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15 प्रविष्टियाँ
सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुन:स्थापन के लिए आवश्यक तथ्य
वे तथ्य, जो विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के स्पष्टीकरण या पुन:स्थापन के लिए आवश्यक है अथवा जो किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य द्वारा इंगित अनुमान का समर्थन या खण्डन करते है, अथवा जो किसी व्यक्ति या वस्तु का, जिसकी अनन्यता (परिचय / पहचान ) सुसंगत हो, अनन्यता स्थापित करते है, अथवा वह समय या स्थान स्थिर करते है, जब या…
पूरा पढ़ेंविवाद में उल्लिखित तथ्य या प्रासंगिक तथ्यों को स्पष्ट करने या प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक तथ्य।
किसी विवादित तथ्य या प्रासंगिक तथ्य को स्पष्ट करने या प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक तथ्य, या जो विवादित तथ्य या प्रासंगिक तथ्य द्वारा सुझाए गए निष्कर्ष का समर्थन या खंडन करते हैं, या जो किसी वस्तु या व्यक्ति की पहचान स्थापित करते हैं जिसकी पहचान प्रासंगिक है, या उस समय या स्थान को निर्धारित करते हैं जहां कोई विवादित…
पूरा पढ़ेंवे तथ्य जा अन्यथा सुसंगत नहीं है कब सुसंगत है
वे तथ्य, जो अन्यथा सुसंगत नहीं है, सुसंगत है - १)यदि वे किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य से असंगत है, २)यदि वे स्वयंमेव या अन्य तथ्यों के संसर्ग में किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य का अस्तित्व याअनस्तित्व अत्यंत अधिसम्भाव्य या अनधिसम्भाव्य बनाते है । दृष्टांत : क)प्रश्न यह है कि क्या ऐ ने किसी अमुक दिन कोलकाता में…
पूरा पढ़ेंजब अप्रासंगिक तथ्य प्रासंगिक हो जाते हैं।
जो तथ्य अन्यथा प्रासंगिक नहीं हैं, वे भी प्रासंगिक हैं-- (1) यदि वे किसी विवादित तथ्य या प्रासंगिक तथ्य के साथ असंगत हों; (2) यदि वे स्वयं या अन्य तथ्यों के साथ मिलकर किसी विवादित तथ्य या प्रासंगिक तथ्य के अस्तित्व या गैर-अस्तित्व को अत्यधिक संभावित या असंभावित बना दें। चित्र। (क) प्रश्न यह है कि क्या 'ए' ने…
पूरा पढ़ेंइलेक्ट्रॉनिक संदेशों के बारे में उपधारणा
न्यायालय यह उपधारित कर सकेगा कि प्रवर्तक द्वारा ऐसे प्रेषिती को किसी इलेक्ट्रॉनिक डाक परिसेवक के माध्यम से अग्रेषित कोई इलेक्ट्रॉनिक संदेश, जिसे ऐसे संदेश का संबोधित किया जाना तात्पर्यित है, उस संदेश के समरुप है, जो पारेषण के लिए उसके कम्प्यूटर में भरा गया था ; किन्तु न्यायालय, उस व्यक्ति के बारे में, जिसके द्वारा ऐसा…
पूरा पढ़ेंइलेक्ट्रॉनिक संदेशों के संबंध में अनुमान।
न्यायालय यह मान सकता है कि प्रेषक द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मेल सर्वर के माध्यम से प्राप्तकर्ता को भेजा गया इलेक्ट्रॉनिक संदेश, उसके कंप्यूटर में प्रेषण के लिए दर्ज किए गए संदेश से मेल खाता है; लेकिन न्यायालय यह अनुमान नहीं लगाएगा कि ऐसा संदेश किसने भेजा है।
पूरा पढ़ेंपेश न की गई दस्तावेजों के सम्यक् निष्पादन आदि के बारे में उपधारणा
न्यायालय उपधारित करेगा कि हर दस्तावेज, जिसे पेश करने की अपेक्षा की गई थी और जो पेश करने की सूचना के पश्चात् पे नहीं की गई है, विधि द्वारा अपेक्षित प्रकार से अनुप्रमाणित, स्टांपित और निष्पादित की गई थी ।
पूरा पढ़ेंधारा 91: प्रस्तुत न किए गए दस्तावेजों के उचित निष्पादन आदि के बारे में अनुमान
91. न्यायालय यह मान लेगा कि प्रत्येक दस्तावेज़, जिसे मांगा गया था और पेश करने की सूचना के बाद भी प्रस्तुत नहीं किया गया था, कानून द्वारा आवश्यक तरीके से सत्यापित, मोहरबंद और निष्पादित किया गया था।
पूरा पढ़ेंतीस वर्ष पुरानी दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
जहाँ कि कोई दस्तावेज, जिसका तीस वर्ष पुरानी होना तात्पर्यित है या साबित किया गया है, ऐसी किसी अभिरक्षा में से, जिसे न्यायालय उस विशिष्ट मामले में उचित समझता है, पेश की गई है, वहाँ न्यायालय यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर और उसका हर अन्य भाग, जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति के हस्तलेख में होना तात्पर्यित…
पूरा पढ़ेंतीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के संबंध में अनुमान।
यदि कोई दस्तावेज, जो तीस वर्ष पुराना प्रतीत होता है या सिद्ध हो चुका है, किसी ऐसी अभिरक्षा से प्रस्तुत किया जाता है जिसे न्यायालय विशेष मामले में उचित समझता है, तो न्यायालय यह मान सकता है कि उस दस्तावेज पर मौजूद हस्ताक्षर और अन्य सभी भाग, जो किसी विशेष व्यक्ति की लिखावट में प्रतीत होते हैं, उसी व्यक्ति की लिखावट में…
पूरा पढ़ेंपाँच वर्षीय पुराने इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के बारे में उपधारणा
जहाँ कोई इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, जिसका पाँच वर्ष पुराना होना तात्पर्यित है या साबित किया गया है, ऐसी किसी अभिरक्षा से जिसे न्यायालय उस विशिष्ट मामले में उचित समझता है पेश किया गया है, वहाँ न्यायालय, यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसा इलेक्ट्रॉनिक चिन्हक, जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति का इलेक्ट्रॉनिक चिन्हक होना तात्पर्यित है, उसके…
पूरा पढ़ेंइलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के संबंध में अनुमान पांच वर्ष पुराना है।
जहां कोई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, जो पांच वर्ष पुराना प्रतीत होता है या सिद्ध हो चुका है, किसी ऐसी अभिरक्षा से प्रस्तुत किया जाता है जिसे न्यायालय विशेष मामले में उचित समझता है, तो न्यायालय यह मान सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर जो किसी विशेष व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होने का दावा करता है, वह उसी व्यक्ति द्वारा…
पूरा पढ़ेंदस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों तथा संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबंधनों का साक्ष्य
जब कि किसी संविदा के, या अनुदान के, या संपत्ति के किसी अन्य व्ययन के निबंधन दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध कर लिए गए हों, तब, तथा उन सब दशाओं में जिनमें विधि द्वारा यह अपेक्षित है कि कोई बात दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध की जाए, ऐसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के अन्य व्ययन के निबंधनों के, या ऐसी बात के, सबूत में स्वयं उस…
पूरा पढ़ेंअनुबंधों, अनुदानों और संपत्ति के अन्य निपटानों की शर्तों के साक्ष्य को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज किया जाता है।
जब किसी अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के किसी अन्य निपटान की शर्तों को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज किया गया हो, और उन सभी मामलों में जिनमें कानून द्वारा किसी मामले को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज करना आवश्यक हो, तो ऐसे अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के अन्य निपटान की शर्तों या ऐसे मामले के प्रमाण में दस्तावेज़ के अलावा कोई साक्ष्य…
पूरा पढ़ेंमौखिक करार के साक्ष्य का अपवर्जन (रोकना / हटाया जाना)
जबकि किसी ऐसी संविदा, अनुदान या सम्पत्ति के अन्य व्ययन के निबंधनों को, या किसी बात को, जिनके बारे में विधि द्वारा अपेक्षित है कि वह दस्तावेज के रुप में लेखबद्ध की जाए, अंतिम पिछली धारा के अनुसार साबित किया जा चुका हो, तब ऐसी किसी लिखित के पक्षकारों या उनके हित प्रतिनिधियों के बीच के किसी मौखिक करार या कथन का कोई भी…
पूरा पढ़ेंमौखिक समझौते के साक्ष्य को अस्वीकार करना।
जब किसी ऐसे अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के अन्य निपटान की शर्तें, या कानून द्वारा दस्तावेज के रूप में दर्ज किए जाने योग्य कोई भी मामला, धारा 94 के अनुसार सिद्ध हो गया हो, तो किसी भी मौखिक समझौते या कथन का कोई भी साक्ष्य, ऐसे किसी भी दस्तावेज के पक्षों या उनके हित प्रतिनिधियों के बीच, उसकी शर्तों का खंडन करने, बदलने,…
पूरा पढ़ेंसंदिग्धार्थ दस्तावेज को स्पष्ट करने या उसका संशोधन करने के साक्ष्य का अपवर्जन (रोकना / हटाया जाना)
जबकि किसी दस्तावेज में प्रयुक्त भाषा देखते ही संदिग्धार्थ या त्रुटिपूर्ण है, तब उन तथ्यों का साक्ष्य नहीं दिया जा सकेगा, जो उनका अर्थ दर्शित या उसकी त्रुटियों की पूर्ति कर दें । दृष्टांत : क) बी को ऐ १००० रुपयों या १५०० रुपयों में एक घोडा बेचने का लिखित करार करता है । यह दर्शित करने के लिए कि कौन-सा मूल्य दिया जाना…
पूरा पढ़ेंअस्पष्ट दस्तावेज़ को स्पष्ट करने या उसमें संशोधन करने के लिए साक्ष्य को बाहर रखना।
जब किसी दस्तावेज़ में प्रयुक्त भाषा स्पष्ट रूप से अस्पष्ट या दोषपूर्ण हो, तो ऐसे तथ्यों के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सकते जो उसके अर्थ को स्पष्ट कर सकें या उसकी कमियों को दूर कर सकें। चित्र। (क) ए लिखित रूप में बी को एक घोड़ा "एक लाख रुपये या एक लाख पचास हजार रुपये" में बेचने के लिए सहमत होता है। यह साबित करने के…
पूरा पढ़ेंविद्यमान तथ्यों को दस्तावेज लागू होने के विरुद्ध साक्ष्य का अपवर्जन
जबकि दस्तावेज में प्रयुक्त भाषा स्वयं स्पष्ट हो और जबकि वह विद्यमान तथ्यों को ठीक-ठीक लागू होती हो, तब यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य नहीं दिया जा सकेगा कि वह ऐसे तथ्यों को लागू होने के लिए अभिप्रेत नहीं थी । दृष्टांत : बी को ऐ रामपुर में १०० बीघे वाली मेरी सम्पदा विलेख द्वारा बेचता है । ऐ के पास रामपुर में १०० बीघे…
पूरा पढ़ेंमौजूदा तथ्यों पर दस्तावेज़ के लागू होने के विरुद्ध साक्ष्य को अस्वीकार करना।
जब किसी दस्तावेज़ में प्रयुक्त भाषा अपने आप में स्पष्ट हो, और जब वह मौजूदा तथ्यों पर सटीक रूप से लागू होती हो, तो यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया जा सकता कि वह भाषा ऐसे तथ्यों पर लागू होने के लिए अभिप्रेत नहीं थी। चित्रण। A विलेख द्वारा B को "रामपुर स्थित अपनी एक सौ बीघा की संपत्ति" बेचता है। A की रामपुर…
पूरा पढ़ेंविद्यमान तथ्यों के संदर्भ में अर्थहीन दस्तावेज के बारे में साक्ष्य
जबकि दस्तावेज में प्रयुक्त भाषा स्वयं स्पष्ट हो, किन्तु विद्यमान तथ्यों के संदर्भ में अर्थहीन हो, तो यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा , कि वह एक विशिष्ट भाव में प्रयुक्त की गई थी । दृष्टांत : बी को ऐ मेरा कोलकाता का गृह विलेख द्वारा बेचता है । ऐ का कोलकता में कोई गृह नहीं था किन्तु यह प्रतीत होता है कि उसका…
पूरा पढ़ेंमौजूदा तथ्यों के संदर्भ में दस्तावेज़ का कोई अर्थ नहीं है, इस संबंध में साक्ष्य।
जब किसी दस्तावेज़ में प्रयुक्त भाषा अपने आप में स्पष्ट हो, लेकिन मौजूदा तथ्यों के संदर्भ में अर्थहीन हो, तो यह दिखाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं कि इसका प्रयोग एक विशिष्ट अर्थ में किया गया था। चित्रण। ए ने विलेख द्वारा बी को "कोलकाता स्थित अपना मकान" बेच दिया। ए का कोलकाता में कोई मकान नहीं था, लेकिन ऐसा…
पूरा पढ़ेंउस भाषा में लागू होने के बारे में साक्ष्य जो कई व्यकियों में से केवल एक को लागू हो सकती है
जबकि तथ्य ऐसे है कि प्रयुक्त भाषा कई व्यकियों या चीजों में से किसी एक को लागू होने के लिए अभिप्रेत हो सकती थी तथा एक से अधिक को लागू होने के लिए अभिप्रेत नहीं हो सकती थी, तब उन तथ्यों का साक्ष्य दिया जा सकेगा जो यह दर्शित करते है कि उन व्यकियों या चीजों में से किसको लागू होने के लिए वह आशयित थी । दृष्टांत : क)ऐ, १०००…
पूरा पढ़ेंऐसे साक्ष्य जो यह दर्शाते हैं कि भाषा का प्रयोग अनेक व्यक्तियों में से केवल एक पर ही लागू हो सकता है।
जब तथ्य ऐसे हों कि प्रयुक्त भाषा किसी एक व्यक्ति या वस्तु पर लागू हो सकती थी, और एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं पर लागू नहीं हो सकती थी, तो ऐसे तथ्यों के साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं जो यह दर्शाते हैं कि यह भाषा किन व्यक्तियों या वस्तुओं पर लागू होने के लिए अभिप्रेत थी। चित्र। (a) A, B को एक हजार रुपये में अपना…
पूरा पढ़ेंतथ्यों के दो संवर्गों में से जिनमें से किसी एक को भी वह भाषा पूरी की पूरी ठिक-ठिक लागू नहीं होती, उसमें से एक को भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्य
जबकि प्रयुक्त भाषा भागत: विद्यमान तथ्यों के एक संवर्ग को और भागत: विद्यमान तथ्यों के अन्य सवंर्ग को लागू होती है, किन्तु वह पूरी की पूरी दोनों में से किसी एक को भी ठीक-ठीक लागू नहीं होती, तब यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा कि वह दोनों में से किसको लागू होने के लिए अभिप्रेत थी । दृष्टांत : बी को मेरी एक्स…
पूरा पढ़ेंदो तथ्यों के समूहों में से किसी एक पर भाषा के प्रयोग के संबंध में साक्ष्य, जिनमें से किसी पर भी संपूर्ण रूप से यह लागू नहीं होता है।
जब प्रयुक्त भाषा आंशिक रूप से मौजूदा तथ्यों के एक समूह पर और आंशिक रूप से मौजूदा तथ्यों के दूसरे समूह पर लागू होती है, लेकिन पूरी तरह से दोनों में से किसी पर भी सही ढंग से लागू नहीं होती है, तो यह दिखाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं कि यह दोनों में से किस पर लागू होने के लिए थी। चित्रण A, B को "Y के कब्जे…
पूरा पढ़ेंन पढी जा सकने वाली लिपि आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्य
ऐसी लिपि का, जो पढी न जा सके या सामान्यत: समझी न जाती हो, विदेशी, अप्रचलित, पारिभाषिक, स्थानिक और प्रांतीय शब्द प्रयोगों का, संक्षेपाक्षरों का और विशिष्ट भाव में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा । दृष्टांत : एक मुर्तिकार, ऐ मेरी सभी प्रतिमाएँ बी को बेचने का करार करता है । ऐ के पार…
पूरा पढ़ेंअस्पष्ट अक्षरों आदि के अर्थ के संबंध में साक्ष्य।
अस्पष्ट या सामान्यतः समझ में न आने वाले अक्षरों, विदेशी, अप्रचलित, तकनीकी, स्थानीय और क्षेत्रीय अभिव्यक्तियों, संक्षिप्ताक्षरों और विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ को दर्शाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं। चित्रण। एक मूर्तिकार, A, B को अपने सभी मॉड्स बेचने के लिए सहमत हो जाता है। A के पास मॉडल और…
पूरा पढ़ेंदस्तावेज के निबंधनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन ले सकेगा
वे व्यक्ति जो किसी दस्तावेज के पक्षकार या उनके हित प्रतिनिधि नहीं है, ऐसे किन्हीं भी तथ्यों का साक्ष्य दे सकेंगे, जो दस्तावेज के निबंधनों ेमं फेरफार करने वाले किसी समकालीन करार को दर्शित करने की प्रवृत्ति रखते हों । दृष्टांत : ऐ और बी लिखित संविदा करते है कि ऐ को कुछ कपास बी बेचेगा जिसके लिए संदाय कपास के परिदान किए…
पूरा पढ़ेंकौन इस बात का सबूत दे सकता है कि समझौते में दस्तावेज़ की शर्तों में बदलाव किया गया है।
जो व्यक्ति किसी दस्तावेज़ के पक्षकार नहीं हैं, या उनके हितधारक प्रतिनिधि, ऐसे किसी भी तथ्य के साक्ष्य दे सकते हैं जो दस्तावेज़ की शर्तों में परिवर्तन करने वाले समकालीन समझौते को दर्शाने की प्रवृत्ति रखते हों। चित्रण। A और B के बीच लिखित अनुबंध होता है कि B, A को एक निश्चित मात्रा में कपास बेचेगा, जिसका भुगतान डिलीवरी…
पूरा पढ़ें- IEA §9BSA §7
सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुन:स्थापन के लिए आवश्यक तथ्य
विवाद में उल्लिखित तथ्य या प्रासंगिक तथ्यों को स्पष्ट करने या प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक तथ्य।
- IEA §11BSA §9
वे तथ्य जा अन्यथा सुसंगत नहीं है कब सुसंगत है
जब अप्रासंगिक तथ्य प्रासंगिक हो जाते हैं।
- IEA §88ABSA §90
इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के बारे में उपधारणा
इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के संबंध में अनुमान।
- IEA §89BSA §91
पेश न की गई दस्तावेजों के सम्यक् निष्पादन आदि के बारे में उपधारणा
धारा 91: प्रस्तुत न किए गए दस्तावेजों के उचित निष्पादन आदि के बारे में अनुमान
- IEA §90BSA §92
तीस वर्ष पुरानी दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के संबंध में अनुमान।
- IEA §90ABSA §93
पाँच वर्षीय पुराने इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के बारे में उपधारणा
इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के संबंध में अनुमान पांच वर्ष पुराना है।
- IEA §91BSA §94
दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों तथा संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबंधनों का साक्ष्य
अनुबंधों, अनुदानों और संपत्ति के अन्य निपटानों की शर्तों के साक्ष्य को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज किया जाता है।
- IEA §92BSA §95
मौखिक करार के साक्ष्य का अपवर्जन (रोकना / हटाया जाना)
मौखिक समझौते के साक्ष्य को अस्वीकार करना।
- IEA §93BSA §96
संदिग्धार्थ दस्तावेज को स्पष्ट करने या उसका संशोधन करने के साक्ष्य का अपवर्जन (रोकना / हटाया जाना)
अस्पष्ट दस्तावेज़ को स्पष्ट करने या उसमें संशोधन करने के लिए साक्ष्य को बाहर रखना।
- IEA §94BSA §97
विद्यमान तथ्यों को दस्तावेज लागू होने के विरुद्ध साक्ष्य का अपवर्जन
मौजूदा तथ्यों पर दस्तावेज़ के लागू होने के विरुद्ध साक्ष्य को अस्वीकार करना।
- IEA §95BSA §98
विद्यमान तथ्यों के संदर्भ में अर्थहीन दस्तावेज के बारे में साक्ष्य
मौजूदा तथ्यों के संदर्भ में दस्तावेज़ का कोई अर्थ नहीं है, इस संबंध में साक्ष्य।
- IEA §96BSA §99
उस भाषा में लागू होने के बारे में साक्ष्य जो कई व्यकियों में से केवल एक को लागू हो सकती है
ऐसे साक्ष्य जो यह दर्शाते हैं कि भाषा का प्रयोग अनेक व्यक्तियों में से केवल एक पर ही लागू हो सकता है।
- IEA §97BSA §100
तथ्यों के दो संवर्गों में से जिनमें से किसी एक को भी वह भाषा पूरी की पूरी ठिक-ठिक लागू नहीं होती, उसमें से एक को भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्य
दो तथ्यों के समूहों में से किसी एक पर भाषा के प्रयोग के संबंध में साक्ष्य, जिनमें से किसी पर भी संपूर्ण रूप से यह लागू नहीं होता है।
- IEA §98BSA §101
न पढी जा सकने वाली लिपि आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्य
अस्पष्ट अक्षरों आदि के अर्थ के संबंध में साक्ष्य।
- IEA §99BSA §102
दस्तावेज के निबंधनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन ले सकेगा
कौन इस बात का सबूत दे सकता है कि समझौते में दस्तावेज़ की शर्तों में बदलाव किया गया है।
