संविधान (22वाँ संशोधन) अधिनियम, 1969
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 275
लेख सम्मिलित किए गए
- 244ए
- 371बी
11 सितंबर, 1968 को भारत सरकार ने संविधान की छठी अनुसूची के अनुच्छेद 20 से जुड़े तालिका के भाग 'अ' में निर्दिष्ट कुछ क्षेत्रों को शामिल करते हुए असम राज्य के भीतर एक स्वायत्त राज्य के गठन की योजना का विस्तृत विवरण घोषित किया।
उद्देश्यों और कारणों का कथन
संविधान (बाईसवाँ संशोधन) विधेयक, 1968 (विधेयक संख्या 113, 1968) के साथ संलग्न उद्देश्यों और कारणों का विवरण, जिसे संविधान (बाईसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1969 के रूप में अधिनियमित किया गया था।
11 सितंबर, 1968 को भारत सरकार ने असम राज्य के भीतर एक स्वायत्त राज्य गठित करने की योजना का विस्तृत विवरण घोषित किया, जिसमें संविधान की छठी अनुसूची के अनुच्छेद 20 से जुड़े तालिका के भाग 'क' में निर्दिष्ट कुछ क्षेत्र शामिल होंगे। विधेयक के खंड 2 में संविधान में एक नया अनुच्छेद 244क जोड़ने का प्रस्ताव है, जिसके तहत संसद को स्वायत्त राज्य गठित करने के लिए कानून बनाने की आवश्यक विधायी शक्ति प्रदान की जाएगी और स्वायत्त राज्य को एक विधानमंडल और मंत्रिपरिषद प्रदान की जाएगी, जिनके अधिकार और कार्य उस कानून द्वारा परिभाषित किए जाएंगे।
विधेयक का खंड 3 अनुच्छेद 275 में कुछ विशेष अनुदानों के संबंध में परिणामी संशोधन करता है जो असम राज्य को उन क्षेत्रों के संबंध में देय हैं जो स्वायत्त राज्य का हिस्सा हो सकते हैं।
विधेयक के खंड 4 में असम विधान सभा की एक समिति के गठन का प्रावधान है, जिसमें उपर्युक्त आदिवासी क्षेत्रों से विधानसभा के सदस्य और योजना में परिकल्पित विधानसभा के कुछ अन्य सदस्य शामिल होंगे।
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के बीसवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:-
संक्षिप्त नाम
इस अधिनियम को संविधान (बाईसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1969 कहा जा सकता है।
नए अनुच्छेद 244A का अंतःस्थापन
संविधान के भाग X में अनुच्छेद 244 के बाद निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
244ए.
-असम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वायत्त राज्य का गठन और उसके लिए स्थानीय विधानमंडल या मंत्रिपरिषद या दोनों का गठन।-
(1) इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, संसद विधि द्वारा असम राज्य के भीतर एक स्वायत्त राज्य का गठन कर सकती है, जिसमें छठी अनुसूची के अनुच्छेद 20 से संलग्न तालिका के भाग अ में निर्दिष्ट सभी या कोई भी जनजातीय क्षेत्र (पूर्णतः या आंशिक रूप से) शामिल हों, और उसके लिए निम्नलिखित का सृजन कर सकती है:
(क) कोई निकाय, चाहे निर्वाचित हो या आंशिक रूप से मनोनीत और आंशिक रूप से निर्वाचित, जो स्वायत्त राज्य के लिए विधानमंडल के रूप में कार्य करे, या
(ख) मंत्रिपरिषद, या दोनों, प्रत्येक मामले में ऐसी संरचना, शक्तियां और कार्य, जैसा कि कानून में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) खंड (1) में निर्दिष्ट कोई भी विधि, विशेष रूप से,-
(क) राज्य सूची या समवर्ती सूची में सूचीबद्ध उन मामलों को निर्दिष्ट करना जिनके संबंध में स्वायत्त राज्य के विधानमंडल को उसके संपूर्ण या किसी भाग के लिए कानून बनाने का अधिकार होगा, चाहे असम राज्य के विधानमंडल को इससे बाहर रखा जाए या अन्यथा;
(ख) उन मामलों को परिभाषित करना जिनके संबंध में स्वायत्त राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होगा;
(ग) यह प्रावधान किया जाए कि असम राज्य द्वारा लगाया गया कोई भी कर स्वायत्त राज्य को आवंटित किया जाएगा, जहाँ तक उसकी आय स्वायत्त राज्य से संबंधित है;
(घ) यह प्रावधान किया जाए कि इस संविधान के किसी अनुच्छेद में किसी राज्य के संदर्भ को स्वायत्त राज्य के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा; और
(ई) ऐसे पूरक, आकस्मिक और परिणामी प्रावधान करना जो आवश्यक समझे जाएं।
(3) उपर्युक्त किसी कानून में संशोधन, जहां तक ऐसा संशोधन खंड (2) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) में निर्दिष्ट किसी मामले से संबंधित है, तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक कि संशोधन संसद के प्रत्येक सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित न हो जाए।
(4) इस अनुच्छेद में निर्दिष्ट कोई भी कानून अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए इस संविधान का संशोधन नहीं माना जाएगा, भले ही उसमें कोई ऐसा प्रावधान हो जो इस संविधान में संशोधन करता हो या संशोधन करने का प्रभाव रखता हो।
अनुच्छेद 275 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 275 में खंड (1) के बाद निम्नलिखित खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
"(1ए) अनुच्छेद 244ए के अधीन स्वायत्त राज्य के गठन के बाद से-
(i) खंड (1) के द्वितीय परंतुक के खंड (क) के अधीन देय कोई भी राशि, यदि स्वायत्त राज्य में उसमें निर्दिष्ट सभी जनजातीय क्षेत्र शामिल हैं, तो स्वायत्त राज्य को भुगतान की जाएगी, और यदि स्वायत्त राज्य में केवल कुछ जनजातीय क्षेत्र शामिल हैं, तो असम राज्य और स्वायत्त राज्य के बीच राष्ट्रपति द्वारा आदेश द्वारा निर्दिष्ट अनुसार विभाजित की जाएगी;
(ii) भारत की संचित निधि से स्वायत्त राज्य के राजस्व अनुदान के रूप में ऐसी विकास योजनाओं की लागत के समतुल्य राशि, पूंजीगत और आवर्ती, का भुगतान किया जाएगा, जो भारत सरकार की स्वीकृति से स्वायत्त राज्य द्वारा असम राज्य के शेष भाग के प्रशासन के स्तर तक उठाने के उद्देश्य से शुरू की गई हों।
नए अनुच्छेद 371B का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 371ए के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
371ख. असम राज्य के संबंध में विशेष प्रावधान।- इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रपति असम राज्य के संबंध में आदेश द्वारा राज्य की विधान सभा की एक समिति के गठन एवं कार्यों के लिए प्रावधान कर सकता है, जिसमें छठी अनुसूची के अनुच्छेद 20 से संलग्न तालिका के भाग क में निर्दिष्ट जनजातीय क्षेत्रों से निर्वाचित विधानसभा के सदस्य और विधानसभा के अन्य सदस्यों की ऐसी संख्या शामिल होगी, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया गया हो, और ऐसी समिति के गठन और उचित कार्यप्रणाली के लिए विधानसभा की कार्यप्रणाली में किए जाने वाले संशोधनों के लिए भी प्रावधान कर सकता है।
