संविधान (92वाँ संशोधन) अधिनियम, 2003
अवलोकन
कार्यक्रम प्रभावित हुए
- आठवीं अनुसूची
उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के चौवनवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:—
संक्षिप्त नाम
इस अधिनियम को संविधान (बानवेवां संशोधन) अधिनियम, 2003 कहा जा सकता है।
आठवीं अनुसूची का संशोधन
संविधान की आठवीं अनुसूची में—
(क) मौजूदा प्रविष्टि 3 को पुनः क्रमांकित करके प्रविष्टि 5 कर दिया जाएगा, और इस प्रकार पुनः क्रमांकित प्रविष्टि 5 से पहले निम्नलिखित प्रविष्टियाँ जोड़ी जाएंगी, अर्थात्:—
3. बोडो.
4. डोगरी।"
(ख) मौजूदा प्रविष्टियाँ 4 से 7 को क्रमशः प्रविष्टियाँ 6 से 9 के रूप में पुनः क्रमांकित किया जाएगा;
(ग) मौजूदा प्रविष्टि 8 को पुनः क्रमांकित करके प्रविष्टि 11 कर दिया जाएगा और इस प्रकार पुनः क्रमांकित प्रविष्टि 11 से पहले निम्नलिखित प्रविष्टि जोड़ी जाएगी, अर्थात्:—
10. मैथिली।"
(घ) मौजूदा प्रविष्टियाँ 9 से 14 को क्रमशः प्रविष्टियाँ 12 से 17 के रूप में पुनः क्रमांकित किया जाएगा;
(ई) मौजूदा प्रविष्टि 15 को पुनः क्रमांकित करके प्रविष्टि 19 कर दिया जाएगा और इस प्रकार पुनः क्रमांकित प्रविष्टि 19 से पहले निम्नलिखित प्रविष्टि जोड़ी जाएगी, अर्थात्:—
18. संताली।"
(f) मौजूदा प्रविष्टियाँ 16 से 18 को क्रमशः प्रविष्टियाँ 20 से 22 के रूप में पुनः क्रमांकित किया जाएगा।[3]
