संविधान (54वाँ संशोधन) अधिनियम, 1986
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 125
- 221
कार्यक्रम प्रभावित हुए
- दूसरी अनुसूची
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के वेतन का निर्धारण भारत के संविधान की द्वितीय अनुसूची के भाग डी के प्रावधानों द्वारा किया जाता है, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:
उद्देश्यों और कारणों का कथन
संविधान (चौवनवाँ संशोधन) विधेयक, 1986 के साथ संलग्न उद्देश्यों और कारणों का विवरण, जिसे संविधान (चौवनवाँ संशोधन) अधिनियम, 1986 के रूप में अधिनियमित किया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के वेतन का निर्धारण भारत के संविधान की द्वितीय अनुसूची के भाग डी के प्रावधानों द्वारा किया जाता है, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:
भारत के मुख्य न्यायाधीश; 5,000 रुपये प्रति माह
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश; 4,000 रुपये प्रति माह
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश; 4,000 रुपये प्रति माह
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश; 3,500 रुपये प्रति माह
2. इन वर्षों में उच्च मुद्रास्फीति और मूल्य वृद्धि के बावजूद, ये वेतन 1950 से स्थिर बने हुए हैं। 31 अगस्त और 1 सितंबर, 1985 को आयोजित राज्यों के मुख्य न्यायाधीशों, मुख्यमंत्रियों और विधि मंत्रियों के संयुक्त सम्मेलन में, अन्य बातों के अलावा, न्यायाधीशों की सेवा शर्तों में सुधार, उनके वेतन में वृद्धि सहित, पर चर्चा की गई और सिफारिशें की गईं, ताकि न केवल उन पर मुद्रास्फीति के दबाव को कम किया जा सके, बल्कि न्यायिक पदों पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित किया जा सके।
3. मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, न्यायाधीशों के वेतन में निम्नलिखित विवरण के अनुसार वृद्धि करने का प्रस्ताव है: भारत के मुख्य न्यायाधीश; 10,000 रुपये प्रति माह; सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश; 9,000 रुपये प्रति माह; उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश; 9,000 रुपये प्रति माह; उच्च न्यायालय के न्यायाधीश; 8,000 रुपये प्रति माह
4. यह विधेयक संविधान की द्वितीय अनुसूची के भाग 'डी' में संशोधन करके न्यायाधीशों के वेतन में उपरोक्त वृद्धि को प्रभावी बनाने और अनुच्छेद 125 एवं 221 में प्रावधान जोड़कर भविष्य में संसद द्वारा विधि द्वारा न्यायाधीशों के वेतन में परिवर्तन करने का प्रस्ताव करता है। भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम। भारत गणराज्य के सैंतीसवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नानुसार अधिनियमित किया जाता है:-
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम को संविधान (चौवनवाँ संशोधन) अधिनियम, 1986 कहा जा सकता है।
(2) यह 1 अप्रैल, 1986 को लागू हुआ माना जाएगा।
अनुच्छेद 125 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 125 में खंड (1) के स्थान पर निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
(1) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को ऐसा वेतन दिया जाएगा जैसा संसद द्वारा किसी कानून द्वारा निर्धारित किया जाए और जब तक इस संबंध में कोई प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक उन्हें द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट वेतन दिया जाएगा।
अनुच्छेद 221 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 221 में खंड (1) के स्थान पर निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
(1) प्रत्येक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को ऐसा वेतन दिया जाएगा जैसा संसद द्वारा किसी कानून द्वारा निर्धारित किया जाए तथा जब तक इस संबंध में कोई प्रावधान न किया जाए, तब तक द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट वेतन दिया जाएगा।
दूसरी अनुसूची का संशोधन
संविधान की दूसरी अनुसूची के भाग घ में,-
(क) अनुच्छेद 9 के उप-अनुच्छेद (1) में,-
(i) "5,000 रुपये" के अंक और शब्द के स्थान पर "10,000 रुपये" के अंक और शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ii) "4,000 रुपये" के अंक और शब्द के स्थान पर "9,000 रुपये" के अंक और शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ख) अनुच्छेद 10 के उप-अनुच्छेद (1) में,-
(i) "4,000 रुपये" के अंक और शब्द के स्थान पर "9,000 रुपये" के अंक और शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ii) "3,500 रुपये" के अंक और शब्द के स्थान पर "8,000 रुपये" के अंक और शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
