय वन अधिनियम, 1927 (16 ऑफ 1927) के प्रावधानों के अनुसार या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत वन घोषित या अधिसूचित किया गया हो;
(ख) वह भूमि जो खंड (क) के अंतर्गत नहीं आती है, परन्तु 25 अक्टूबर, 1980 को या उसके बाद सरकारी अभिलेख में वन के रूप में दर्ज की गई हो:
बशर्ते कि इस खंड के प्रावधान ऐसी भूमि पर लागू नहीं होंगे, जिसका उपयोग किसी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के अनुसरण में 12 दिसंबर, 1996 को या उससे पहले वन उपयोग से गैर-वन प्रयोजन के लिए परिवर्तित किया गया हो।
स्पष्टीकरण.-- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "सरकारी अभिलेख" अभिव्यक्ति का अर्थ राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के राजस्व विभाग या वन विभाग, या राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त किसी प्राधिकरण, स्थानीय निकाय, समुदाय या परिषद द्वारा धारित अभिलेख है।
(2) निम्नलिखित प्रकार की भूमि इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आएगी, अर्थात्:--
(क) सरकार द्वारा अनुरक्षित रेल लाइन या सार्वजनिक सड़क के किनारे स्थित ऐसी वन भूमि, जो किसी बस्ती या रेल तथा सड़क किनारे की सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करती हो, प्रत्येक मामले में अधिकतम 0.10 हेक्टेयर तक के आकार की हो;
(ख) ऐसे वृक्ष, वृक्षारोपण या वनीकरण जो उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट भूमि पर नहीं उगाए गए हों; और
(ग) ऐसी वन भूमि,--
(i) जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं या नियंत्रण रेखा या वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सौ किलोमीटर की दूरी के भीतर स्थित है, जैसा भी मामला हो, जिसका उपयोग राष्ट्रीय महत्व की और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित रणनीतिक रैखिक परियोजना के निर्माण के लिए प्रस्तावित है; या
(ii) दस हेक्टेयर तक की भूमि, जिसका उपयोग सुरक्षा संबंधी अवसंरचना के निर्माण के लिए प्रस्तावित है; या
(iii) रक्षा संबंधी परियोजना या अर्धसैनिक बलों के शिविर या सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिसका क्षेत्रफल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में पांच हेक्टेयर से अधिक नहीं है।
(3) उपधारा (2) के अधीन दी गई छूट ऐसी शर्तों और नियमों के अधीन होगी, जिनमें भूमि पर पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए वृक्षारोपण की शर्तें भी शामिल होंगी, जैसा कि केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है।]
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