NCTE Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "नियुक्त दिवस" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद की स्थापना की तिथि से है;
(ख) "अध्यक्ष" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन नियुक्त परिषद के अध्यक्ष से है;
(ग) "परिषद" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से है;
(घ) "परीक्षा निकाय" से तात्पर्य किसी विश्वविद्यालय, एजेंसी या प्राधिकरण से है जिससे कोई संस्था शिक्षक शिक्षा योग्यताओं की परीक्षा आयोजित करने के लिए संबद्ध है;
(ई) "संस्था" से तात्पर्य ऐसी संस्था से है जो शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण प्रदान करती है;
1 [(प्रत्येक) "स्थानीय प्राधिकरण" से तात्पर्य नगर निगम, नगर समिति, नगर परिषद, जिला परिषद, जिला बोर्ड या नगर पंचायत या पंचायत, या अन्य प्राधिकरण (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए), जो विधिवत रूप से किसी नगरपालिका या स्थानीय निधि के नियंत्रण या प्रबंधन का हकदार हो, या जिसे सरकार द्वारा यह नियंत्रण या प्रबंधन सौंपा गया हो;]
(f) "सदस्य" से तात्पर्य परिषद के सदस्य से है तथा इसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल हैं;
(जी) "सदस्य-सचिव" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (सी) के अधीन नियुक्त परिषद के सदस्य-सचिव से है;
(h) “निर्धारित” से तात्पर्य धारा 31 के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(i) "मान्यता प्राप्त संस्था" से तात्पर्य परिषद द्वारा धारा 14 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त संस्था से है;
(j) "क्षेत्रीय समिति" से तात्पर्य धारा 20 के अधीन स्थापित समिति से है;
(k) "विनियम" से तात्पर्य धारा 32 के अधीन बनाए गए विनियमों से है;
2 [(क) "विद्यालय" से तात्पर्य किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय से है जो पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा प्रदान करता हो, या वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा प्रदान करने वाले महाविद्यालय से है, और इसमें शामिल हैं--
(i) केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्थापित, स्वामित्व और नियंत्रित विद्यालय;
(ii) कोई विद्यालय जो केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से अपने खर्चों के पूरे या आंशिक हिस्से को पूरा करने के लिए सहायता या अनुदान प्राप्त करता है;
(iii) ऐसा विद्यालय जिसे केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से अपने खर्चों के पूर्ण या आंशिक निर्वहन के लिए कोई सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं होता है;]
(एल) "शिक्षक शिक्षा" से तात्पर्य पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तरों पर विद्यालयों में पढ़ाने के लिए व्यक्तियों को सुसज्जित करने हेतु शिक्षा, अनुसंधान या प्रशिक्षण के कार्यक्रमों से है, और इसमें गैर-औपचारिक शिक्षा, अंशकालिक शिक्षा, वयस्क शिक्षा और पत्राचार शिक्षा शामिल है;
(m) "शिक्षक शिक्षा योग्यता" से तात्पर्य इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी विश्वविद्यालय या परीक्षा निकाय द्वारा प्रदान की गई शिक्षक शिक्षा में डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण पत्र से है;
(n) "विश्वविद्यालय" से तात्पर्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 (3 ऑफ 1956) की धारा 2 के खंड (एफ) के तहत परिभाषित विश्वविद्यालय से है, और इसमें उस अधिनियम की धारा 3 के तहत विश्वविद्यालय माना जाने वाला संस्थान भी शामिल है;
(ओ) "उपाध्यक्ष" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (ख) के अधीन नियुक्त परिषद के उपाध्यक्ष से है।
(क) "नियुक्त दिवस" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद की स्थापना की तिथि से है;
(ख) "अध्यक्ष" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन नियुक्त परिषद के अध्यक्ष से है;
(ग) "परिषद" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से है;
(घ) "परीक्षा निकाय" से तात्पर्य किसी विश्वविद्यालय, एजेंसी या प्राधिकरण से है जिससे कोई संस्था शिक्षक शिक्षा योग्यताओं की परीक्षा आयोजित करने के लिए संबद्ध है;
(ई) "संस्था" से तात्पर्य ऐसी संस्था से है जो शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण प्रदान करती है;
1 [(प्रत्येक) "स्थानीय प्राधिकरण" से तात्पर्य नगर निगम, नगर समिति, नगर परिषद, जिला परिषद, जिला बोर्ड या नगर पंचायत या पंचायत, या अन्य प्राधिकरण (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए), जो विधिवत रूप से किसी नगरपालिका या स्थानीय निधि के नियंत्रण या प्रबंधन का हकदार हो, या जिसे सरकार द्वारा यह नियंत्रण या प्रबंधन सौंपा गया हो;]
(f) "सदस्य" से तात्पर्य परिषद के सदस्य से है तथा इसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल हैं;
(जी) "सदस्य-सचिव" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (सी) के अधीन नियुक्त परिषद के सदस्य-सचिव से है;
(h) “निर्धारित” से तात्पर्य धारा 31 के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(i) "मान्यता प्राप्त संस्था" से तात्पर्य परिषद द्वारा धारा 14 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त संस्था से है;
(j) "क्षेत्रीय समिति" से तात्पर्य धारा 20 के अधीन स्थापित समिति से है;
(k) "विनियम" से तात्पर्य धारा 32 के अधीन बनाए गए विनियमों से है;
2 [(क) "विद्यालय" से तात्पर्य किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय से है जो पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा प्रदान करता हो, या वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा प्रदान करने वाले महाविद्यालय से है, और इसमें शामिल हैं--
(i) केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्थापित, स्वामित्व और नियंत्रित विद्यालय;
(ii) कोई विद्यालय जो केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से अपने खर्चों के पूरे या आंशिक हिस्से को पूरा करने के लिए सहायता या अनुदान प्राप्त करता है;
(iii) ऐसा विद्यालय जिसे केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से अपने खर्चों के पूर्ण या आंशिक निर्वहन के लिए कोई सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं होता है;]
(एल) "शिक्षक शिक्षा" से तात्पर्य पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तरों पर विद्यालयों में पढ़ाने के लिए व्यक्तियों को सुसज्जित करने हेतु शिक्षा, अनुसंधान या प्रशिक्षण के कार्यक्रमों से है, और इसमें गैर-औपचारिक शिक्षा, अंशकालिक शिक्षा, वयस्क शिक्षा और पत्राचार शिक्षा शामिल है;
(m) "शिक्षक शिक्षा योग्यता" से तात्पर्य इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी विश्वविद्यालय या परीक्षा निकाय द्वारा प्रदान की गई शिक्षक शिक्षा में डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण पत्र से है;
(n) "विश्वविद्यालय" से तात्पर्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 (3 ऑफ 1956) की धारा 2 के खंड (एफ) के तहत परिभाषित विश्वविद्यालय से है, और इसमें उस अधिनियम की धारा 3 के तहत विश्वविद्यालय माना जाने वाला संस्थान भी शामिल है;
(ओ) "उपाध्यक्ष" से तात्पर्य धारा 3 की उपधारा (4) के खंड (ख) के अधीन नियुक्त परिषद के उपाध्यक्ष से है।
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