संविधान (5वाँ संशोधन) अधिनियम, 1955
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 3
उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के छठे वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:---
संक्षिप्त नाम
इस अधिनियम को संविधान (पांचवां संशोधन) अधिनियम, 1955 कहा जा सकता है।
अनुच्छेद 3 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 3 में परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
बशर्ते कि इस उद्देश्य से कोई विधेयक संसद के किसी भी सदन में राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, और यदि विधेयक में निहित प्रस्ताव प्रथम अनुसूची के भाग क या भाग ख में निर्दिष्ट किसी राज्य के क्षेत्र, सीमाओं या नाम को प्रभावित करता है, तो राष्ट्रपति द्वारा विधेयक को उस राज्य के विधानमंडल को उस पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए निर्दिष्ट अवधि के भीतर या राष्ट्रपति द्वारा अनुमत अतिरिक्त अवधि के भीतर संदर्भित किया गया हो, और इस प्रकार निर्दिष्ट या अनुमत अवधि समाप्त हो गई हो।
