संविधान (35वाँ संशोधन) अधिनियम, 1974
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 80
- 81
लेख सम्मिलित किए गए
- 2ए
कार्यक्रम प्रभावित हुए
- दसवीं अनुसूची
8 मई, 1973 को चोग्याल, सिक्किम की जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं और भारत सरकार के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के अनुसरण में और 11 मई, 1974 को आयोजित विधानसभा की बैठकों में सिक्किम विधानसभा के सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई सर्वसम्मत इच्छा के अनुसार...
उद्देश्यों और कारणों का कथन
संविधान (छत्तीसवाँ संशोधन) विधेयक, 1974 के साथ संलग्न उद्देश्यों और कारणों का विवरण, जिसे संविधान (पैंतीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1974 के रूप में अधिनियमित किया गया था।
8 मई, 1973 को चोग्याल, सिक्किम की जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं और भारत सरकार के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते और 11 मई, 1974 को हुई विधानसभा की बैठकों में सिक्किम विधानसभा के सदस्यों द्वारा सिक्किम में पूर्णतः उत्तरदायी सरकार की प्रगतिशील स्थापना और भारत के साथ इसके घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने की सर्वसम्मत इच्छा के अनुसरण में, सिक्किम विधानसभा ने सिक्किम सरकार विधेयक, 1974 पर विचार किया और इसे सर्वसम्मति से पारित किया। चोग्याल ने 4 जुलाई, 1974 को इस विधेयक को सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 के रूप में लागू किया। सिक्किम के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में तीव्र विकास के लिए, सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 की धारा 30 सिक्किम सरकार को अन्य बातों के अलावा, भारत की राजनीतिक संस्थाओं में सिक्किम की जनता की भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का अधिकार देती है। 28 जून, 1974 को सिक्किम सरकार विधेयक पारित करने के बाद, सिक्किम विधानसभा ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि अन्य बातों के अलावा, भारत की संसदीय प्रणाली में सिक्किम के लोगों के लिए प्रतिनिधित्व प्राप्त करने हेतु उपाय किए जाने चाहिए।
2. सिक्किम सरकार अधिनियम के लागू होने के बाद, सिक्किम के मुख्यमंत्री ने मुख्य कार्यकारी के माध्यम से भारत सरकार से औपचारिक अनुरोध किया था कि वह सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 और विधानसभा द्वारा पारित प्रस्तावों को प्रभावी बनाने के लिए और विशेष रूप से संसद में सिक्किम के लोगों के प्रतिनिधित्व के लिए कानूनी या संवैधानिक रूप से आवश्यक कदम उठाए।
3. सिक्किम की जनता की भारत-सिक्किम सहयोग एवं अंतर्संबंधों को सुदृढ़ करने की इच्छा को साकार करने के उद्देश्य से, यह विधेयक संविधान में संशोधन करके सिक्किम के संघ में शामिल होने की शर्तों एवं नियमों का प्रावधान करता है। ये शर्तें एवं नियम विधेयक के खंड 5 द्वारा संविधान में जोड़ी जाने वाली दसवीं अनुसूची में निर्धारित हैं। इस संबंध में भारत सरकार के उत्तरदायित्वों और राष्ट्रपति की शक्तियों का उल्लेख करने के अतिरिक्त, अनुसूची में सिक्किम को राज्य परिषद में एक सीट और लोकसभा में एक सीट आवंटित करने तथा सिक्किम विधानसभा के सदस्यों द्वारा राज्य परिषद और लोकसभा में सिक्किम के प्रतिनिधियों के चुनाव का प्रावधान है। सिक्किम की जनता की भारत-सिक्किम सहयोग एवं अंतर्संबंधों को सुदृढ़ करने की इच्छा को साकार करने हेतु भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम। भारत गणराज्य के पच्चीसवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नानुसार अधिनियमित किया जाता है:-
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम को संविधान (पैंतीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1974 कहा जा सकता है।
(2) यह ऐसी तिथि_667 से लागू होगा, जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
नए अनुच्छेद 2A का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 2 के बाद निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
2क. सिक्किम को संघ से संबद्ध किया जाएगा।- दसवीं अनुसूची में निर्दिष्ट क्षेत्रों से युक्त सिक्किम को उस अनुसूची में निर्धारित शर्तों के अनुसार संघ से संबद्ध किया जाएगा।
अनुच्छेद 80 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 80 में खंड (1) में, "राज्यों की परिषद" शब्दों के स्थान पर, "दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के प्रावधानों के अधीन, राज्यों की परिषद" शब्द और अंक प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
अनुच्छेद 81 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 81 में खंड (1) में, "अनुच्छेद 331 के प्रावधानों के अधीन" शब्दों और अंकों के स्थान पर "अनुच्छेद 331 और दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के प्रावधानों के अधीन" शब्द और अंक प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
दसवीं अनुसूची का जोड़ा जाना
संविधान की नौवीं अनुसूची के बाद निम्नलिखित अनुसूची जोड़ी जाएगी, अर्थात्:-
दसवीं अनुसूची [अनुच्छेद 2ए, 80(1) और 81(1)]
भाग अ – सिक्किम के क्षेत्र
1. सिक्किम.--- सिक्किम में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं, अर्थात्:-
सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 के लागू होने से ठीक पहले जो क्षेत्र सिक्किम में शामिल थे।
भाग बी – सिक्किम के संघ से जुड़ने के नियम एवं शर्तें
2. भारत सरकार की जिम्मेदारियां।-
(1) भारत सरकार-
(क) सिक्किम की रक्षा और क्षेत्रीय अखंडता तथा सिक्किम के राजनीतिक, आर्थिक या वित्तीय बाह्य संबंधों के संचालन और विनियमन के लिए वह पूरी तरह से जिम्मेदार होगा;
(ख) सिक्किम में रेलवे, हवाई अड्डों, लैंडिंग ग्राउंड और हवाई नौवहन सुविधाओं, डाक, तार, टेलीफोन और वायरलेस प्रतिष्ठानों के निर्माण, रखरखाव और उपयोग को विनियमित करने का अनन्य अधिकार होगा;
(ग) सिक्किम के आर्थिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करने और सुशासन सुनिश्चित करने तथा उसमें सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होगा;
(घ) भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों में सिक्किम के छात्रों के लिए तथा भारत की लोक सेवा (अखिल भारतीय सेवाओं सहित) में सिक्किम के लोगों के रोजगार के लिए भारत के नागरिकों के समकक्ष सुविधाएं प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होगा;
(ई) सिक्किम के लोगों की भारत की राजनीतिक संस्थाओं में भागीदारी और प्रतिनिधित्व के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होगा।
(2) इस अनुच्छेद में निहित प्रावधान किसी भी न्यायालय द्वारा लागू नहीं किए जा सकेंगे।
3. राष्ट्रपति द्वारा कुछ शक्तियों का प्रयोग।-
राष्ट्रपति सामान्य या विशेष आदेश द्वारा प्रावधान कर सकते हैं-
(क) भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए योजनाएँ तैयार करते समय सिक्किम के नियोजित विकास को भारत के योजना प्राधिकरण के दायरे में शामिल करने और ऐसे कार्य में सिक्किम के अधिकारियों को उचित रूप से शामिल करने के लिए;
(ख) सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 के तहत सिक्किम में या उसके संबंध में भारत सरकार को सौंपी गई या सौंपी जाने वाली सभी या किसी भी शक्ति के प्रयोग के लिए।
4. संसद में प्रतिनिधित्व.-इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी-
(क) सिक्किम को राज्य परिषद में एक सीट और लोकसभा में एक सीट आवंटित की जाएगी;
(ख) राज्य परिषद में सिक्किम के प्रतिनिधि का चुनाव सिक्किम विधानसभा के सदस्यों द्वारा किया जाएगा;
(ग) लोकसभा में सिक्किम के प्रतिनिधि का चुनाव प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा किया जाएगा, और इस उद्देश्य के लिए, संपूर्ण सिक्किम एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र होगा जिसे सिक्किम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र कहा जाएगा: बशर्ते कि संविधान (पैंतीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1974 के प्रारंभ में विद्यमान लोकसभा में सिक्किम के प्रतिनिधि का चुनाव सिक्किम विधानसभा के सदस्यों द्वारा किया जाएगा;
(घ) सिक्किम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक सामान्य मतदाता सूची होगी और प्रत्येक व्यक्ति जिसका नाम सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 के तहत किसी भी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है, सिक्किम संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की सामान्य मतदाता सूची में पंजीकृत होने का हकदार होगा;
(ई) कोई व्यक्ति राज्य परिषद या लोक सभा में सिक्किम का प्रतिनिधि बनने के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक वह सिक्किम विधानसभा में किसी सीट को भरने के लिए भी योग्य न हो और ऐसे किसी प्रतिनिधि के मामले में-
(i) अनुच्छेद 84 के खंड (क) को इस प्रकार लागू किया जाएगा मानो उसमें से "भारत का नागरिक है, और" शब्द हटा दिए गए हों;
(ii) अनुच्छेद 101 के खंड (3) को इस प्रकार लागू किया जाएगा मानो उपखंड (क) को उसमें से हटा दिया गया हो;
(iii) अनुच्छेद 102 के खंड (1) के उपखंड (घ) इस प्रकार लागू होंगे मानो उसमें से "भारत का नागरिक नहीं है, या" शब्द हटा दिए गए हों;
(iv) अनुच्छेद 103 लागू नहीं होगा;
(f) राज्य परिषद या लोकसभा में सिक्किम का प्रत्येक प्रतिनिधि, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव को छोड़कर, इस संविधान के सभी प्रयोजनों के लिए राज्य परिषद या लोकसभा का सदस्य माना जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे किसी प्रतिनिधि के मामले में, अनुच्छेद 101 का खंड (2) इस प्रकार लागू होगा मानो "राज्य के विधानमंडल का सदन" शब्दों के स्थान पर, दोनों स्थानों पर जहाँ वे आते हैं, और "राज्य का विधानमंडल" शब्दों के स्थान पर "सिक्किम विधानसभा" शब्द प्रतिस्थापित किए गए हों;
(जी) यदि सिक्किम का कोई प्रतिनिधि, जो राज्य परिषद या लोक सभा का सदस्य है, सिक्किम विधानसभा का सदस्य होने या राज्य परिषद या लोक सभा में सिक्किम का प्रतिनिधि होने के लिए किसी भी अयोग्यता के अधीन हो जाता है, तो राज्य परिषद या लोक सभा के सदस्य के रूप में उसका पद, जैसा भी मामला हो, तुरंत रिक्त हो जाएगा;
(h) यदि यह प्रश्न उठता है कि सिक्किम का कोई प्रतिनिधि, जो राज्य परिषद या लोकसभा का सदस्य है, इस अनुच्छेद के खंड (g) में उल्लिखित किसी अयोग्यता के अधीन हो गया है, तो यह प्रश्न राष्ट्रपति के निर्णय के लिए भेजा जाएगा और उनका निर्णय अंतिम होगा।
बशर्ते कि ऐसे किसी भी प्रश्न पर कोई निर्णय देने से पहले राष्ट्रपति चुनाव आयोग की राय प्राप्त करेंगे और उस राय के अनुसार कार्य करेंगे;
(i) सिक्किम के प्रतिनिधियों के इस अनुच्छेद के अंतर्गत संसद के चुनावों के संचालन हेतु मतदाता सूची तैयार करने का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण चुनाव आयोग में निहित होगा तथा अनुच्छेद 324 के खंड (2), (3), (4) और (6) के प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, ऐसे सभी चुनावों पर और उनके संबंध में लागू होंगे;
(j) संसद, इस अनुच्छेद के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, समय-समय पर विधि द्वारा संसद के किसी भी सदन के ऐसे चुनावों से संबंधित या उससे जुड़े सभी मामलों के संबंध में प्रावधान कर सकती है;
(k) संसद के किसी भी सदन के लिए हुए ऐसे किसी भी चुनाव पर तब तक प्रश्न नहीं उठाया जाएगा जब तक कि संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के तहत या उसके द्वारा निर्धारित किसी प्राधिकारी को और उस तरीके से चुनाव याचिका प्रस्तुत न की जाए।
स्पष्टीकरण .-इस अनुच्छेद में, "सिक्किम विधानसभा" अभिव्यक्ति का अर्थ सिक्किम सरकार अधिनियम, 1974 के तहत गठित सिक्किम विधानसभा होगा।
5. अनुसूची समझौतों आदि का उल्लंघन नहीं करेगी।
इस अनुसूची के प्रावधान सिक्किम में या उसके संबंध में भारत सरकार के पास किसी समझौते, अनुदान, प्रथा, सहनशीलता या अन्य वैध व्यवस्था के तहत प्राप्त या प्राप्त होने वाली किसी अन्य शक्ति, अधिकार, अधिकार और प्राधिकार के अतिरिक्त होंगे, न कि उनके उल्लंघन में।
