संविधान (56वाँ संशोधन) अधिनियम, 1987
अवलोकन
लेख सम्मिलित किए गए
- 371-मैं
भारत सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश गोवा, दमन और दीव के गोवा जिले में आने वाले क्षेत्रों को गोवा राज्य के रूप में और उस केंद्र शासित प्रदेश के दमन और दीव जिलों में आने वाले क्षेत्रों को दमन और दीव के नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठित करने का प्रस्ताव रखा है।
उद्देश्यों और कारणों का कथन
संविधान (सत्तावनवाँ संशोधन) विधेयक, 1987 के साथ संलग्न उद्देश्यों और कारणों का विवरण, जिसे संविधान (छप्पनवाँ संशोधन) अधिनियम, 1987 के रूप में अधिनियमित किया गया था।
भारत सरकार ने गोवा, दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेश के गोवा जिले में आने वाले क्षेत्रों को गोवा राज्य के रूप में गठित करने और उसी केंद्र शासित प्रदेश के दमन और दीव जिलों में आने वाले क्षेत्रों को दमन और दीव के नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठित करने का प्रस्ताव रखा है। इस संदर्भ में, यह प्रस्तावित है कि नए गोवा राज्य की विधान सभा में चालीस सदस्य होंगे। गोवा, दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेश की वर्तमान विधान सभा में तीस निर्वाचित सदस्य और तीन मनोनीत सदस्य हैं। दमन और दीव जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो सदस्यों को छोड़कर, इस विधान सभा को नए गोवा राज्य की अंतरिम विधान सभा बनाने का इरादा है, जब तक कि वर्तमान विधान सभा का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने पर चुनाव नहीं हो जाते। इसलिए, यह प्रस्तावित है कि नए गोवा राज्य की विधान सभा में कम से कम 30 सदस्य होंगे।
2. उपरोक्त प्रस्ताव को प्रभावी बनाने के लिए संविधान में विशेष प्रावधान करना आवश्यक है। तदनुसार, यह विधेयक संविधान में संशोधन करना चाहता है। गोवा, दमन और दीव के मौजूदा केंद्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन के लिए एक अलग विधेयक भी पेश किया जा रहा है ताकि गोवा नामक नया राज्य बनाया जा सके। भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम। भारत गणराज्य के अड़तीसवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप से अधिनियमित किया जाता है:-
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम को संविधान (छप्पनवाँ संशोधन) अधिनियम, 1987 कहा जा सकता है।
(2) यह ऐसी तिथि_674 से लागू होगा, जैसा कि केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
नए अनुच्छेद 371-I का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 371H के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
371-I. गोवा राज्य के संबंध में विशेष प्रावधान।- इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, गोवा राज्य की विधान सभा में कम से कम तीस सदस्य होंगे।
