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20 प्रविष्टियाँ
परिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंबेईमानी से''।
जो कोई भी किसी व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाने या किसी अन्य व्यक्ति को अनुचित हानि पहुंचाने के इरादे से कोई कार्य करता है, उसे वह कार्य "बेईमानी" से किया गया कहा जाता है।
पूरा पढ़ेंऐसा अपराध जिसमें किसी विशेष इरादे या जानकारी की आवश्यकता होती है और जिसे नशे की हालत में किसी व्यक्ति द्वारा किया जाता है।
जिन मामलों में कोई कार्य किसी विशेष ज्ञान या इरादे के बिना अपराध नहीं माना जाता, उन मामलों में, यदि कोई व्यक्ति नशे की अवस्था में वह कार्य करता है, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा मानो उसे वही ज्ञान हो जो उसे नशे की अवस्था में न होने पर होता, बशर्ते कि उसे नशा कराने वाली वस्तु उसकी जानकारी के बिना या उसकी इच्छा के…
पूरा पढ़ेंधारा 86 - किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्ता में है, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित है
किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्ता में है, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित है उन दशाओं में, जहां कि कोई किया गया कार्य अपराध नहीं होता जब तक कि वह किसी विशिष्ट ज्ञान या आशय से न किया गया हो, कोई व्यक्ति, जो वह कार्य मत्ता की हालत में करता है, इस प्रकार बरते जाने के दायित्व के अधीन होगा मानो उसे…
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 246 - कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी सिक्के पर कोई ऐसी क्रिया करेगा, जिससे उस सिक्के का वजन कम हो जाए या उसका मिश्रण परिवर्तित हो जाए वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने से भी…
पूरा पढ़ेंनकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
जो कोई भी सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी भी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी करता है, या जानबूझकर जालसाजी की प्रक्रिया के किसी भी भाग को अंजाम देता है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।…
पूरा पढ़ेंधारा 248 - इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए जो कोई किसी सिक्के पर इस आशय से कि वह सिक्का भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए, कोई ऐसी क्रिया करेगा, जिससे उस सिक्के का रूप परिवर्तित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी,…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 240 - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था जो कोई अपने पास कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का होते हुए, जो भारतीय सिक्के की कूटकॄति हो और जिसे वह उस समय, जब वह उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह भारतीय सिक्के की कूटकॄति है, कपटपूर्वक, या इस आशय से कि कपट किया जाए, उसे किसी व्यक्ति को परिदत्त…
पूरा पढ़ेंअसली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
जो कोई भी जाली या नकली सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का आयात या निर्यात करता है, या उसे बेचता है या वितरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदता है या प्राप्त करता है, या अन्यथा उसका व्यापार करता है या उसे असली मानकर उपयोग करता है, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि वह जाली या नकली है, उसे आजीवन…
पूरा पढ़ेंधारा 241 - किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था
किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था जो कोई किसी दूसरे व्यक्ति को कोई ऐसा कूटकॄत सिक्का, जिसका कूटकॄत होना वह जानता हो, किन्तु जिसका वह उस समय, जब उसने उसे अपने कब्जे में लिया, कूटकॄत होना नहीं जानता था, असली सिक्के…
पूरा पढ़ेंजाली या नकली सिक्के, सरकारी मुहर, करेंसी नोट या बैंक नोट अपने पास रखना।
जिसके पास भी कोई जाली या नकली सिक्का, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट हो, और वह जानता हो या उसे यह मानने का कारण हो कि वह जाली या नकली है तथा उसका उपयोग असली के रूप में करने का इरादा रखता हो या यह मानता हो कि उसका उपयोग असली के रूप में किया जा सकता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या…
पूरा पढ़ेंधारा 242 - कूटकॄत सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उस समय उसका कूटकॄत होना जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
कूटकॄत सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उस समय उसका कूटकॄत होना जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था जो कोई ऐसे कूटकॄत सिक्के को, जिसे वह उस समय, जब वह सिक्का उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह कूटकॄत है, कपटपूर्वक या इस आशय से कि कपट किया जाए, कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि…
पूरा पढ़ेंजाली या नकली सिक्के, सरकारी मुहर, करेंसी नोट या बैंक नोट अपने पास रखना।
जिसके पास भी कोई जाली या नकली सिक्का, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट हो, और वह जानता हो या उसे यह मानने का कारण हो कि वह जाली या नकली है तथा उसका उपयोग असली के रूप में करने का इरादा रखता हो या यह मानता हो कि उसका उपयोग असली के रूप में किया जा सकता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या…
पूरा पढ़ेंधारा 243 - भारतीय सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उसका कूटकॄत होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
भारतीय सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उसका कूटकॄत होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था जो कोई ऐसे कूटकॄत सिक्के को, जो 2[भारतीय सिक्के] की कूटकॄति है और जिसे वह उस समय, जब वह सिक्का उसके कब्जे में आया था, जानता था कि वह 2[भारतीय सिक्के] की कूटकॄति है, कपटपूर्वक, या इस आशय से कि कपट किया जाए, कब्जो में…
पूरा पढ़ेंटकसाल में कार्यरत वह व्यक्ति जो कानून द्वारा निर्धारित वजन या संरचना से भिन्न वजन या संरचना वाले सिक्के बनाता है।
भारत में विधिवत स्थापित किसी भी टकसाल में कार्यरत कोई भी व्यक्ति, यदि जानबूझकर ऐसा कोई कार्य करता है या अपने कानूनी दायित्व का उल्लंघन करता है जिससे उस टकसाल से जारी किए गए किसी भी सिक्के का वजन या संरचना कानून द्वारा निर्धारित वजन या संरचना से भिन्न हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास की सजा दी जाएगी जो सात वर्ष तक…
पूरा पढ़ेंधारा 244 - टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के को उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है
टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के को उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है जो कोई भारत में विधिपूर्वक स्थापित किसी टकसाल में से नियोजित होते हुए इस आशय से कोई कार्य करेगा, या उस कार्य का लोप करेगा, जिसे करने के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो कि उस टकसाल से प्रचालित कोई सिक्का विधि द्वारा…
पूरा पढ़ेंटकसाल से सिक्का ढलाई उपकरण को गैरकानूनी रूप से ले जाना।
जो कोई भी वैधानिक अधिकार के बिना, भारत में वैध रूप से स्थापित किसी भी टकसाल से कोई सिक्का बनाने का उपकरण या यंत्र बाहर ले जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि सात वर्ष तक हो सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 245 - टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना जो कोई भारत में विधिपूर्वक स्थापित किसी टकसाल में से सिक्का बनाने के किसी औजार या उपकरण को विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना बाहर निकाल लाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंकिसी अपराध के संबंध में झूठी जानकारी देना।
जो कोई भी, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि कोई अपराध किया गया है, उस अपराध के संबंध में कोई ऐसी जानकारी देता है जिसे वह जानता है या मानता है कि वह झूठी है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। स्पष्टीकरण। —धारा 238 और 239 में तथा इस धारा…
पूरा पढ़ेंधारा 203 - किए गए अपराध के विषय में मिथ्या इत्तिला देना
किए गए अपराध के विषय में मिथ्या इत्तिला देना जो कोई यह जानते हुए, या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए, कि कोई अपराध किया गया है उस अपराध के बारे में कोई ऐसी इत्तिला देगा, जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों…
पूरा पढ़ेंकिसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत होने से रोकने के लिए उसे नष्ट करना।
जो कोई भी किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को छुपाता है या नष्ट करता है जिसे उसे किसी न्यायालय में या किसी लोक सेवक के समक्ष विधिवत आयोजित किसी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए विधिवत बाध्य किया जा सकता है, या ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के पूरे या किसी भाग को मिटा देता है या…
पूरा पढ़ेंधारा 204 - साक्ष्य के रूप में किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का पेश किया जाना निवारित करने के लिए उसको नष्ट करना
साक्ष्य के रूप में किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का पेश किया जाना निवारित करने के लिए उसको नष्ट करना जो कोई किसी ऐसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को छिपाएगा या नष्ट करेगा जिसे किसी न्यायालय में या ऐसी कार्यवाही में, जो किसी लोक सेवक के समक्ष उसकी वैसी हैसियत में विधिपूर्वक की गई है, साक्ष्य के रूप में पेश…
पूरा पढ़ेंकिसी मुकदमे या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के उद्देश्य से झूठी पहचान प्रस्तुत करना।
जो कोई भी किसी दूसरे व्यक्ति का झूठा प्रतिरूपण करता है, और उस आद्यरूप में कोई स्वीकारोक्ति या बयान देता है, या किसी फैसले को स्वीकार करता है, या कोई कानूनी प्रक्रिया जारी करवाता है, या जमानतदार या ज़मानतदार बनता है, या किसी मुकदमे या आपराधिक अभियोग में कोई अन्य कार्य करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष…
पूरा पढ़ेंधारा 205 - वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपण
वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपण जो कोई किसी दूसरे का मिथ्या प्रतिरूपण करेगा और ऐसे धरे हुए रूप में किसी वाद या आपराधिक अभियोजन में कोई स्वीकॄति या कथन करेगा, या दावे की संस्वीकॄति करेगा, या कोई आदेशिका निकलवाएगा या जमानतदार या प्रतिभू बनेगा, या कोई भी अन्य कार्य करेगा, वह…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति को जब्त होने से बचाने के लिए, चाहे वह ज़ब्त की गई हो या कानूनी कार्यवाही के तहत, उसे कपटपूर्ण तरीके से हटाना या छिपाना।
जो कोई भी कपटपूर्वक किसी संपत्ति या उसमें निहित किसी हित को हटाता है, छुपाता है, हस्तांतरित करता है या किसी व्यक्ति को सौंपता है, इस इरादे से कि वह उस संपत्ति या उसमें निहित हित को किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनाए गए या सुनाए जाने की संभावना वाले फैसले के तहत ज़ब्ती या जुर्माने की वसूली के रूप में…
पूरा पढ़ेंधारा 206 - संपत्ति को समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना
संपत्ति को समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना जो कोई किसी संपत्ति को, या उसमें के किसी हित को इस आशय से कपटपूर्वक हटाएगा, छिपाएगा या किसी व्यक्ति को अंतरित या परिदत्त करेगा, कि एतद्द्वारा वह उस संपत्ति या उसमें के किसी हित का ऐसे दंडादेश के अधीन…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति की कुर्की या निष्पादन से बचने के लिए उस पर कपटपूर्ण दावा करना।
जो कोई भी कपटपूर्वक किसी संपत्ति या उसमें निहित किसी हित को स्वीकार करता है, प्राप्त करता है या उस पर दावा करता है, यह जानते हुए कि उसे ऐसी संपत्ति या हित पर कोई अधिकार या वैध दावा नहीं है, या किसी संपत्ति या उसमें निहित किसी हित पर किसी अधिकार के संबंध में कोई छल करता है, इस इरादे से कि उस संपत्ति या उसमें निहित हित…
पूरा पढ़ेंधारा 207 - संपत्ति पर उसके समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावा
संपत्ति पर उसके समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावा जो कोई किसी संपत्ति को, या उसमें के किसी हित को, यह जानते हुए कि ऐसी किसी संपत्ति या हित पर उसका कोई अधिकार या अधिकारपूर्ण दावा नहीं है, कपटपूर्वक प्रतिगॄहीत करेगा, प्राप्त करेगा या उस पर दावा करेगा अथवा किसी…
पूरा पढ़ेंधोखाधड़ी से उस राशि के लिए डिक्री प्राप्त करना जो देय नहीं है।
जो कोई भी किसी व्यक्ति के मुकदमे में, किसी ऐसी राशि के लिए जो देय नहीं है या उस व्यक्ति को देय राशि से अधिक राशि के लिए, या किसी ऐसी संपत्ति या संपत्ति में हित के लिए जिसका वह व्यक्ति हकदार नहीं है, अपने विरुद्ध कपटपूर्वक कोई निर्णय या आदेश पारित करवाता है या होने देता है, या किसी ऐसे निर्णय या आदेश को निष्पादित…
पूरा पढ़ेंधारा 208 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य न हो कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना
ऐसी राशि के लिए जो शोध्य न हो कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना जो कोई किसी व्यक्ति के बाद में ऐसी राशि के लिए, जो ऐसे व्यक्ति को शोध्य न हो या शोध्य राशि से अधिक हो, या किसी ऐसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका ऐसा व्यक्ति हकदार न हो, अपने विरुद्ध कोई डिक्री या आदेश कपटपूर्वक पारित करवाएगा, या पारित किया…
पूरा पढ़ेंअदालत में बेईमानी से झूठे दावे करना।
जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से, या किसी व्यक्ति को हानि पहुँचाने या परेशान करने के इरादे से, न्यायालय में ऐसा कोई दावा करता है जिसे वह जानता है कि वह झूठा है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 209 - बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना
बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से या किसी व्यक्ति को क्षति या क्षोभ कारित करने के आशय से न्यायालय में कोई ऐसा दावा करेगा, जिसका मिथ्या होना वह जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंधारा 247. ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना ।
247. जो कोई किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी राशि के लिए, जो शोध्य न हो, या जो शोध्य राशि से अधिक हो, या किसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका वह हकदार न हो, डिक्री या आदेश कपटपूर्वक अभिप्राप्त कर लेगा या किसी डिक्री या आदेश को, उसके तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् या ऐसी बात के लिए, जिसके विषय में उस डिक्री या…
पूरा पढ़ेंधारा 210 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना
ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना जो कोई किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी राशि के लिए, जो शोध्य न हो, या जो शोध्य राशि से अधिक हो, या किसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका वह हकदार न हो, डिक्री या आदेश कपटपूर्वक अभिप्राप्त कर लेगा या किसी डिक्री या आदेश को, उसके तुष्ट कर दिए जाने…
पूरा पढ़ेंधारा 248. क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप ।
248. जो कोई किसी व्यक्ति को यह जानते हुए कि उस व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही या आरोप के लिए कोई न्यायसंगत या विधिपूर्ण आधार नहीं है क्षति कारित करने कै आशय से उस व्यक्ति के विरूद्ध कोई दांडिक कार्यवाही संस्थित करेगा या करवाएगा या उस व्यक्ति पर मिथ्या आरोप लगाएगा कि उसने अपराध किया है-- (क) वह दोनों में से किसी…
पूरा पढ़ेंधारा 211 - क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप
क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप जो कोई किसी व्यक्ति को यह जानते हुए कि उस व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही या आरोप के लिए कोई न्यायसंगत या विधिपूर्ण आधार नहीं है क्षति कारित करने के आशय से उस व्यक्ति के विरुद्ध कोई दांडिक कार्यवाही संस्थित करेगा या करवाएगा या उस व्यक्ति पर मिथ्या आरोप लगाएगा कि उसने अपराध…
पूरा पढ़ेंधारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
249. जब कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा-- (क) यदि वह अपराध मृत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो…
पूरा पढ़ेंधारा 212 - अपराधी को संश्रय देना
अपराधी को संश्रय देना जबकि कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा ; यदि अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो - यदि वह अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति…
पूरा पढ़ें- BNS §2(7)IPC §24
परिभाषाएँ।
बेईमानी से''।
- BNS §24IPC §86
ऐसा अपराध जिसमें किसी विशेष इरादे या जानकारी की आवश्यकता होती है और जिसे नशे की हालत में किसी व्यक्ति द्वारा किया जाता है।
धारा 86 - किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्ता में है, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित है
- BNS §178(5)IPC §246
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 246 - कपटपूर्वक या बेईमानी से सिक्के का वजन कम करना या मिश्रण परिवर्तित करना
- BNS §178(6)IPC §248
नकली सिक्के, सरकारी डाक टिकट, करेंसी नोट या बैंक नोट बनाना।
धारा 248 - इस आशय से किसी सिक्के का रूप परिवर्तित करना कि वह भिन्न प्रकार के सिक्के के रूप में चल जाए
- BNS §179IPC §240
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 240 - उस भारतीय सिक्के का परिदान जिसका कूटकॄत होना कब्जे में आने के समय ज्ञात था
- BNS §179IPC §241
असली, जाली या नकली सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट के रूप में उपयोग करना।
धारा 241 - किसी सिक्के का असली सिक्के के रूप में परिदान, जिसका परिदान करने वाला उस समय जब वह उसके कब्जे में पहली बार आया था, कूटकॄत होना नहीं जानता था
- BNS §180IPC §242
जाली या नकली सिक्के, सरकारी मुहर, करेंसी नोट या बैंक नोट अपने पास रखना।
धारा 242 - कूटकॄत सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उस समय उसका कूटकॄत होना जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
- BNS §180IPC §243
जाली या नकली सिक्के, सरकारी मुहर, करेंसी नोट या बैंक नोट अपने पास रखना।
धारा 243 - भारतीय सिक्के पर ऐसे व्यक्ति का कब्जा जो उसका कूटकॄत होना उस समय जानता था जब वह उसके कब्जे में आया था
- BNS §187IPC §244
टकसाल में कार्यरत वह व्यक्ति जो कानून द्वारा निर्धारित वजन या संरचना से भिन्न वजन या संरचना वाले सिक्के बनाता है।
धारा 244 - टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के को उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है
- BNS §188IPC §245
टकसाल से सिक्का ढलाई उपकरण को गैरकानूनी रूप से ले जाना।
धारा 245 - टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
- BNS §240IPC §203
किसी अपराध के संबंध में झूठी जानकारी देना।
धारा 203 - किए गए अपराध के विषय में मिथ्या इत्तिला देना
- BNS §241IPC §204बदलाव हुआ
किसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत होने से रोकने के लिए उसे नष्ट करना।
धारा 204 - साक्ष्य के रूप में किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का पेश किया जाना निवारित करने के लिए उसको नष्ट करना
- BNS §242IPC §205
किसी मुकदमे या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के उद्देश्य से झूठी पहचान प्रस्तुत करना।
धारा 205 - वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपण
- BNS §243IPC §206बदलाव हुआ
संपत्ति को जब्त होने से बचाने के लिए, चाहे वह ज़ब्त की गई हो या कानूनी कार्यवाही के तहत, उसे कपटपूर्ण तरीके से हटाना या छिपाना।
धारा 206 - संपत्ति को समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना
- BNS §244IPC §207
संपत्ति की कुर्की या निष्पादन से बचने के लिए उस पर कपटपूर्ण दावा करना।
धारा 207 - संपत्ति पर उसके समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावा
- BNS §245IPC §208
धोखाधड़ी से उस राशि के लिए डिक्री प्राप्त करना जो देय नहीं है।
धारा 208 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य न हो कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना
- BNS §246IPC §209
अदालत में बेईमानी से झूठे दावे करना।
धारा 209 - बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना
- BNS §247IPC §210
धारा 247. ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना ।
धारा 210 - ऐसी राशि के लिए जो शोध्य नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना
- BNS §248IPC §211बदलाव हुआ
धारा 248. क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप ।
धारा 211 - क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप
- BNS §249IPC §212
धारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
धारा 212 - अपराधी को संश्रय देना
