PE Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "उम्मीदवार" से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसे सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी गई है और इसमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे सार्वजनिक परीक्षा में उसकी ओर से लेखक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है;
(ख) "संचार उपकरण" का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( ह ) में दिया गया है;
(ग) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य केंद्रीय सरकार के उस मंत्रालय या विभाग से है जो सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण के प्रशासनिक रूप से संबंधित है;
(घ) "कंप्यूटर नेटवर्क", "कंप्यूटर संसाधन" और "कंप्यूटर सिस्टम" के वही अर्थ होंगे जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( जे ), ( के ) और ( एल ) में क्रमशः दिए गए हैं;
(ई) "सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" में वे सभी प्रक्रियाएं, कार्यविधियां और गतिविधियां शामिल होंगी, जिन्हें सार्वजनिक परीक्षा के संचालन के लिए अपनाया जाना निर्धारित किया जा सकता है;
(f) "संस्था" से तात्पर्य किसी भी एजेंसी, संगठन, निकाय, व्यक्तियों के संघ, व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व वाली फर्म से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण और ऐसे प्राधिकरण द्वारा नियुक्त सेवा प्रदाता के अलावा हो।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि "कंपनी" में कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2003) की धारा 2 के खंड ( 20 ) में परिभाषित कंपनी; या सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 (7 ऑफ 2009) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( n ) में परिभाषित सीमित देयता भागीदारी फर्म शामिल है;
(जी) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(h) "संगठित अपराध" से तात्पर्य किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा अनुचित साधनों का प्रयोग करके, मिलीभगत और षड्यंत्र में, सार्वजनिक परीक्षा के संबंध में अनुचित लाभ के लिए साझा हित को आगे बढ़ाने या बढ़ावा देने के लिए की गई गैरकानूनी गतिविधि से है;
(i) "सेवा प्रदाता से संबद्ध व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो ऐसे सेवा प्रदाता के लिए या उसकी ओर से सेवाएं प्रदान करता है, चाहे ऐसा व्यक्ति ऐसे सेवा प्रदाता का कर्मचारी हो, एजेंट हो या सहायक कंपनी हो, जैसा भी मामला हो;
(j) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(k) "सार्वजनिक परीक्षा" से तात्पर्य अनुसूची में निर्दिष्ट सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा से है, या ऐसे किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा आयोजित परीक्षा से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है;
(एल) "सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचना द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन हेतु निर्दिष्ट प्राधिकरण से है;
(m) "सार्वजनिक परीक्षा केंद्र" से तात्पर्य ऐसे परिसर से है, जिसे सेवा प्रदाता द्वारा या अन्यथा सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए चुना गया हो और जिसमें अन्य बातों के अलावा कोई विद्यालय, कंप्यूटर केंद्र, संस्था, कोई भवन या उसका भाग शामिल हो सकता है और इसमें उसकी संपूर्ण परिधि और उससे सटी हुई भूमि शामिल होगी जिसका उपयोग सुरक्षा और सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन से संबंधित अन्य कारणों के लिए किया जा सकता है; और
(n) "सेवा प्रदाता" से तात्पर्य किसी भी एजेंसी, संगठन, निकाय, व्यक्तियों के संघ, व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व वाली फर्म से है, जिसमें उसके सहयोगी, उपठेकेदार और किसी भी कंप्यूटर संसाधन या किसी भी सामग्री के समर्थन प्रदाता शामिल हैं, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जिसे सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए नियुक्त किया गया है।
(2) यहाँ प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो परिभाषित नहीं हैं तथा किसी अन्य कानून के अधीन परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उन कानूनों में उन्हें दिया गया है।
(क) "उम्मीदवार" से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसे सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी गई है और इसमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे सार्वजनिक परीक्षा में उसकी ओर से लेखक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है;
(ख) "संचार उपकरण" का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( ह ) में दिया गया है;
(ग) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य केंद्रीय सरकार के उस मंत्रालय या विभाग से है जो सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण के प्रशासनिक रूप से संबंधित है;
(घ) "कंप्यूटर नेटवर्क", "कंप्यूटर संसाधन" और "कंप्यूटर सिस्टम" के वही अर्थ होंगे जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (21 ऑफ 2000) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( जे ), ( के ) और ( एल ) में क्रमशः दिए गए हैं;
(ई) "सार्वजनिक परीक्षा का संचालन" में वे सभी प्रक्रियाएं, कार्यविधियां और गतिविधियां शामिल होंगी, जिन्हें सार्वजनिक परीक्षा के संचालन के लिए अपनाया जाना निर्धारित किया जा सकता है;
(f) "संस्था" से तात्पर्य किसी भी एजेंसी, संगठन, निकाय, व्यक्तियों के संघ, व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व वाली फर्म से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण और ऐसे प्राधिकरण द्वारा नियुक्त सेवा प्रदाता के अलावा हो।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि "कंपनी" में कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2003) की धारा 2 के खंड ( 20 ) में परिभाषित कंपनी; या सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 (7 ऑफ 2009) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड ( n ) में परिभाषित सीमित देयता भागीदारी फर्म शामिल है;
(जी) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(h) "संगठित अपराध" से तात्पर्य किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा अनुचित साधनों का प्रयोग करके, मिलीभगत और षड्यंत्र में, सार्वजनिक परीक्षा के संबंध में अनुचित लाभ के लिए साझा हित को आगे बढ़ाने या बढ़ावा देने के लिए की गई गैरकानूनी गतिविधि से है;
(i) "सेवा प्रदाता से संबद्ध व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो ऐसे सेवा प्रदाता के लिए या उसकी ओर से सेवाएं प्रदान करता है, चाहे ऐसा व्यक्ति ऐसे सेवा प्रदाता का कर्मचारी हो, एजेंट हो या सहायक कंपनी हो, जैसा भी मामला हो;
(j) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(k) "सार्वजनिक परीक्षा" से तात्पर्य अनुसूची में निर्दिष्ट सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा से है, या ऐसे किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा आयोजित परीक्षा से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है;
(एल) "सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचना द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन हेतु निर्दिष्ट प्राधिकरण से है;
(m) "सार्वजनिक परीक्षा केंद्र" से तात्पर्य ऐसे परिसर से है, जिसे सेवा प्रदाता द्वारा या अन्यथा सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए चुना गया हो और जिसमें अन्य बातों के अलावा कोई विद्यालय, कंप्यूटर केंद्र, संस्था, कोई भवन या उसका भाग शामिल हो सकता है और इसमें उसकी संपूर्ण परिधि और उससे सटी हुई भूमि शामिल होगी जिसका उपयोग सुरक्षा और सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन से संबंधित अन्य कारणों के लिए किया जा सकता है; और
(n) "सेवा प्रदाता" से तात्पर्य किसी भी एजेंसी, संगठन, निकाय, व्यक्तियों के संघ, व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व वाली फर्म से है, जिसमें उसके सहयोगी, उपठेकेदार और किसी भी कंप्यूटर संसाधन या किसी भी सामग्री के समर्थन प्रदाता शामिल हैं, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जिसे सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने के लिए नियुक्त किया गया है।
(2) यहाँ प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो परिभाषित नहीं हैं तथा किसी अन्य कानून के अधीन परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उन कानूनों में उन्हें दिया गया है।
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