TM Act 151अध्याय XIII · Miscellaneous
धारा 151 · अध्याय 12 के कतिपय विषयों की बाबत व्यावृत्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
अध्याय 12 की किसी बात में-
(क) किसी व्यक्ति को किसी वाद या अन्य कार्यवाही से छूट नहीं मिलेगी जो, यदि उस अध्याय में ऐसी कोई बात न होती तो उसके विरुद्ध लाई जा सकती थी; या
(ख) किसी व्यक्ति को यह हक नहीं होगा कि वह किसी वाद या अन्य कार्यवाही में पूर्ण प्रकटीकरण करने या किसी प्रश्न या परिप्रश्न का उत्तर देने से इंकार कर दे, किंतु ऐसा प्रकटीकरण या उत्तर इस अध्याय के अधीन या सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 (1962 का 52) की धारा 112 के खंड (ज) के संबंध में, जो उस अधिनियम की धारा 111 के खंड (घ) के अधीन माल के अधिहरण से संबंधित है और माल के आयात से संबंधित व्यापार चिह्न के संरक्षण के लिए उसकी धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (ढ) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित है, किसी अपराध के लिए किसी अभियोजन में ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य में ग्राह्य नहीं होगा ; या
(ग) यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि भारत में निवासी मालिक का कोई सेवक, जिसने ऐसे मालिक के अनुदेशों के पालन में सद्भावपूर्वक कार्य किया है और अभियोजन द्वारा या उसकी ओर से मांग की जाने पर अपने मालिक के संबंध में और उन अनुदेशों के संबंध में, जो उसे अपने मालिक से मिले थे, पूरी जानकारी दे दी है, उससे किसी अभियोजन या दंड के दायित्वाधीन हो जाए ।
(क) किसी व्यक्ति को किसी वाद या अन्य कार्यवाही से छूट नहीं मिलेगी जो, यदि उस अध्याय में ऐसी कोई बात न होती तो उसके विरुद्ध लाई जा सकती थी; या
(ख) किसी व्यक्ति को यह हक नहीं होगा कि वह किसी वाद या अन्य कार्यवाही में पूर्ण प्रकटीकरण करने या किसी प्रश्न या परिप्रश्न का उत्तर देने से इंकार कर दे, किंतु ऐसा प्रकटीकरण या उत्तर इस अध्याय के अधीन या सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 (1962 का 52) की धारा 112 के खंड (ज) के संबंध में, जो उस अधिनियम की धारा 111 के खंड (घ) के अधीन माल के अधिहरण से संबंधित है और माल के आयात से संबंधित व्यापार चिह्न के संरक्षण के लिए उसकी धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (ढ) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित है, किसी अपराध के लिए किसी अभियोजन में ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य में ग्राह्य नहीं होगा ; या
(ग) यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि भारत में निवासी मालिक का कोई सेवक, जिसने ऐसे मालिक के अनुदेशों के पालन में सद्भावपूर्वक कार्य किया है और अभियोजन द्वारा या उसकी ओर से मांग की जाने पर अपने मालिक के संबंध में और उन अनुदेशों के संबंध में, जो उसे अपने मालिक से मिले थे, पूरी जानकारी दे दी है, उससे किसी अभियोजन या दंड के दायित्वाधीन हो जाए ।
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