NIA Act 11अध्याय IV · Special Courts
धारा 11 · केंद्र सरकार को सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालयों के रूप में नामित करने का अधिकार है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
11. केंद्र सरकार की शक्ति 1 [सत्र न्यायालयों को] विशेष न्यायालयों के रूप में नामित करने की। -- (1) 2 [केंद्र सरकार, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अनुसूचित अपराधों के परीक्षण के लिए, एक या एक से अधिक सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालय के रूप में नामित करेगी] ऐसे क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए, या ऐसे मामले या मामलों के वर्ग या समूह के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
3 [ स्पष्टीकरण.- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "उच्च न्यायालय" अभिव्यक्ति से तात्पर्य उस राज्य के उच्च न्यायालय से है जिसमें विशेष न्यायालय के रूप में नामित सत्र न्यायालय कार्यरत है।]
(2) यदि किसी विशेष न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के संबंध में कोई प्रश्न उठता है, तो उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जिसका निर्णय इस मामले में अंतिम होगा।
4 * * * * *
(8) संदेह दूर करने के लिए, यह प्रावधान किया जाता है कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट सत्र न्यायालय के सत्र न्यायाधीश द्वारा, उस सेवा में लागू नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने से, विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उनकी निरंतरता प्रभावित नहीं होगी और नियुक्ति प्राधिकारी केंद्रीय सरकार के परामर्श से आदेश द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि वह किसी निर्दिष्ट तिथि तक या उनके समक्ष मामले या मामलों के परीक्षण के पूरा होने तक न्यायाधीश के रूप में बने रहेंगे, जो भी पहले हो।
8 [(9) जब किसी क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए एक से अधिक विशेष न्यायालय नामित किए जाते हैं, तो सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश उनके बीच कार्य का वितरण करेंगे।]
3 [ स्पष्टीकरण.- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "उच्च न्यायालय" अभिव्यक्ति से तात्पर्य उस राज्य के उच्च न्यायालय से है जिसमें विशेष न्यायालय के रूप में नामित सत्र न्यायालय कार्यरत है।]
(2) यदि किसी विशेष न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के संबंध में कोई प्रश्न उठता है, तो उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जिसका निर्णय इस मामले में अंतिम होगा।
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(8) संदेह दूर करने के लिए, यह प्रावधान किया जाता है कि उपधारा (1) में निर्दिष्ट सत्र न्यायालय के सत्र न्यायाधीश द्वारा, उस सेवा में लागू नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने से, विशेष न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उनकी निरंतरता प्रभावित नहीं होगी और नियुक्ति प्राधिकारी केंद्रीय सरकार के परामर्श से आदेश द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि वह किसी निर्दिष्ट तिथि तक या उनके समक्ष मामले या मामलों के परीक्षण के पूरा होने तक न्यायाधीश के रूप में बने रहेंगे, जो भी पहले हो।
8 [(9) जब किसी क्षेत्र या क्षेत्रों के लिए एक से अधिक विशेष न्यायालय नामित किए जाते हैं, तो सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश उनके बीच कार्य का वितरण करेंगे।]
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